बस्ती: उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले के साऊंघाट विकास खंड से समाजवादी पार्टी की ब्लाक प्रमुख उम्मीदवार डॉ. रेनू भारती ने नामांकन से रोके जाने पर कोर्ट में जाने की चेतावनी दी है| पुरानी बस्ती स्थित अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत में कहा कि आठ जून को नामांकन कक्ष में ले जाने के बजाए पुलिस और भाजपा के कार्यकर्ताओं ने मुझे सांऊघाट ब्लाक के कमरे में बंद कर दिया और जब नामांकन का समय समाप्त हो गया तो बाहर निकाला|
डॉ.रेनू ने आरोप लगाया कि इससके बाद गिरफ्तार कर मुंडेरवा थाने ले जाया गया और मेरे साथ तमाम तरह के जुल्म किए गए| ब्लाक प्रमुख चुनाव के दौरान उसके साथ सत्ता के इशारे पर भाजपा कार्यकर्ताओं व पुलिस प्रशासन ने मेरे परिवार और समर्थकों के ऊपर काफी जुल्म ढाए कहा कि मैं एमबीबीएस की छात्रा हूं, इस समय इंटर्नशिप कर रही हैं।
दलित की बेटी होने के नाते सत्ता पक्ष के लोगों के इशारे पर प्रताड़ित किया गया जबकि मेरे पिता दूधराम महादेवा से विधायक रह चुके हैं| माता लता देवी जिला पंचायत की अध्यक्ष थी वह धमौरा से क्षेत्र पंचायत सदस्य चुनी गई हूं। मुझे बड़ी संख्या में क्षेत्र पंचायत सदस्यों का समर्थन प्राप्त था सांऊघाट ब्लाक से प्रमुख पद से नामाकंन करने गई तो मुझे पुलिस के लोगों ने ब्लाक में बंद कर दिया, जिससे नामांकन नहीं कर पाई।
वहीं, सत्ता के इशारे पर उसके साथ साजिश रच कर छह जुलाई को एफआईआर करा दिया गया। जबकि उस दिन वह अपने लखनऊ स्थित एरा मेडिकल कालेज के हास्टल में थी। पुलिस गिरफ्तारी के दौरान मेरे साथ अभद्रता किया और कोई भी महिला पुलिस कर्मी तैनात नहीं किया गया यह सरकार महिलाओं के अधिकार का हनन कर रही है। मेरा नामांकन नहीं हो पााया जिसको न्यायालय में जांऊगी और महिला व मानवाधिकार आयोग को इस पूरी घटना को अवगता कराऊंगी जिससे भविष्य किसी महिला के साथ इस तरह से लोक तंत्र की हत्या न कर सके|