रोहतक/ नई दिल्ली: हरियाणा में मंगलवार को बड़ा राजनीतिक संकट पैदा हो गया, जब तीन निर्दलीय विधायकों ने भाजपा सरकार से अपना समर्थन वापस ले लिया और विपक्षी कांग्रेस पार्टी को अपना समर्थन दे दिया। तीनों विधायक रोहतक पहुंचे हैं, यहां उन्होंने नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस की है। वहीं एक विधायक के बारे में भाजपा सरकार से समर्थन वापस लेने की चर्चा है।
रोहतक में हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष उदयभान और पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा की मौजूदगी में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान, चरखी दादरी से निर्दलीय विधायक सोमबीर सांगवान, नीलोखेड़ी से निर्दलीय विधायक धर्मपाल गोंदर और पूंडरी से निर्दलीय विधायक रणधीर गोलन ने प्रदेश की नायब सिंह सैनी सरकार से अपना समर्थन वापस लेकर कांग्रेस को समर्थन देने का ऐलान किया।
सोमबीर सांगवान ने दावा किया कि बादशाहपुर से राकेश दौलताबाद भी उनके साथ शामिल होने वाले थे, लेकिन वे समय पर कार्यक्रम स्थल पर नहीं पहुंच पाए।
मीडिया को संबोधित करते हुए धर्मपाल गोंधर ने कहा, "जब उन्हें सरकार बनाने के लिए हमारे समर्थन की आवश्यकता थी, तब हमें बार-बार बुलाया गया...हमने तय किया था कि जब तक मनोहरलाल खट्टर सत्ता में हैं, हम समर्थन करेंगे। हमें दुख है कि वह अब सत्ता में नहीं हैं...किसानों के हित में हम सरकार से समर्थन वापस लेते हैं।"
पूंडरी से निर्दलीय विधायक रणधीर गोलन ने कहा, "हम तीनों प्रदेश की भाजपा सरकार से अपना समर्थन वापस लेते हैं और कांग्रेस को अपना समर्थन देते हैं।"
गोलन ने कहा कि हरियाणा में भाजपा के कार्यकाल के दौरान बढ़ती बेरोजगारी और महंगाई उनके समर्थन वापस लेने के फैसले के प्रमुख कारक थे। "पिछले 4.5 वर्षों से, हमने भाजपा को समर्थन दिया है। आज बेरोजगारी और महंगाई अपने उच्चतम स्तर पर है। इसे देखते हुए, हमने अपना समर्थन वापस ले लिया है"।
सही समय पर सही फैसला लिया : हुड्डा
हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने विधायकों का स्वागत करते हुए कहा कि यह मौजूदा सरकार में अविश्वास और लोगों में कांग्रेस के लिए बढ़ते समर्थन को दर्शाता है। उन्होंने कहा, "उनका फैसला सही है, सही समय पर लिया गया सही फैसला है। यह लोगों के हित में है...कांग्रेस की लहर है। मैं उनका स्वागत करता हूं।"
हुड्डा ने राष्ट्रपति शासन लागू करके विधानसभा चुनाव करने की मांग की
हुड्डा ने कहा, "आज रोहतक में 3 निर्दलीय विधायकों ने हरियाणा की BJP सरकार से समर्थन वापिस लेकर कांग्रेस पार्टी को अपना समर्थन दिया। आप सभी के समर्थन के लिये आभार। उन्होंने कहा, "जनभावना को ध्यान में रखकर सही समय पर लिया गया सही फैसला रंग जरूर लाएगा। आज जनता ही नहीं बीजेपी को वोट देने वाले और समर्थन देने वाले लोग भी सरकार की नीतियों से दुखी हैं। JJP और निर्दलीय विधायकों के समर्थन वापसी के बाद अब BJP सरकार अल्पमत में आ चुकी है। इसलिए हरियाणा में तुरंत राष्ट्रपति शासन लागू करके विधानसभा चुनाव करवाए जाने चाहिए। भाजपा जा रही है, कांग्रेस आ रही है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए पार्टी की राज्य इकाई के प्रमुख उदय भान ने कहा, "तीनों निर्दलीय विधायकों - सोमबीर सांगवान, रणधीर सिंह गोलेन और धर्मपाल गोंडर - ने भाजपा सरकार से अपना समर्थन वापस ले लिया है और कांग्रेस को अपना समर्थन दिया है।"
उदय भान ने कहा,“मैं यह भी कहना चाहता हूं कि (90 सदस्यीय) हरियाणा विधानसभा की वर्तमान ताकत 88 है, जिसमें भाजपा के 40 सदस्य हैं। भाजपा सरकार को पहले जेजेपी विधायकों और निर्दलीयों का समर्थन प्राप्त था, लेकिन जेजेपी ने भी समर्थन वापस ले लिया और अब निर्दलीय भी समर्थन छोड़ रहे हैं।”
3 निर्दलीय विधायकों के समर्थन वापस लेने से बीजेपी सरकार अल्पमत में
तीनों निर्दलीय विधायकों ने हरियाणा के राज्यपाल को पत्र लिखकर भाजपा सरकार से समर्थन वापस लेने की जानकारी दी है। भाजपा के पास 40 विधायक हैं, हरियाणा लोकहित पार्टी के गोपाल कांडा का समर्थन प्राप्त है, जिससे सरकार अल्पमत में आ गई है। वर्तमान में 88 सदस्यीय सदन में दो निर्दलीय विधायकों - पृथला के नयन पाल रावत और बादशाहपुर के राकेश दौलताबाद हैं|
कांग्रेस आजकल इच्छाएं पूरी करने में लगी हुई है: CM सैनी
निर्दलीय विधायकों द्वारा कांग्रेस का समर्थन करने पर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा, "विधायकों की कुछ इच्छाएं होती हैं, कांग्रेस आजकल इच्छाएं पूरी करने में लगी हुई है। लोग सब जानते हैं कि किसकी क्या इच्छा है। कांग्रेस को जनता की इच्छाओं से मतलब नहीं है।"
कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुडा ने कहा, "प्रदेश में हालात भाजपा के खिलाफ बन गए हैं। बदलाव निश्चित है। भाजपा सरकार अल्पमत में आ गई है। इन्होंने 48 विधायकों की सूची दी है, उनमें से कुछ विधायकों के इस्तीफे हुए हैं क्योंकि वे लोकसभा का चुनाव लड़ रहे हैं। कुछ निर्दलीय विधायकों ने आज भाजपा से समर्थन वापस लेकर कांग्रेस को समर्थन देने का काम किया..."