नई दिल्ली: जेल में बंद दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने तिहाड़ जेल से एक खुला पत्र लिखकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शैक्षणिक योग्यता पर सवाल उठाते हुए देश के शीर्ष निर्वाचित पद पर एक शिक्षित व्यक्ति के होने की आवश्यकता पर जोर दिया। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को सिसोदिया के पत्र को ट्विटर पर पोस्ट करते हुए कहा कि, ''मनीष सिसोदिया ने जेल से देश के नाम चिट्ठी लिखी है| प्रधानमंत्री का कम पढ़ा-लिखा होना देश के लिए बेहद ख़तरनाक है।
केजरीवाल ने कहा कि मोदी विज्ञान और शिक्षा के महत्व को नहीं समझते हैं और 60,000 स्कूल बंद कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि भारत की प्रगति के लिए शिक्षित प्रधानमंत्री होना जरूरी है।
सिसोदिया ने विश्व स्तर पर विज्ञान और प्रौद्योगिकी की प्रगति और कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि चाय बनाने के लिए नालियों से गैस का उपयोग करने के बारे में प्रधान मंत्री की बात सुनना निराशाजनक था। सिसोदिया ने कहा कि जब प्रधानमंत्री कहते हैं कि बादलों के पीछे उड़ने वाले विमान रडार से बच सकते हैं, तो वे (मोदी) उपहास का पात्र बन जाते हैं। सिसोदिया ने लिखा, 'स्कूलों और कॉलेजों में पढ़ने वाले बच्चे उनका ( मोदी) मजाक उड़ाते हैं।'
सिसोदिया ने कहा कि इस तरह की टिप्पणी देश के लिए खतरनाक है। सिसोदिया ने कहा, "पूरी दुनिया जानती है कि भारत के प्रधानमंत्री कम पढ़े-लिखे हैं और उन्हें विज्ञान का बुनियादी ज्ञान भी नहीं है।" उन्होंने सवाल किया कि,'' क्या एक कम पढ़ा-लिखा प्रधानमंत्री आज के सपनों को पूरा करने की क्षमता रखता है?
सिसोदिया ने कहा कि ,''देश भर में 60,000 सरकारी स्कूल बंद कर दिए गए हैं जबकि जनसंख्या वृद्धि के हिसाब से और खोले जाने चाहिए थे। "अगर सरकारी स्कूलों की गुणवत्ता बढ़ाई गई होती तो लोग अपने बच्चों को निजी स्कूलों से निकालकर सरकारी स्कूलों में भेजना शुरू कर देते जैसा कि अब दिल्ली में हो रहा है।"
उन्होंने कहा कि,'' प्रधानमंत्री मोदी गर्व से कहते हैं कि वे पढ़े-लिखे नहीं हैं। केवल गांव के स्कूल तक ही उनकी शिक्षा हुई। क्या अनपढ़ या कम पढ़ा-लिखा होना गर्व की बात है ? जिस देश के प्रधानमंत्री को कम पढ़े-लिखे होने पर गर्व हो, उस देश में एक आम आदमी के बच्चे के लिए अच्छी शिक्षा का कभी इंतज़ाम नहीं किया जाऐगा।
उन्होंने कहा , ‘‘हाल के वर्षों में 60,000 सरकारी स्कूलों को बंद किया जाना इस बात का जीता जागता प्रमाण है। ऐसे में मेरा भारत कैसे तरक्की करेगा ? मनीष सिसोदिया ने देशवासियों से कहा , ‘‘आप अपनी छोटी सी कंपनी के लिए एक मैनेजर रखने के लिए भीं एक पढ़े-लिखे व्यक्ति को ही ढूंढ़ते हैं। क्या देश के सबसे बड़े मैनेजर को पढ़ा लिखा नहीं होना चाहिए ?
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सिसोदिया का पत्र ट्विटर पर साझा करते हुए लिखा, ‘‘ मनीष सिसोदिया ने जेल से देश के नाम चिट्ठी लिखी - प्रधानमंत्री का कम पढ़ा-लिखा होना देश के लिए बेहद ख़तरनाक.... मोदी जी विज्ञान की बातें नहीं समझते. मोदी जी शिक्षा का महत्व नहीं समझते| पिछले कुछ वर्षों में 60,000 स्कूल बंद किए.... भारत की तरक़्क़ी के लिए पढ़ा-लिखा पीएम होना ज़रूरी|
बता दें कि,'' मनीष सिसोदिया शराब नीति केस में CBI और ED के केस में आरोपी हैं। वे अभी तिहाड़ में बंद हैं। वे राउज एवेन्यू कोर्ट और दिल्ली हाईकोर्ट में जमानत के लिए अपील कर चुके हैं। मनी लॉन्ड्रिंग केस में जमानत पर 12 अप्रैल को सुनवाई होगी। कोर्ट ने उनकी न्यायिक हिरासत 17 अप्रैल तक बढ़ा चुकी है।