राजस्थान की राजनीति में उस वक्त भूचाल आ गया जब किशनगढ़ में नकली डीएपी खाद बनाने की फैक्ट्री का खुलासा हुआ। इस मामले को लेकर कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने प्रदेश की भजनलाल सरकार पर तीखा हमला बोला है और इसे "भाजपा सरकार में प्रचंड भ्रष्टाचार" की निशानी करार दिया है।
केंद्रीय मंत्री के क्षेत्र में नकली खाद का कारोबार
सोचिए जब केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री के संसदीय क्षेत्र किशनगढ़ में ही नकली DAP खाद का धंधा जोरों पर हो और किसानों के साथ विश्वासघात किया जा रहा हो, तो बाकी देश में क्या हाल होगा?
— Govind Singh Dotasra (@GovindDotasra) May 29, 2025
कृषि राज्यमंत्री घर में मार्बल पाउडर और मिट्टी पर रंग चढ़ाकर नकली DAP बनाने की फैक्ट्रियां चल रही हैं,… pic.twitter.com/ayXhD92rE3
डोटासरा ने सोशल मीडिया और प्रेस बयानों के ज़रिए कहा कि यह मामला बेहद गंभीर और शर्मनाक है, क्योंकि केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री के संसदीय क्षेत्र किशनगढ़ में ही मार्बल पाउडर और रंगी हुई मिट्टी से नकली DAP खाद तैयार की जा रही है। उन्होंने सवाल उठाया:
“जब मंत्री के क्षेत्र में ये सब हो रहा है, तो पूरे देश में क्या हाल होगा?”
सरकार और अधिकारियों पर मिलीभगत के आरोप
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि पूरे सिस्टम की मिलीभगत के बिना इतना बड़ा खाद घोटाला मुमकिन नहीं। उन्होंने पूछा:
“सरकार और प्रशासन को भनक क्यों नहीं लगी? या फिर अधिकारी किसी दबाव में थे? भाजपा नेता ज़मीर बेचकर ज़हर की सौदेबाज़ी कर रहे थे?”
डबल इंजन सरकार पर डबल हमला
डोटासरा ने तंज कसते हुए कहा कि डबल इंजन की सरकार में "डबल भ्रष्टाचार और डबल धोखा" है। उन्होंने कहा कि किसानों को ज़हर देकर अन्नदाता की ज़िंदगी से खिलवाड़ किया जा रहा है। यह मुद्दा सिर्फ एक घोटाले का नहीं, बल्कि किसानों के साथ गहरा विश्वासघात है।
जांच और कार्रवाई की मांग
डोटासरा ने इस पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच की मांग की और दोषियों के साथ-साथ कमीशनखोर अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई करने की बात कही। उन्होंने कहा:
“सरकार को दिखाना होगा कि वह किसानों के साथ है, न कि भ्रष्टाचारियों के साथ।”
चुनावी माहौल में मिला बड़ा मुद्दा
यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब राज्य और केंद्र सरकारें किसानों के हितों की बात कर रही हैं। कांग्रेस इस प्रकरण को आगामी चुनावों में राजनीतिक हथियार बनाकर भाजपा को घेरने की रणनीति में है। वहीं, भाजपा की तरफ से इस मुद्दे पर अभी तक कोई ठोस प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।