नई दिल्ली: हिंदू राव अस्पताल के रेजिडेंट डॉक्टरों ने पिछले कुछ महीनों से वेतन न देने का आरोप लगाते हुए विरोध जारी रखा है।एक प्रदर्शनकारी का कहना है, "COVID फ्रंटलाइन कार्यकर्ताओं के साथ इस तरह से व्यवहार किया जा रहा है।एमसीडी (MCD) दिल्ली सरकार और दिल्ली सरकार एमसीडी को दोषी ठहरा रही है| हम इस राजनीतिक फुटबॉल में पीड़ित हैं।"
इस बीच दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा है कि,''भाजपा शासित नगर निगम ने हिंदू राव हॉस्पिटल और कस्तूरबा हॉस्पिटल के डॉक्टर्स को सैलरी नहीं दी है। हम भाजपा से कहना चाहते हैं कि अगर वो सैलरी नहीं दे सकते हैं, अस्पताल नहीं चला पा रहे है तो दिल्ली सरकार को दे दीजिए हम अस्पताल चला लेंगे|
स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा है कि,''MCD के द्वारा चलाए जाने वाले हिन्दू राव अस्पताल के डॉक्टर और स्टाफ ने हड़ताल के लिए नोटिस दिया है, वहां के कोविड मरीज़ों को हमने दिल्ली सरकार के अस्पतालों में शिफ्ट करने का आदेश दिया है| जैन ने कहा है कि,''अगर MCD से कस्तूरबा अस्पताल और हिंदू राव अस्पताल नहीं चल रहे हैं तो दिल्ली सरकार को सौंप दें। हम चला लेंगे और सैलरी दे देंगे|
शुक्रवार को AAP विधायक सौरभ भारद्वाज ने कहा कि,''भाजपा शासित नार्थ MCD के कई अस्पतालों में डाक्टर्स हड़ताल पर हैं। जो पार्टी डाक्टरों के लिए ताली-थाली बजाने का ढोंग करती है। वो पार्टी इन कोरोना वारियर्स को कई महीनों तक तन्ख्वाह नहीं दे रही है। आखिर इतना बुरा हाल क्यों है? भारद्वाज ने कहा कि,''दिल्ली में अरविंद केजरीवाल सरकार का रेवेन्यू पांच साल में 30,000 करोड़ से 60,000 करोड़ हो गया लेकिन भाजपा शासित MCD का रेवेन्यु बढ़ता ही नहीं है। भाजपा भ्रष्टाचारी है या नालायक है। इनसे MCD नहीं चल रही हैं इन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए।
बता दें कि हिंदू राव अस्पताल उत्तरी दिल्ली नगर निगम के तहत सबसे बड़ी चिकित्सा सुविधा प्रदान करने वाला अस्पताल है। 4 माह से बिना वेतन के काम कर रहे स्टाफ ने अस्पतला प्रशासन तक अपनी बात बताने की हर संभव कोशिश की, लेकिन उनकी मांग अब पूरी नहीं की गई है।
पिछले हफ्ते, अस्पताल के डॉक्टरों ने एक वर्चुअल विरोध प्रदर्शन किया और पीपीई किट पहनकर और अपनी चिंता जताते हुए उन दिनों की संख्या का उल्लेख किया जिसमें उन्होंने अपनी सैलरी प्राप्त की थी। पूर्ण पीपीई किट में एक डॉक्टर ने एक पोस्टर लगाया जिसमें कहा गया था कि हिंदू राव अस्पताल में 105 दिन से कोविड ड्यूटी में तैनात डॉक्टरों को वेतन नहीं मिला है।