बस्ती: एक सफाई कर्मी की सोच किसी प्रेरणा से कम नहीं है, स्वच्छ भारत मिशन के सपने को साकार करने के लिए उसने अपने स्तर से अथक प्रयास कर रहा है| गार्वेज फ्री इण्डिया बनाने के लिए उसने अपने तैनाती गांव में प्लास्टिक कचरे एकत्रित करना शुरू किया था, जी हाँ, सफाई कर्मी सूरज चक्रवर्ती, जो कि वर्तमान में विकास खण्ड --बहादुरपुर के ग्राम पंचायत -शेखपुरा में तैनात है|
सफाई कर्मी सूरज की तैनाती जहाँ भी हुईं, वह अपने साफ -सफाई के कार्यों के साथ -साथ प्लास्टिक कचरे भी एकत्रित करता है और कचरे की बिक्री से मिली धनराशि को ग्राम निधि, पंचायत ओ. यस. आर में जमा करने के साथ -साथ गरीबो की मदद भी करता है| तैनाती गावों में ग्रामीणों द्वारा फेंके गये सिंगल यूज़ प्लास्टिक एवं पालीथीन की मदद से महात्मा गाँधी की प्रतिमा, वृक्ष का फाण्डेशन,प्लास्टिक की बोतलों से इंटरलाकिन सड़क एवं प्लास्टिक के पेड़, आदि बना कर लोगों को प्लास्टिक कचरे से पर्यावरण संरक्षण का भी सन्देश दिया, और तालाब की सफाई से ईंटो को एकत्रित कर गरमी में पशु -पक्षियों के लिए मिनी जलाशय एवं राहगीरों के बैठने के लिए बेंच बना दिया|
सूरज ने वर्तमान तैनाती ग्राम पंचायत -शेखपुरा में भी प्लास्टिक कचरे एकत्रित करने का कार्य जारी है, वहाँ भी अब तक प्लास्टिक कचरे एकत्रित कर उससे मिली धनराशि रू 500/-से अधिक गांव के विकास हेतु ग्राम निधि खाते में जमा कर चुका है|
गांव से कुछ प्लास्टिक एवं अन्य कचरे एकत्रित थे जिसे बेचकर सूरज ने प्लास्टिक की पाइप की मदद से गांव में राजकुमार के घर के सामने बने कुएं में कनेक्शन कर दिया, जिससे बारिश में छत का पानी कुएं में जाता रहे और वाटर रीचार्ज हो, क्योंकि पानी पर हम विचार नहीं कर रहे हैं केवल खर्च करते जा रहे है ऐसा निश्चित है कि आने वाले कल में जल संकठ खड़ा होगा| हमें अभी से जागना होगा | ग्रामीण उसके कार्य की प्रशंसा कर रहे है, उसने बताया अभी अन्य कुछ जगह पर भी वाटर हार्वेस्टिंग का विचार है !अन्य लोगों को भी सफाई कर्मी सूरज चक्रवर्ती से प्रेरणा लेनी चाहिए. !!
रिपोर्ट- शिव कुमार चौधरी