भोपाल: मध्य प्रदेश की बीजेपी सरकार पर लगे भ्रष्टाचार व 50% कमीशनराज के आरोपों पर बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने आज शुक्रवार को कहा कि,' मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की सरकार या प्रधानमंत्री मोदी सरकार को कमल नाथ से सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं है...अगर वह (कमलनाथ) भ्रष्टाचार के चश्मे से देखेंगे तो उन्हें भ्रष्टाचार ही दिखेगा। अगर वह विकास और गरीब कल्याण के चश्मे से देखेंगे तो उन्हें विकास दिखेगा। मुझे यह कहते हुए गर्व है कि शिवराज सिंह चौहान के मुख्यमंत्री बनने के बाद मध्य प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय बढ़ी है|
वहीँ, मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने शुक्रवार को कहा कि,'मध्यप्रदेश की शिवराज सिंह चौहान सरकार भ्रष्टाचार की सिरमौर है। आज कांग्रेस पार्टी ने उनके घोटालों की पूरी घोटाला शीट जनता के सामने पेश की। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जिस रफ्तार से घोटाले कर रहे हैं, वैसे में वह दिन दूर नहीं जब गूगल पर घोटाला शब्द टाइप किया जाएगा और शिवराज जी की तस्वीर सामने आ जाएगी। अगर शिवराज सरकार ने इतने घोटाले नहीं किए होते तो आज मध्यप्रदेश का नागरिक देश का सबसे समृद्ध और संपन्न नागरिक होता है।
कमलनाथ ने कहा कि,शिवराज सरकार के 50% कमीशनराज के भ्रष्टाचार का घड़ा फूट चुका है। रीवा के गौशाला पेटी कांट्रेक्टर संगठन ने मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय, जबलपुर के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर शासकीय कार्यों में 50% कमीशन खाने का आरोप लगाया है। ठेकेदार ने सार्वजनिक रूप से बयान जारी किया और यह भी बताया कि उसके जैसे कई अन्य ठेकेदार भी 50% कमीशन राज से पीड़ित हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि,'भारत की न्यायपालिका में इस तरह के गंभीर मामलों में स्वत संज्ञान लेने की गरिमापूर्ण परंपरा रही है। मैं माननीय न्यायालय से आग्रह करता हूं कि इस ठेकेदार के पत्र का संज्ञान लें, उसे सुरक्षा मुहैया कराएं और मध्य प्रदेश को चाट रहे भ्रष्टाचार के दीमक से बचाएं। यह सर्वविदित है कि जब ग्वालियर के ठेकेदार ने इसी तरह का आरोप लगाया था तो बिना जांच-पड़ताल के ही सत्ता के शीर्ष पर बैठे लोगों ने मामले को दबाने और फरियाद करने वालों को फसाने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी।
पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव ने ट्वीट किया,'अब पेटी कांट्रेक्टर पीयूष पांडेय ने लिखा जबलपुर हाइकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को पत्र । मुख्यमंत्री एवं भाजपा नेताओं को 50% कमीशन के सबूत चाहिए थे न, आप लोगों के डर की वजह से ज्ञानेंद्र अवस्थी सामने नहीं आया था, लेकिन पीयूष पांडेय किसी भी मंच पर 50% कमीशन के आरोपों पर बात करने के लिए तैयार है । अब जाइये और जाकर फिर मेरे एवं कांग्रेस नेताओं के खिलाफ एक और एफआईआर करवाईये ।