नई दिल्ली: केंद्र सरकार के नए कृषि कानूनों को लेकर अभी भी किसानों का प्रदर्शन जारी है। किसान भीषण ठंड में भी सड़कों पर डटे हुए हैं।किसानों के आंदोलन पर हरियाणा के मंत्री जे.पी. दलाल ने कहा है कि, किसान सद्बुद्धि से काम लें और वार्ता करें| ये लाहौर या कराची नहीं है, ये देश की राजधानी है|
हरियाणा के कृषि मंत्री जे.पी. दलाल ने कहा है कि,''मैं सभी किसान भाइयों से कहूंगा कि सद्बुद्धि से काम लें, वार्ता करें। ये अच्छी बात नहीं है कि दिल्ली का पानी बंद कर देंगे, दिल्ली के रास्ते बंद कर देंगे, दिल्ली को घेर कर बैठ जाएंगे। ये लाहौर या कराची नहीं है, ये देश की राजधानी है|
उधर मंगलवार को सिंधु और टिकरी बॉर्डर के साथ-साथ नोएडा चिल्ला बॉर्डर को भी सील कर दिया गया। चिल्ला बॉर्डर की ओर से बड़ी संख्या में किसान दिल्ली में प्रवेश करने की कोशिश कर रहे हैं।किसान आंदोलन में शामिल होने के लिए दिल्ली कूच कर रहे यूपी किसानों को पुलिस ने डॉ. अंबेडकर मेमोरियल पार्क में शिफ्ट किया। किसान नेता ने बताया, "हमें गिरफ्तार कर अस्थायी ज़ेल में डाल दिया गया है। जिस दिन ये हमें रिहा करेंगे हम वापिस दिल्ली कूच करेंगे।"
किसानों के आरोपों पर नोएडा DCP राजेश कुमार सिंह ने बताया,अस्थायी ज़ेल बिलकुल भी नहीं है। रोड पर बैठ गए थे तो पब्लिक परेशान हो गई थी लिहाजा हम इन्हें पार्क में ले आए ताकि हम इनसे निवेदन कर सकें कि ऐसा कोई कदम न उठाएं कि जनता को परेशानी हो। हम इन्हें दिल्ली में प्रवेश नहीं करने देंगे|
नोएडा DCP राजेश कुमार सिंह के आरोपों पर भारतीय किसान यूनियन (लोक शक्ति)अध्यक्ष स्वराज सिंह ने बताया,हम सड़क पर नहीं बैठे थे। प्रशासन ने बैरिकेड्स और जवानों का उपयोग कर हमारे रास्ते को अवरुद्ध कर दिया था, इसलिए हम रुक गए। हम इस जगह को अस्थायी जेल मानते हैं और हमारे यहाँ गिरफ्तारी के रूप में कैद है। हम दिल्ली जाएंगे..
नोएडा चिल्ला बॉर्डर पर किसान नेता भानु प्रताप सिंह ने बताया, "जब तक हमारी PM मोदी से आमने-सामने बैठकर बात नहीं होगी तब तक आंदोलन जारी रहेगा। जब हरियाणा-पंजाब के किसानों को दिल्ली आने से रोका गया तो हमने जल्दबाजी में दिल्ली कूच किया। हम तैयारी से नहीं आए थे पर अब यहीं रहेंगे और तैयारी करते रहेंगे|