गोंडा: विकास योजनाओं की हकीकत परखने के लिए सोशल आडिट के लिए बीआरपी लाभार्थियों से संवाद करेंगे। उन्हें जागरूक करेंगे कि योजना उनके लिए हैं और उनकी ही है। जिलाधिकारी मार्कंडेय शाही की अध्यक्षता में गठित कमेटी ने बीआरपी के पैनलिस्ट की सूची जारी कर दिया है। जिसमें पत्रकार संजय तिवारी समेत 18 लोगों का चयन किया गया है।
जिला विकास अधिकारी दिनकर विद्यार्थी ने बताया कि चयनित ब्लाक संसाधन व्यक्तियों की सूची निदेशक सोशल आडिट को भेज दिया गया है। मुख्य विकास अधिकारी शशांक त्रिपाठी ने बताया कि सोशल आडिट से जन-सहभागिता बढ़ाने के कार्य करने के साथ ही निर्णय प्रक्रिया में पारदर्शिता लानाहै। इसके साथ ही जनसामान्य को अधिकारों एवं हकदारी के बारे में जागरूक करना, कार्ययोजनाओं के चयन एवं क्रियान्वयन पर निगरानी किया जाना है। इससे विकास की योजनाएं लोगों तक पहुंचेंगी और आम लोगों का जुड़ाव सीधे तौर कार्यों से होगा।
जिले स्तर पर चयनित की सूची में संजय तिवारी के साथ ही लक्ष्मी प्रसाद मिश्र, बबिता सिंह, कृष्णदेव तिवारी, आशीष श्रीवास्तव, दिनेश नरायन तिवारी, विशेश्वर दूबे, संतोष कुमार, विजय कुमार मिश्र, अटल बिहारी शर्मा, अमरेश तिवारी, यमुना प्रसाद, जमुना प्रसाद, कृष्ण कुमार द्विवेदी, दीनदयाल सिंह, संतोष कुमार, कैलाश, विनय प्रकाश सिंह का चयन हुआ है।
सोशल आडिट से जन समुदाय की सहभागिता सुनिश्चित नही हो पाई। इसके बाद भारत सरकार ने बीआरपी चयन को प्राथमिकता दिया। दो ब्लाकों करनैलगंज व हलधरमऊ में ब्लाक समन्वयक की तैनाती नही है। यहां के लिए दो- दो बीआरपी चयनित किए गए हैं और अन्य 14 ब्लाकों में ब्लाक समन्वयक हैं तो वहां के लिए एक- एक बीआरपी चयनित किए गए हैं। कार्य स्थाई मानदेय पर नही है और प्रत्येक कार्य के लिए शुल्क तय है। बीआपी को एक पंचायत की आडिट पर दो हजार रूपए व्यवसायिक शुल्क और पांच सौ रूपए यात्रा शुल्क मिलेगा।
रिपोर्ट-अतुल कुमार यादव