बस्ती: बहुचर्चित पोखरभिटवा मामले में कोतवाल पर गिरी गाज| बस्ती कोतवाल रामपाल यादव को सस्पेंड कर दिया गया है। साथ ही आशिक मिजाज सब इंस्पेक्टर दीपक सिंह को भी सस्पेंड कर दिया गया है। एसपी हेमराज मीना ने की कार्यवाही।
पीडित परिवार ने राज्य महिला आयोग व मुख्मयंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर लगायी थी न्याय की गुहार। पीडित युवती ने दरोगा पर फर्जी मुकदमे मे फंसाने का लगाया था आरोप। बस्ती जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र के पोखर भिटवा गाँव में आईजी बस्ती अनिल कुमार, मंडलायुक्त अनिल सागर, डीएम सौम्या अग्रवाल सहित अन्य लोग मौजूद।
आरोपों की जांच करने शनिवार सुबह टीम गांव में पहुंच गई। कमिश्नर अनिल कुमार सागर, आईजी अनिल कुमार राय, डीएम सौम्या अग्रवाल और एसपी हेमराज मीणा की मौजूदगी में गांव वालों का बयान दर्ज किया जा रहा है।
एडीजी गोरखपुर अखिल कुमार ने बताया कि प्रमुख सचिव गृह के निर्देश पर जांच कराई जा रही है। शाम तक इसकी रिपोर्ट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने प्रस्तुत किया जाएगा। गांव में स्थित जूनियर हाई स्कूल में यह कार्रवाई चल रही है। मौके पर पांच थानों की फोर्स के अलावा कई क्षेत्राधिकारी मौजूद हैं। भारी प्रशासनिक अमला गांव में पहुंचने से ग्रामीण सहमे हुए हैं।
गांव की एक युवती ने राष्ट्रीय महिला आयोग व मुख्यमंत्री से इस मामले की शिकायत करते हुए अपने परिवार की रक्षा की गुहार लगाई है। लड़की के मुताबिक लॉकडाउन के दौरान वह बुआ के लड़के के साथ बाइक से दवा लेने जा रही थी। इसी दौरान कोतवाली क्षेत्र के सोनूपार पुलिस चौकी इंचार्ज दीपक सिंह ने चेकिंग के नाम पर बाइक रोकी।
मास्क न पहनने पर फटकार लगाई और लड़की से उसका मोबाइल नंबर मांगा। लड़की ने भाई का मोबाइल नंबर दे दिया तो चौकी इंचार्ज ने जोर देकर उसका मोबाइल नंबर मांग कर अश्लील मैसेज भेजने लगा।
आरोप है कि नंबर ब्लॉक करने के बाद दारोगा ने गांव में विपक्षियों के साथ मिलकर उसके परिवार के खिलाफ चार-चार मुकदमे दर्ज कर दिए। जबकि पुलिस का कहना है कि पट्टीदारों से जमीनी विवाद की सूचना पर पुलिस गांव में गई थी। युवती के परिवार वालों ने हमला कर दिया था।
सहित अन्य लोग मौजूद।