पटना: लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) में टूट हो गई है और चाचा-भतीजे में अब वर्चस्व की लड़ाई जारी है। लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) में वर्चस्व कायम रखने के लिए पारस और चिराग गुट आमने-सामने है। इधर राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए पशुपति कुमार पारस को अध्यक्ष चुन लिया गया है।लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक में पशुपति कुमार पारस को पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया है|
लोजपा नेता चंदन सिंह ने कहा,','बैठक में पशुपति कुमार पारस को पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया है| इससे पहले पशुपति पारस ने नामांकन दाखिल किया था। राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में पशुपति पारस के नाम पर सांसदों ने एकमत से सहमति जताई। यह बैठक लोजपा के कार्यकारी अध्यक्ष चुनाव प्रभारी सूरज भान सिंह के निजी आवास पर हुई।
इस बीच लोक जनशक्ति पार्टी में चाचा और भतीजे के बीच चल रहे राजनीतिक विवाद का एक नया पोस्टर गुरुवार को पटना में चिराग गुट के कार्यकर्ताओं द्वारा जारी किया गया| चिराग के चाचा पशुपति पारस को इस पोस्टर के माध्यम से फिल्म बाहुबली के किरदार कटप्पा के रूप में दिखाया गया है और खुद चिराग पासवान को बाहुबली बताया गया है| पोस्टर में बाहुबली का वह सीन दर्शाया गया है जिसमें फिल्म के हीरो बाहुबली को उनके मुंह बोले चाचा कटप्पा के द्वारा धोखा देकर उनके पीठ में खंजर घोंप दिया जाता है|
चिराग गुट के समर्थक कार्यकर्ताओं का कहना है कि,'' ये पोस्टर पटना के प्रमुख चौक चौराहों पर लगाया गया है ताकि सड़कों पर चलने वाले आम लोग इस पोस्टर को देखकर लोजपा पार्टी में चल रहे चाचा भतीजे के बीच विवाद को जान सके कि किस तरह से चाचा पशुपति पारस ने अपने भतीजे चिराग पासवान के पीठ में धोखा का खंजर घोंप कर उनका हक छीन लिया है| लोजपा में चल रहे विवाद के बाद पटना में पार्टी के पोस्टरों का रंग बदल गया है| जगह-जगह पार्टी के पोस्टर पार्टी कार्यकर्ताओं द्वारा बदल दिया गया है|
उधर लोजपा नेता चिराग पासवान ने प्रिंस राज की जगह राजू तिवारी को पार्टी का बिहार इकाई का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया। बुधवार रात चाचा पशुपति कुमार पारस के नेतृत्व में बागियों द्वारा पार्टी के शीर्ष पद से हटा दिए गए चिराग ने अपने करीबी सहयोगी राजू तिवारी को पार्टी की बिहार इकाई का प्रमुख नियुक्त कर दिया है|
लोक जनशक्ति पार्टी की बिहार इकाई के प्रमुख का पद अब तक चिराग के चचेरे भाई प्रिंस राज के पास था, जो उन पांच सांसदों में शामिल हैं, जिन्होंने सोमवार को पशुपति कुमार पारस के नेतृत्व में बगावत की थी और लोकसभी स्पीकर से उन्हें अलग गुट के रूप में मान्यता देने का आग्रह किया था|
इस बगवात से पार्टी में अकेले पड़ गए चिराग ने बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में खुद को 'शेर का बच्चा' घोषित करते हुए संकेत दिए थे कि वह जंग के लिए तैयार हैं| साथ ही उन्होंने भावनात्मक रुख भी अपनाए रखा था, और कहा था कि वह अपने पिता के निधन के बाद 'अनाथ' महसूस नहीं कर रहे थे, बल्कि अब 'अनाथ' महसूस कर रहे हैं, जब उनके चाचा उन्हें छोड़कर चले गए हैं|