नई दिल्ली: लोकसभा में पेश किए गए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (संशोधन) विधेयक-2021 के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के लिए आम आदमी पार्टी के नेता-कार्यकर्ता जंतर-मंतर पर जुटे हैं।मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा।
जंतर मंतर में केंद्र सरकार द्वारा दिल्ली के लिए बनाए गए बिल पर विरोध रैली में दिल्ली CM ने कहा कि,''केंद्र सरकार संसद में 3 दिन पहले एक क़ानून लेकर आई है। उसमे लिखा है कि अब से दिल्ली सरकार का मतलब एलजी(उपराज्यपाल) होगा। तो फिर हमारा और जनता का क्या मतलब होगा? अगर दिल्ली सरकार का मतलब LG होगा तो दिल्ली का CM कहां जाएगा? फिर चुनाव क्यों कराए थे?
दिल्ली CM ने कहा कि,''दूसरा इस क़ानून में लिखा है कि अब दिल्ली सरकार की सारी फाइलें LG के पास जाएगी। 2018 में सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि दिल्ली में कोई भी फाइल LG के पास नहीं जाएगी। ये जनता, सुप्रीम कोर्ट, संविधान को नहीं मानते हैं। यह गलत बात है। यह हमारे साथ धोखा हो गया है
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि,''मैं केंद्र सरकार से कहना चाहता हूं कि इस क़ानून को वापस ले लो। जनता की ताकत को मत छीनो। जो इन्होंने जनता की ताकत को छीना है, हम उसे वापस लेकर रहेंगे। दिल्ली में जितने भी विकास के काम है सारे विकास के काम होंगे|
केजरीवाल ने कहा कि,'''भाजपा वाले :जनता को नहीं मानते
जनतंत्र को नहीं मानते
संविधान को नहीं मानते
सुप्रीम कोर्ट को नहीं मानते
ये तो जनता के साथ धोखा हो गया।
जंतर मंतर में केंद्र सरकार द्वारा दिल्ली के लिए बनाए गए बिल पर विरोध रैली में केजरीवाल ने कहा कि,''वो कहते हैं न कि एक छोटा बच्चा क्रिकेट का मैच हार गया, उसके बाद वह क्रिकेट का बैट और बॉल लेकर भाग गया। ये इस तरह से बदमाशी कर दिल्ली के ऊपर राज करना चाहते हैं। जनता का राज खत्म करना चाहते हैं|
दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि,'''केंद्र सरकार द्वारा दिल्ली की चुनी हुई सरकार को कमज़ोर करके जनता के काम रोकने की साज़िश के खिलाफ़| ये कानून केवल दिल्ली सरकार की ताकत को रोकने का कानून नहीं है बल्कि केजरीवाल मॉडल ऑफ गवर्नेंस को उत्तर प्रदेश, पंजाब, गुजरात, उत्तराखंड में रोकने का कानून भी है। ये कानून आम आदमी की बढ़ती ताकत को रोकने का कानून है।