फतेहपुर: ऑनलाइन ठगी के शिकार पीड़ितों के कुल 01 लाख 20 हजार 567 रूपये साइबर क्राइम सेल फतेहपुर द्वारा पीड़ितों के बैंक खाते में वापस कराये| साइबर क्राइम सेल के द्वारा साइबर अपराध के शिकार दो पीड़ितों के खातों में कुल 01 लाख 20 हजार 567 रूपये अथक परिश्रम व प्रयास के बाद उनके खातों में वापस कराये गये ।
2 फरवरी 2022 को आवेदिका सुलेखा पत्नी दुर्गा प्रसाद निवासी मोहन खेड़ा भदवा थाना मलवा व उनके पति दुर्गा प्रसाद द्वारा साइबर क्राइम सेल कार्यालय उपस्थित होकर,पुलिस अधीक्षक को सम्बोधित प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर बताया कि आनलाइन ठगी करने वाले अपराधियो के द्वारा अपने आप को उनका रिश्तेदार बताकर फोनपे के माध्यम से रिक्वेस्ट भेजकर उनके बड़ौदा यूपी बैंक खाते से 123848 रूपये ट्रांसफर कर लिये ।
पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार थाना मलवा पर अभियोग पंजीकृत किया गया तथा साइबर क्राइम सेल को भी कार्यवाही हेतु आदेशित किया गया । साइबर क्राइम सेल द्वारा तत्काल कार्यवाही करते हुए वादिनी के खाते का स्टेटमेंट प्राप्त कर कार्यवाही करते हुये फोन पे, कैशफ्री व विजन एलेवन के नोडल के नोडल अधिकारियों से पत्राचार करते हुये समस्त दस्तावेज प्रस्तुत किये तथा लगातार प्रयास करते हुये आठ माह बाद आनलाइन ठगी किये रूपयों में से 1,15,348/- रूपये आवेदिका उपरोक्त के बैंक खाते में सकुशल वापस कराये गये।
23 जुलाई, 2022 को आवेदक सर्वेश कुमार लेखपाल पुत्र प्रेम सिंह निवासी आईटीआई रोड सिविल लाइन थाना कोतवाली फतेहपुर द्वारा शिकायत की गई कि अज्ञात व्यक्ति द्वारा बिजली का बिल न जमा होने के मैसेज भेजकर उन्हे बिल जमा करने में मदद करने के नाम पर एनीडेस्क एप इंस्टाल कराकर उनके पंजाब नेशनल बैंक खाते से दस हजार रूपये निकाल लिये गये । इसकी जानकारी होने पर तत्काल साइबर क्राइम सेल फतेहपुर व थाना कोतवाली में अपनी एफआईआर दर्ज करायी थी । साइबर क्राइम सेल द्वारा तत्काल पीएनबी, पेटीएम के नोडल अधिकारियो को पत्राचार कर जानकारी प्राप्त की तथा पेटीएम ट्रांजैक्शन को होल्ड कराते हुये आनलाइन ठगी किये रूपयों में से 5219/- रूपये रिकवर कराकर आवेदक उपरोक्त के बैंक खाते में सकुशल वापस कराये गये।
सभी आवेदकों द्वारा कार्यालय साईबर क्राइम सेल में आकर पुलिस अधीक्षक एवं साईबर क्राइम सेल के कर्मचारियों का आभार व्यक्त करते हुए कृत कार्यवाही की भूरि-भूरि प्रशंसा की गयी तथा आभार प्रकट किया गया।
फतेहपुर पुलिस की अपील
जनमानस से अपील की जाती है कि किसी भी अनजान व्यक्ति को ओटीपी, डेबिट कार्ड / केडिट कार्ड डिटेल एवं यूजर आईडी पासवर्ड शेयर न करें, चाहें वह बैंक कर्मी हो या ट्रेजरी आफिसर या अन्य कोई । कोई व्यक्ति यदि बातों-बातों में आपसे कोई रिमोट एक्सेस एप जैसे- क्वीक सपोर्ट, एनीडेस्क आदि डाउलोड करने को कहे तो कदापि डाउनलोड न करें। विभिन्न माध्यमो जैसे एसएमएस, ई-मेल, व्हाट्सएप मैसेज आदि पर प्रसारित / प्राप्त हो रहे लिंक को न खोलें। किसी भी कम्पनी का कस्टमर केयर नम्बर गूगल पर सर्च करके प्रयोग में न लायें नम्बर प्राप्त करने हेतु उस कम्पनी द्वारा उपलब्ध कराये गये डाक्यूमेंट को देखें या केवल आधिकारिक वेबसाइटों पर उपलब्ध नम्बर का प्रयोग करें ।
एटीएम से पैसे निकालते समय ध्यान रखें कि कोई दूसरा व्यक्ति आपका एटीएम कार्ड बदल न पायें एवं पैसा निकालने से पूर्व उस मशीन में स्कीमर एवं कैमरा न लगा हो चेक कर ले । अपने मोबाइल को किसी अनजान व्यक्ति को कदापि न दें । विभिन्न सरकारी आवास योजनाओ का लाभार्थी बताकर यदि कोई पैसे मांगे तो कदापि पैसे न दे । यदि आपके मोबाइल नंबर पर मैसेज या काल आता है कि आपके दोस्त ने रुपये भेजे है उसे रिसीव कर ले और यदि आप उस लिंक को क्लिक करेंगे तो आपके खाते में राशि आ जाएगी तो ध्यान रखे कि यह काल फ्रॉड की भी हो सकती है और इस पर क्लिक करने से आपके खाते से रूपये कट सकते है अतः जाँच परख के बाद ही लेन देन करे । किसी भी प्रकार की साइबर क्राइम सम्बन्धी शिकायत को दर्ज करने हेतु नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल cybercrime.gov.in या टोल फ्री नं0 1930 डायल करें या अपने बैंक को घटना के सम्बन्ध में अवगत कराते हुये नजदीकी थाने या जनपदीय साइबर क्राइम सेल में सम्पर्क करे ।