हैदराबाद: बेहतरीन फिल्म निर्माता और दादा साहब फाल्के अवार्डी कलातपस्वी के. विश्वनाथ का निधन हो गया| फिल्म निर्देशक व अभिनेता कलातपस्वी के. विश्वनाथ का कल रात 92 वर्ष की आयु में निधन हो गया। हैदराबाद के एक निजी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था।
फिल्म निर्देशक एसएस राजामौली, संगीत निर्देशक एमएम कीरावनी, अभिनेता चिरंजीवी और अन्य फिल्मी सितारों ने दिग्गज फिल्म निर्देशक कलातपस्वी के विश्वनाथ को अंतिम श्रद्धांजलि दी।
फिल्म निर्देशक कलातपस्वी के. विश्वनाथ के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख जताया। उन्होंने लिखा, "विश्वनाथ गरु के निधन से दुखी हूं। वह एक रचनात्मक और बहुमुखी निर्देशक के रूप में अपनी अलग पहचान बनाने वाले, सिनेमा जगत के एक दिग्गज थे।"
कसीनथुनी विश्वनाथ का जन्म 19 फरवरी 1930 को आन्ध्र प्रदेश के गुंटूर जिले में स्थित रेपल्ले में हुआ था, जिन्होंने तेलुगू, तमिल और हिंदी में कई प्रशंसनीय फिल्में बनाई हैं। विश्वनाथ भारतीय सिनेमा का सर्वोच्च सम्मान, दादासाहेब फाल्के पुरस्कार पाने वाले 48वें कलाकार है|
एक निर्देशक के रूप में विश्वनाथ की पहली फिल्म 1965 में अभिनेता अक्किनेनी नागेश्वर राव अभिनीत 'गोवरम' थी। उनकी सबसे बड़ी फिल्मों में शंकरभरणम, स्वाथिनुथ्यम, सागर संगमम और स्वयंकृषि शामिल हैं। निर्देशक विश्वनाथ की आखिरी फिल्म साल 2010 में आई 'सुभाप्रदम' थी। इसके साथ ही उन्होंने 'कालीसुंदरम रा', 'नरसिम्हा नायडू', 'टैगोर' और 'मिस्टर परफेक्ट' जैसी कई ब्लॉकबस्टर फिल्मों में भी अभिनय किया।