भीलवाड़ा: राजस्थान के भीलवाड़ा में भगवान देवनारायण की 1111वीं जयंती समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शामिल हुए। उन्होंने कहा ,“यहां कोई PM नहीं आया, मैं पूरे भक्ति भाव से एक यात्री के रूप में आशीर्वाद लेने आया हूं। अभी मुझे यज्ञशाला में पूर्ण आहुति देने का सौभाग्य मिला। मेरे लिए ये भी सौभाग्य का विषय है कि मुझ जैसे सामान्य व्यक्ति को आज आपके बीच आकर भगवान देवनारायण का आशिर्वाद लेने का पुण्य मिला|
प्रधानमंत्री ने कहा कि,''भारत सिर्फ एक भूभाग नहीं है, बल्कि हमारी सभ्यता की, संस्कृति की, सद्भावना की, संभावना की एक अभिव्यक्ति है। दुनिया की अनेक सभ्यताएं समय के साथ समाप्त हो गईं, परिवर्तनों के साथ खुद को ढाल नहीं पाईं| भारत को भी भौगेलिक, सांस्कृतिक, सामाजिक और वैचारिक रूप से तोड़ने के बहुत प्रयास हुए। लेकिन भारत को कोई भी ताकत समाप्त नहीं कर पाई|
PM मोदी ने कहा ,“भारत की हजारों वर्षों की यात्रा में समाजशक्ति की बहुत बड़ी भूमिका रही है| हमारा ये सौभाग्य रहा है कि हर महत्वपूर्ण काल में हमारे समाज के भीतर से ही एक ऐसी ऊर्जा निकलती है, जिसका प्रकाश, सबको दिशा दिखाता है, सबका कल्याण करता है| भगवान देवनारायण भी ऐसे ही ऊर्जा पुंज थे, अवतार थे, जिन्होंने अत्याचारियों से हमारे जीवन और हमारी संस्कृति की रक्षा की|
उन्होंने कहा ,“बीते 8-9 वर्षों से देश समाज के हर उस वर्ग को सशक्त करने का प्रयास कर रहा है, जो उपेक्षित रहा है, वंचित रहा है। भगवान देवनारायण ने जो रास्ता दिखाया है, वो सबके साथ से सबके विकास का है। आज देश इसी रास्ते पर चल रहा है|
मोदी ने कहा ,“हम सभी अपनी विरासत पर गर्व करें, गुलामी की मानसिकता से बाहर निकलें और देश के लिए अपने कर्तव्यों को याद रखें| उन्होंने कहा ,“पिछले वर्ष स्वतंत्रता दि??स के अवसर पर मैंने लाल किले से पंच प्राणों पर चलने का आग्रह किया था। उद्देश्य यही है कि हम सभी अपनी विरासत पर गर्व करें, गुलामी की मानसिकता से बाहर निकलें और देश के लिए अपने कर्तव्यों को याद रखें|