गोंडा: गोंडा जिले को मिली 2 करोड़ रुपये की सहायता धनराशि| कोरोना वायरस की दूसरे लहर से उत्पन्न स्थिति से निपटने के लिए मिली धनराशि| दवाएं,पीपीई किट,मास्क,होम मेडिकल किट, थर्मल स्क़ैनर व ऑक्सीजन सिलेंडर खरीदने के लिए मिली धनराशि|
गोंडा सहित यूपी के 75 जिलों को 2 अरब 25 करोड़ रुपये की मिली सहायता धनराशि| रेणुका कुमार अपर मुख्य सचिव उ.प्र. ने सभी जिला अधिकारियों को पत्र जारी किया।
अपर मुख्य सचिव रेणुका कुमार ने कहा है,'' अतिक्रमित करते हुए नोवेल कोरोना वायरस (कोविड-19) द्वितीय लहर से उत्पन्न स्थिति से निपटने हेतु निम्न मदों/कार्यों हेतु धनावंटन किया जा रहा है
(1) मेडिकल कन्ज्यूमेबिल्स यथा- दवाएं, पीपीई किट, एन-95 मास्क, होम मेडिकल किट, थर्मल स्कैनर, आक्सीजन सिलेण्डर आदि।
(2) कोविड टेस्टिंग किट (स्वास्थ्य विभाग द्वारा निर्धारित दरों पर निजी लैब में टेस्टिंग सहित)।
(3) सर्विलान्स एवं स्क्रीनिंग ऑपरेशन एवं कान्टैक्ट ट्रेसिंग अनुमन्य गतिविधियों में वाहन किराए पर लेना सम्मिलित होगा, जिससे सर्विलांस, सैम्पलिंग एवं आरआरटी गतिविधियाँ निर्वाध रूप से चलती रहें। ए श्रेणी के जनपद में अधिकतम् 15 वाहन तथा बी/सी श्रेणी के जनपद में अधिकतम् 10 वाहन किरए पर ले सकेगें। सभी वाहन पर व्यय सभी खर्चों एवं टैक्स सहित चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के टेडर दर से अधिक नही अनुमन्य होगा।
(4) स्वास्थ्य/गृह विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार कन्टेनमेन्ट ऑपरेशन हेतु।
(5) सर्विलान्स एवं स्कीनिंग कार्य के लिए यथा डाटा इन्ट्री जैसी आवश्यक सेवाएं आउटसोर्सिंग पर अनुमन्य होगी किन्तु मानव सेवा यथा- चिकित्सक, पैरा मेडिकल स्टाफ तथा लैब टेक्निशियन आदि की संविदा की सेवाएं अनुमन्य नही होगी। इन पर होने वाला व्यय एनएचएम से वहन कियाजा एगा।
(6) समस्त धनराशि का उपभोग दिनांक 31.03.2022 से पूर्व कर लिया जायेगा। यदि धनराशि अवशेष बचती है तो नियमानुसार दिनांक 31.03.2022 के पूर्व समर्पित कर दी जायेगी।
(7) राज्य आपदा मोचक निधि से स्वीकृत धनराशि का जिला स्तर पर समुचित लेखा-जोखा रखा जाये तथा माह के अंत में जिलाधिकारी द्वारा हस्ताक्षरित किया जायेगा और मदवार मासिक व्यय विवरण निर्धारित प्रारूप पर अगले माह की 05 तारीख तक उपलब्ध कराने के साथ ही उक्त तिथि तक इसे राहत आयुक्त की वेबसाइट https://rahat.up.nic.in पर फीड करवाना सुनिश्चित किया जाये|
(8) राज्य आपदा मोचक निधि से स्वीकृत धनराशियों के उपभोग/समर्पण के संबंध में शासनादेश सं0-2/1-11-2013-रा0-11, दिनांक 04.03.2013 का अनुपालन किया जायेगा।
(9) उक्त धनराशि का उपभोग प्रमाण-पत्र वित्तीय हस्तपुस्तिका खण्ड-5 भाग-1 के प्रस्तर-369-एच के अधीन निर्धारित प्रारूप सं0-42 आई में शासन को उपलबब्ध कराया जाये।
(10) व्यय की गयी धनराशि महालेखाकार कार्यालय में सही मदों में पुस्तांकन कराया जाये और प्रत्येक माह में महालेखाकार कार्यालय से आंकड़े समाधानित एवं सत्यापित कराकर शासन को सूचित किया जाये।