पटना: बिहार के दरभंगा स्टेशन विस्फोट मामले में हैदराबाद से गिरफ्तार किए गए दो आतंकवादियों को लेकर NIA (राष्ट्रीय जांच एजेंसी) की टीम पटना पहुंची। आतंकवादियों को एटीएस (एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड) ले जाया जा रहा है। उसके बाद उन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा।
बिहार के दरभंगा रेलवे स्टेशन पर पिछले दिनों हुए विस्फोट के सिलसिले में NIA ने हैदराबाद में रह रहे लश्कर-ए-तैयबा के दो आतंकवादियों को बुधवार को गिरफ्तार कर लिया था|
राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (NIA) के एक प्रवक्ता ने बताया कि इमरान मलिक उर्फ इमरान खान और उसका भाई मोहम्मद नासिर खान प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के शीर्ष आतंकवादियों द्वारा देश भर में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए रची गई साजिश का हिस्सा थे|उन्होंने कहा कि दोनों को हैदराबाद से गिरफ्तार किया गया|
आरोपी मूल रूप से उत्तर प्रदेश में शामली जिले के रहने वाले हैं| NIA ने 17 जून को दरभंगा रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर एक पार्सल में हुए विस्फोट की जांच अपने हाथ में ली थी और उसके बाद दोनों उसके निशाने पर थे जांच से पता चला था कि पार्सल सिकंदराबाद में बुक किया गया था और सिकंदराबाद-दरभंगा एक्सप्रेस से वहां पहुंचा था|
हैदराबाद से एनआइए ने जिन दो भाइयों इमरान मलिक और नासिर खान को गिरफ्तार किया है, वह दोनों शामली के कैराना नगर के मोहल्ला कायस्थवाड़ा के निवासी हैं। शामली में अब तक चार लोगों का नाम दरभंगा रेलवे स्टेशन के पार्सल में ब्लास्ट कांड से जुड़ गया है| दरभंगा रेलवे स्टेशन पर बीते वर्ष 17 जून को पार्सल में ब्लास्ट होने के बाद सिकंदराबाद से आए कपड़े के बंडल वाले पार्सल की पड़ताल हो रही है।
एनआईए की गिरफ्त में आए इमरान मलिक और नासिर खान मूल रूप से कैराना के हैं। यह दोनों सगे भाई पिछले कई वर्ष से हैदराबाद में रहकर कपड़े का कारोबार करते थे। इन आरोपितों के पिता मूसा खान एक रिटायर फौजी हैं। मूसा खान ने 1962 में भारत व चीन के बीच हुए युद्ध में बहादुरी दिखाई थी।