नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस ने इंस्टेंट लोन के नाम पर ब्लैकमेलिंग और वसूली करने वाले गैंग का भंडाफोड़ किया है| दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की IFSO टीम ने चीनी लोन ऐप मामले में 2 लोगों को गिरफ़्तार किया है, जिसमें चीनी महिला और एक भारतीय नागरिक शामिल हैं।
चाइनीज महिला का नाम यूझांग है और दूसरे आरोपी का नाम विनीत झावर है| गिरफ़्तार लोगों के पास से तीन लैपटॉप, एक हार्ड डिस्क और 17 मोबाइल फोन बरामद हुए है| दिल्ली पुलिस के मुताबिक चीनी लोन ऐप के माध्यम से 150 करोड़ रुपए चीन में भेजे जा चुके है|
स्पेशल सेल के IFSO के DCP प्रशांत गौतम ने कहा, " चीनी लोन ऐप मामले में 2 लोगों को गिरफ़्तार किया गया है| हम पहले ही 22 गिरफ्तारियां कर चुके हैं। इस ऐप के माध्यम से 150 करोड़ रुपए चीन में भेजे जा चुके है|
डीसीपी प्रशांत गौतम के मुताबिक एनसीआरपी पोर्टल पर दिल्ली पुलिस को कई शिकायतें मिल रही थीं कि लोन एप के जरिये लोन देने के बहाने लोगों से जबरन वसूली और ठगी की जा रही है और पैसे नहीं देने पर आरोपी, पीड़ितों की तस्वीरें मॉर्फ्ड कर उन्हें वायरल करने के नाम पर जबरन उगाही कर रहे हैं|
शिकायतों के विश्लेषण के दौरान पता चला कि 100 से ज्यादा ऐसे एप कर्ज और रंगदारी रैकेट में शामिल हैं| यह पाया गया कि सभी ऐप उपयोगकर्ता के निजी डेटा में सेंध लगा रहे हैं| उपयोगकर्ता की कॉन्टेक्ट लिस्ट, चैट, मैसेज और तस्वीरों जैसे व्यक्तिगत डेटा हासिल कर उन्हें भारत और विदेशों में सर्वर पर अपलोड किया जा रहा था|
मामलों में कार्रवाई करते हुए साइबर पुलिस ने पिछले कुछ दिनों में 22 लोगों को गिरफ्तार किया है| यह नेटवर्क दिल्ली, कर्नाटक, महाराष्ट्र उत्तर प्रदेश और गुजरात सहित कई जगह फैला है|