चंडीगढ़/मुंबई: पंजाब में बिगड़ती क़ानून व्यवस्था पर CM भगवंत मान ने कहा कि,“ पंजाब में क़ानून व्यवस्था नियंत्रण में है और पंजाब पुलिस सक्षम है। दरअसल,अमृतसर में 'वारिस पंजाब दे' संगठन के प्रमुख अमृतपाल सिंह के करीबी सहयोगी लवप्रीत तूफान की गिरफ्तारी पर गुरुवार को बवाल हो गया था| वारिस पंजाब दे' संगठन के प्रमुख अमृतपाल सिंह के समर्थकों ने अजनाला पुलिस स्टेशन पर हमला कर दिया था| समर्थकों ने तलवारों और बंदूकों से पुलिस बेरिकेड्स तोड़ दिए थे। अमृतपाल सिंह के सहयोगी लवप्रीत सिंह , जिस पर अपहरण समेत अन्य आरोप है, को आज शुक्रवार को जेल से रिहा कर दिया गया है|
अजनाला में हुए झड़प पर CM भगवंत मान ने मुंबई में कहा कि,“आपके पास यहां गलत सूचना है। पंजाब में क़ानून व्यवस्था नियंत्रण में है और पंजाब पुलिस सक्षम है। पंजाब में लोग मिलकर रहना पसंद करते हैं। पंजाब में उद्योग निवेश कर रहे हैं। पहले खास परिवार के साथ MoU होता था अब पंजाब के लोगों के साथ होता है...|
पंजाब में लवप्रीत तूफान की गिरफ्तारी पर बवाल
बता दें कि,“"वारिस पंजाब दे" के प्रमुख अमृतपाल सिंह के करीब लवप्रीत तूफान के गिरफ्तारी के बाद से ही पंजाब में तनाव का माहौल था|लवप्रीत तूफान की गिरफ्तारी पर आज दूसरे दिन भी बवाल जारी रहा। अमृतपाल सिंह के समर्थकों ने गुरूवार को पुलिस स्टेशन में जमकर उत्पात मचाया था। अब पुलिस ने लवप्रीत तूफान को रिहा कर दिया है। इसकी रिहाई अजनाला थाने पुलिस स्टेशन से हुई है।
इसी थाने के बाहर गुरूवार को जमकर हथियार और तलवार लहराए गए थे। जिसके बाद से ही इस इलाके में तनाव के माहौल बना हुआ था। गुरूवार को समर्थकों द्वारा जमकर उत्पात मचाए जाने की वजह से प्रशासन ने उन्हें छोड़ने का निर्णय लिया था। जिसकी रिहाई अब हो चुकी है।
लवप्रीत तूफान सिंह पर किडनैप/ मारपीट का आरोप
दरअसल, लवप्रीत तूफान पर चमकौर साहिब के रहने वाले वरिंदर सिंह को किडनैप करने और मारपीट करने का आरोप लगा था। वरिंदर ने अपने शिकायत में पुलिस से खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह और उनके समर्थकों पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा था कि उनके समर्थकों ने एक अज्ञात जगह ले जाकर मारपीट की। पुलिस ने इस शिकायत पर अमृतपाल सिंह और उनके समर्थकों पर केस दर्ज कर लिया था और अमृतपाल के करीबी लवप्रीत तूफान को हिरासत में लेकर पूछताछ करने लगी थी।
इस पूरे मामले के बाद अमृतपाल सिंह और उनके समर्थक सड़क पर उतर आए और हिरासत में लिए गए लवप्रीत तूफान की रिहाई की बात करने लगे थे। इसके अलावा समर्थकों ने अजनाला थाने को चारों तरफ से घेर लिया और उसे रिहा करने के नारे लगाने लगे। पुलिस स्टेशन के बाहर तलवार, बंदूक लिए समर्थक खड़े हुए थे। हंगामे को देखते हुए पुलिस ने बैरीकेड्स लगाए लेकिन खालिस्तान समर्थकों ने उसे भी तोड़ दिया। जिसके बाद से प्रशासन और समर्थकों के बीच झड़प हुई।
राजनीतिक मकसद से FIR दर्ज की गई: अमृतपाल सिंह
'वारिस पंजाब दे' के प्रमुख अमृतपाल सिंह ने कहा था कि ,“ सिर्फ एक राजनीतिक मकसद से FIR दर्ज की गई। अगर वे एक घंटे में मामले को रद्द नहीं करते हैं, तो आगे जो कुछ भी होगा उसके लिए प्रशासन जिम्मेदार होगा... उन्हें लगता है कि हम कुछ नहीं कर सकते, इसलिए ये शक्ति प्रदर्शन जरूरी था|
पुलिस कर्मियों के घायल होने की झूठी खबर : अमृतपाल सिंह
अमृतपाल सिंह ने कहा कि ,“पुलिस कर्मियों के घायल होने की झूठी खबर फैलाई जा रही है। सच तो यह है कि वह गिरने के बाद घायल हुए। वास्तव में हमारे 10-12 लोगों को चोटें आई हैं। 24 घंटे के भीतर तूफान सिंह को रिहा किया जाना चाहिए। हम 24 घंटे भी इंतजार नहीं करेंगे|
गुरु ग्रंथ पालकी साहिब की आड़ में पुलिस पर धारदार हथियार से हमला किया: DGP
अजनाला में हुए झड़प पर पंजाब DGP गौरव यादव ने आज शुक्रवार को कहा कि ,“उन्होंने शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति मांगी थी जो हमने उनको दी। उन्होंने भरोसा दिलाया था कि वह पुलिस के रोकने पर रुक जाएंगे। जिसके बाद पुलिस पर गुरु ग्रंथ पालकी साहिब की आड़ में पुलिस पर धारदार हमला किया जिसमें 6 पुलिस कर्मी घायल हुए| कल की घटना पर हम क़ानूनी कार्रवाई करेंगे। घायल पुलिस अधिकारियों के बयान दर्ज़ किए जाएंगे। हम वीडियो साक्ष्यों को भी देख रहे हैं|
जो लोग इस घटना में शामिल हैं उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी: DGP
अजनाला में हुई झड़प पर ADGP चंडीगढ़ अर्पित शुक्ला ने शुक्रवार को कहा कि ,“कल जो हुआ उसमें पुलिस ने बहुत संयम बरता। गुरु ग्रंथ साहिब की मौजूदगी में ये सब हुआ,अगर गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी होती तो बड़ी घटना हो जाती। जो लोग इस घटना में शामिल हैं उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी, हम हर स्तर से जांच कर रहे हैं|