नई दिल्ली: श्रद्धा हत्याकांड: दिल्ली की अदालत ने श्रद्धा हत्याकांड के आरोपी आफताब पूनावाला की पुलिस हिरासत अगले 5 दिनों के लिए बढ़ा दी है। दिल्ली पुलिस ने कोर्ट में बताया कि आरोपी आफताब को जांच के लिए उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश ले जाया जाना है। अदालत ने आरोपी आफताब के नार्को एनालिसिस टेस्ट की अनुमति मांगने वाली पुलिस की अर्जी भी मंजूर कर ली है।
बता दें कि आरोपी आफताब ने 18 मई को बेरहमी से श्रद्धा की हत्या कर दी थीं| इसके बाद आरी से शव को 35 टुकड़ों में काटा और दिल्ली के अलग अलग इलाकों में फेंक दिया| श्रद्धा हत्याकांड में पुलिस सारे साक्ष्य जुटा रही है। उन्हें जानकारी मिली है कि आफताब-श्रद्धा का 300 रुपये का पानी का बिल बकाया है|
26 वर्षीय आरोपी आफताब अमीन पूनावाला मुंबई का रहने वाला है | मुंबई में काम करने के दौरान दोनों (श्रद्धा-आफताब) में प्यार हो गया और परिवारों के विरोध के बाद दोनों भागकर दिल्ली आ गए। जब वह (श्रद्धा) शादी के लिए दबाव बनाने लगी तो उसने (आफताब ने) उसकी (श्रद्धा की) हत्या कर दी|
इसके बाद शव को आरी/चापड़ से 35 टुकड़ों में काटा और फिर टुकड़ों को फ्रिज में रख दिया| इसके बाद आफताब रोज रात 2 बजे फ्लैट से शरीर के टुकड़े को एक-एक कर प्लास्टिक बैग में लेकर जाता था और शहर के अलग अलग इलाक़ों में फेंक कर आ जाता था।
रोज रात 2 बजे फ्लैट से निकलता था, शव के टुकड़े जंगल में फेंक आता था
आफताब ने यह भी कबूल किया है कि वह रोज रात 2 बजे फ्लैट से निकलता था और 18 दिन तक शव के टुकड़ों को अलग-अलग जगहों पर जाकर फेंकता रहा| उसने शव को रखने के लिए एक 300 लीटर का बड़ा फ्रिज खरीद कर लाया था| घर में शव की बदबू न फैले इसलिए अगरबत्ती जलाता था| आफताब सेफ की ट्रेनिंग ले चुका है, इसलिए उसे इस बात की जानकारी है कि कैसे टुकड़े किए जाते हैं|
मर्डर के बाद आफताब ने 'खून के धब्बों' को साफ करने के लिए बहुत सारे पानी का इस्तेमाल किया
दिल्ली पुलिस सूत्रों के अनुसार, हत्या के बाद आफताब ने खून के धब्बों को साफ करने के लिए बहुत सारे पानी का इस्तेमाल किया, जिसके कारण पानी का बिल ज्यादा आया और बिल लंबित हो गया। पड़ोसियों ने पुलिस को बताया कि आफताब नियमित रूप से बिल्डिंग की पानी की टंकी की जांच करने जाता था|
पहचान छिपाने के लिए शव के टुकड़े-टुकड़े कर 'चेहरा' जला दिया था, आरोपी आफताब का कबूलनामा
आरोपी आफताब ने पुलिस के सामने कबूल किया कि पहचान छिपाने के लिए उसने श्रद्धा के शव के टुकड़े करने के बाद उसका चेहरा जला दिया था। उसने यह भी कबूल किया कि उसने हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने के तरीके इंटरनेट पर सर्च किए थे|