नई दिल्ली: हर साल दिल्ली में तक़रीबन 2.5 लाख बच्चे बारवी पास करते हैं लेकिन केवल 1.5 लाख बच्चे ही एडमिशन ले पाते हैं। दिल्ली में बहुत सारे कॉलेज की जरुरत है। दिल्ली सरकार कॉलेज खोलने के लिए तैयार है, लेकिन 1922 में बने एक एक्ट के कारण कानूनी अड़चन आ रही है।यह बात ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कही है|
CM केजरीवाल ने कहा,''ऐसा क्यों हो रहा है कि कटऑफ इतना ज़्यादा हो रहा है, इसमें सभी सरकारों की गलती है। ये इसलिए हो रहा है क्योंकि दिल्ली में कॉलेज, यूनिवर्सिटी की बहुत भारी कमी हो गई है। हर साल दिल्ली में करीब 2.5 लाख बच्चे बारहवीं पास करते हैं उनमें से 1.5 लाख बच्चों को दाखिला मिल पाता है|
केजरीवाल ने कहा कि,''दिल्ली में इस समय बहुत सारे कॉलेज और यूनिवर्सिटी खोलने की जरूरत है, दिल्ली सरकार तैयार है। लेकिन हमारे सामने एक बहुत बड़ी कानूनी अड़चन आ रही है। 1922 में अंग्रेज़ों के बनाए 'दिल्ली यूनिवर्सिटी एक्ट' के तहत दिल्ली में जो भी कॉलेज खुलेगा वो सिर्फ DU से एफिलिएट हो सकता है| दिल्ली यूनिवर्सिटी में पिछले 30 सालों में कोई नया कॉलेज नहीं खुला है। उन्होंने कहा कि,''आज मैंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री को पत्र लिखकर इस कानून के सेक्शन 5(2) को डिलीट करने की मांग की है। ताकि नए कॉलेज, यूनिवर्सिटी खुल सकें|
CM केजरीवाल ने कहा,''1922 में अंग्रेज़ो के बनाए दिल्ली यूनिवर्सिटी एक्ट के तहत दिल्ली में जो भी कॉलेज खुलेगा वो सिर्फ डीयू से एफिलिएट हो सकता है। मैंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल को पत्र लिखकर इस कानून के Section 5 (2) को डिलीट करने की मांग की है। ताकि नए कॉलेज, यूनिवर्सिटी खुल सके।