झारसुगुड़ा/भुवनेश्वर: ओडिशा के स्वास्थ्य मंत्री नाबा दास की हत्या करने वाले झारसुगुड़ा के ASI गोपाल कृष्ण दास को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है| नाबा दास की हत्या मामले में क्राइम ब्रांच की टीम ने आरोपी ASI गोपाल कृष्ण दास का एक 9 एमएम पिस्टल, 3 जिंदा कारतूस और एक मोबाइल हैंडसेट ज़ब्त की है। ज़ब्त सामान को बैलिस्टिक परीक्षण के लिए भेजा जाएगा|
नाबा दास की हत्या मामले में जाँच कर रही क्राइम ब्रांच ने बताया,''आरोपी ASI गोपाल कृष्ण दास पुलिस हिरासत में है और उसे आगे के पुलिस रिमांड के लिए अदालत भेजा जाएगा। मामले की जांच जारी है|
ओडिशा CMO ने बताया,''जवाबदेही और पारदर्शिता लाने के लिए, ओडिशा सरकार ने उड़ीसा उच्च न्यायालय से स्वास्थ्य मंत्री नाबा किशोर दास की हत्या की अपराध शाखा की जांच की निगरानी के लिए एक वर्तमान/ सेवानिवृत्त HC न्यायाधीश या जिला न्यायाधीश के लिए अनुरोध किया गया है क्योंकि आरोपी एक पुलिस अधिकारी है|
स्वास्थ्य मंत्री नाबा दास की रविवार शाम को भुवनेश्वर के अपोलो अस्पताल में इलाज के दौरान मृत्यु हो गई। झारसुगुड़ा जिले के ब्रजराजनगर के पास एक पुलिसकर्मी ने उन्हें गोली मारी थी| दास के निधन के बाद उनके सम्मान में तीन दिन का राजकीय शोक का ऐलान किया गया है। 31 जनवरी तक कोई आधिकारिक मनोरंजन कार्यक्रम का आयोजन नहीं किया जायेगा।
बताते चलें कि, झारसुगुड़ा जिले के ब्रजराजनगर के पास सहायक पुलिस उपनिरीक्षक (एएसआई) ने रविवार दोपहर को नबा किशोर दास को गोली मार दी जिससे वह घायल हो गए। घटना उस वक्त हुई जब नबा दास ब्रजराजनगर के गांधी चौक पर एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे, दास अपनी कार से बाहर निकल रहे थे जब सहायक पुलिस उप-निरीक्षक (एएसआई) गोपाल दास ने उन पर गोली चला दी। गोलियां उनके सीने में बायीं ओर लगीं| एएसआई की रिवाल्वर से निकली गोली लगने से पास में खड़ा एक अन्य पुलिसकर्मी भी घायल हो गया।
घटना के बाद दास को पहले झारसुगुड़ा जिला मुख्यालय अस्पताल ले जाया गया था, लेकिन बाद में ‘बेहतर इलाज' के लिए उन्हें हवाई मार्ग से भुवनेश्वर के अपोलो अस्पताल लाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
2 बार कांग्रेस से और एक बार BJD से बने थे विधायक
नब किशोर दास ने ओडिशा की झारसुगुड़ा सीट से 2004 में पहली बार कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा था, लेकिन हार गए| इसके बाद 2009 में उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा और जीते| 2014 में भी कांग्रेस से जीते| साल 2019 का चुनाव वे कांग्रेस छोड़कर बीजू जनता दल से लड़कर लगातार तीसरी बार इसी सीट से विधायक चुने गए थे|