बस्ती: पूरे कुनबे सहित पूर्व मंत्री राम प्रसाद चौधरी के आधा दर्जन शस्त्र लाइसेंस निरस्त| राम प्रसाद चौधरी के रिवाल्वर राइफल, बेटे कविंद्र अतुल चौधरी के रिवाल्वर राइफल, पत्नी कपूरा देवी के रिवाल्वर राइफल को जिला मजिस्ट्रेट ने निरस्त करने की संस्तुति की| मुकदमों का हवाला दे कर गई कार्यवाही| सपा नेता राम प्रसाद चौधरी ने सरकार व जिला प्रशासन पर लगाया उत्पीड़न का आरोप| आगे अन्य सपा कार्यकर्ताओं के भी शस्त्र व अन्य लाइसेंस निरस्त करने की चल रही कार्यवाही...
सपा नेता राम प्रसाद चौधरी ने कहा,''जैसा कि आपको विदित है। कि 26 जून 2021 को जिला पंचायत अध्यक्ष का पर्चा दाखिला था, जिसमें श्री विरेन्द्र चौधरी समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार थे 26 जून को समाज वादी पार्टी के तरफ से उनका पर्चा दाखिल हुआ तो सत्ता पक्ष के लोग बिल्कुल बौखला गये जिला प्रशासन पर दबाव बना करके जनपद के तमाम थानो की पुलिस जिला पंचायत के उम्मीदवार तथा प्रस्तावक समर्थक को मेरे निवास स्थान के साथ साथ पूरे जनपद में तलाश रही थी कि किसी तरह से समाजवादी पार्टी के उम्मीद्वार का पर्चा उठवाया जाय जिससे सत्ता पक्ष का उम्मीदवार का चुनाव निर्वरोध हो सके।
चौधरी ने कहा,'' जब ऐस सम्भव नही हुआ तो प्रशासन ने तरह-तरह का उत्पीड़न समाज वादी पार्टी के लोगों का शुरू किया 27 जून पूरा दिन पूरा रात भर जगह जगह उम्मीद्वार के घर पर भठठे पर और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष के घर पर तरह तरह के उत्पीड़न किया गया। प्रशासन को लगा की जब पर्चा नही उठेगा तो 28 जून को ही मेरा तथा मेरे बेटे कविन्द्र चौधरी तथा पत्नी श्री मती कपूरा देवी का 28.06.2021 को ही शस्त्र लाइसेंस कोतवाली बस्ती से निरस्त करने के लिए पत्रावली जिला अधिकारी महोदय को संस्तुति भेज दिया गया।
चौधरी ने आगे कहा,''आप लोगो को विदित है कि 1989-90 में लोक सभा का सदस्य रहा हूँ तथा 1993 से 2017 तक लगातार उत्तर प्रदेश के कप्तानगंज विधान सभा का 5 बार सदस्य रहा हूँ। पूर्वी उत्तर प्रदेश में लगातार 5 बार कम ही राजनीतिज्ञ ऐसे है जिनको ये मौका मिला है।
सन् 1980 से लगातार राजनैतिक जीवन में संघर्ष कर रहा हूँ जिस तरह का आरोप लगाकर शस्त्र लाइसेन्स निरस्त करने का संस्तति की गई है जो लोग भी राजनीति में गरीब के लिए किसान लिए तथा महंगाई, बेरोजगारो के लिए जो भी संघर्ष होता है उसमें सभी राजनीतिक व्यक्तियों के खिलाफ इस तरह के मुकदमें प्रशासन दर्ज करने का काम करता है।
सपा नेता राम प्रसाद चौधरी ने कहा,'' मेरे पर जो मुकदमा या मेरे पुत्र कविन्द्र चौधरी के रूपर जो मुकदमें दर्शाये गये है वो चुनावी रंजीश के या यंदोलनों में दर्ज हुए है।
1. लोकसभा चुनाव 2014 में आचार संहिता का आरोप है।
2. भारत बन्द के दौरान धारा 144 के उलघंन का आरोप है।
3. जिलाधिकारी कार्यालय पर गन्ने का भुगतान, बेराजगारी तथा महगाई के सवाल पर धरना देने का आरोप है।
4. 2017 मे बिना पास के हरैया निर्वाचन क्षेत्र में सभा करने का आरोप है।
जिसमें किसी प्रकार का शस्त्र के उलघंन का आरोप नही लगाया गया। जनता के किसी व्यक्ति ने पूरे उत्तर प्रदेश में शस्त्र के दुरोपयोग का आरोप नही लाया गया।
राम प्रसाद चौधरी ने कहा,''मेरे पुत्र कविन्द्र चौधरी के ऊपर सिर्फ एक अपराध प्रशासन ने दिखाने का काम किया है जिसमें सिर्फ 2017 विधान सभा चुनाव में थाना कप्तानगंज में निर्वाचन आयोग के अलावा केवल एक गाडी अलग से पीछे चल रही थी जिसमें आचार संहिता का मुकदमा दर्ज हुआ था जिसके आधार पर लाइसेंस निरस्त करने की संस्तुति की गई।
मेरे पत्नी कपूरा देवी का लाइसेंस इस आधार पर निरस्त करने के संस्तुति की गई कि हमारे तथा पुत्र कविद्र चौधरी के ऊपर उपरोक्त लिखे धराओ में मुकदमा दर्ज है। इस लिए कपूरा देवी का लाइसेन्स निरस्त करने की संस्तुति की गई।
इन्ही संस्तुतियों के आधार पर मेरे पूरे परिवार का शस्त्र लाइसेन्स निलम्बि करने का काम जिला प्रशासन ने किया| मैं व्यक्तिगत रूप से जानता हूँ जो भी सत्तापक्ष के सांसद और विधायक है सबके मुकदमें माननीय एम0पी0, एम0एल0ए0 का जो माननीय न्यायालय है उसी में सभी सांसदो विधायकों का मुकदमा देखा जाता है। हमारे ऊपर जो अपराध दर्ज है उससे ज्यादा जघन्य अपराध मौजूदा सांसद विधायकों के ऊपर दर्ज है लेकिन उनके खिलाफ प्रशासन कोई कार्यवाही नही करता।
शस्त्र निलम्बित होने के बाद चूकि शस्त्र जमा होने का आदेश था। इसलिए सारे शस्त्र जमा हो गये है।
राम प्रसाद चौधरी ने कहा,''''मेरे सुरक्षा का कोई व्यवस्था नही है। और इस तरह से केवल जिला पंचायत के चुनाव के आधार पर शस्त्र लाइसेन्स निरस्त करने से ऐसा लगता है कि सत्ता पक्ष के सांसद ,विधायक जिला प्रशासन को साजिश में लेकर मेरे तथा मेरे परिवार को जानमाल का खतरा पहुंचाना चाहते है।
चौधरी ने कहा,''हम समाज वादी पार्टी के लोग है। डा0 राममनोहर लोहिया चौधरी चरण सिंह के सिद्धान्तों नीतियों को मानने वाले लोग है। जिला पंचायत तथा व्लाक प्रमुख के चुनाव में जिस तरह से नंगा नाच करके जीतने का काम किया, उसी तरह से समाजवादी पार्टी के लोगो का उत्पीड़न करके उत्तर प्रदेश विधान सभा का चुनाव भी जीतना चाहते है। लेकिन समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता इस तरह की कार्यवाही से डरने वाले नही है आने वाले समय में समाज वादी पार्टी मुंहतोड़ जबाब देते हुए माननीय अखिलेश यादव जी के नेतृत्व में सरकार बनाने का काम करेगे।