नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पूर्ण लॉकडाउन के बावजूद कोरोना वायरस के मामलों में कमी नहीं आ रही है। अस्पताल मरीजों से भरे हुए है तो श्मशान घाट में शवों के अंतिम संस्कार के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के चलते अस्पतालों के पास अब कुछ घंटे का ही ऑक्सीजन बचा है।
दिल्ली में ऑक्सीजन का संकट अभी भी खत्म नहीं हूआ है। ऑक्सीजन की कमी के चलते कई मरीजों की जान पर तलवार लटकी हुई है। सहगल नियो हॉस्पीटल में सिर्फ एक घंटा के लिए ही ऑक्सीजन बची है। अस्पताल में कई मरीजों का इलाज चल रहा है।
\ दिल्ली के सहगल निओ हॉस्पिटल के पास सिर्फ 1 घंटे की ऑक्सीजन बची है। दिल्ली के सहगल निओ हॉस्पिटल ने ट्वीट कर बताया कि उनके पास सिर्फ 1 घंटे का ऑक्सीजन शेष है। अस्पताल ने दिल्ली सरकार से 'प्राण वायु' की जल्द आपूर्ति करने की गुहार लगाई है।
सहगल निओ हॉस्पिटल ने मदद की गुहार लगाते हुए अपने ट्वीट में लिखा, 'हमें ऑक्सीजन की जरूरत है। हमारे पास मरीजों के लिए सिर्फ एक घंटे का ऑक्सीजन बचा है। सरकार ने नए आदेश के चलते ऑक्सीजन सप्लायर सेठ (LMO टैंक) से हटा कर हमें पैरामाउंट (केवल सिलेंडर) को सौंप दिया गया है। वह जो हमारी जरूरत की क्षमता की आपूर्ति नहीं कर सकते।' सहगल निओ हॉस्पिटल अपने ट्वीट में दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन और मुख्यमंत्री कार्यालय को भी टैग किया है।
सहगल निओ हॉस्पिटल के अलावा पूर्वी दिल्ली स्थित गोयल अस्पताल और ललिता अस्पताल में भी ऑक्सीजन की कमी को लेकर हाहाकार मचा हुआ है। ललिता अस्पताल का कहना है कि वह सुबह 5 बजे से ऑक्सीजन का इंतजार कर रहे हैं लेकिन सप्लायर ने अभी तक ऑक्सीजन की डिलीवरी नहीं की। वहीं दिल्ली के ही महाराजा अग्रसेन अस्पताल में भी हालात कुछ इसी प्रकार के है।
अस्पताल प्रशासन ने कहा कि सरकार के आदेशानुसार उसके पुराने वेंडर को हटा दिया गया है। ऑक्सीजन सिलिंडर के लिए नए वेंडर पैरामाउंट को दिया है। प्रशासन ने कहा कि जितनी मुझे जरूरत है, वेंडर उतनी आपूर्ति नहीं कर पा रहा है। जिसके चलते ऑक्सीजन का संकट बना रहता है। सहगल नियो ने ऑक्सीजन उपलब्ध कराने की अपील की है।