गोंडा: गोंडा पुलिस व स्वाट टीम को मिली बड़ी सफलता| करोड़ो रूपये के हुए जीपीएफ घोटाले करने वाले गिरोह का पुलिस ने किया भंडाफोड़| सरकारी कर्मचारियों की फर्जी आईडी बनाकर जीपीएफ के नाम पर राजकीय धन का गबन करने वाले गिरोह के 5 आरोपी को पुलिस ने किया गिरफ्तार|
गिरफ्तार लोगों में एक लेखपाल व एसओसी का एकाउंटेंट भी शामिल| करीब 27 लाख रुपये नगद किया बरामद| कुल 1 करोड़ 58 लाख 65 हज़ार की भी हुई रिकवरी| आरोपियों की लगभग 14 करोड़ की संपत्तियां भी की गई सीज| ट्रेजरी अधिकारियों की मिलीभगत से हुआ करोड़े रुपये का घोटाला| नवाबगंज क्षेत्र के 45 खातों में पिछले 3 सालों में आये 6 करोड़ रुपये।
17 मार्च को पुलिस अधीक्षक शैलेश कुमार पाण्डेय को गोपनीय सचना प्राप्त हुई कि जनपद के नवाबगंज स्थित भारतीय स्टेट बैंक के कुछ खाता धारको के खातो में सन्दिग्ध तौर पर धनराशि स्थानांतरित हो रही है जिसमें नवाबगंज क्षेत्र के ग्राहक सेवा केन्द्र के संचालक की संलिप्तता है। इस गोपनीय सूचना की जाँच पुलिस अधीक्षक ने एसओजी टीम के माध्यम से करायी, सूचना प्रमाणित होने पर थाना नवाबगंज में मु0अ0स086/2021 धारा 419. 420,467468.471.120बी भादवि व 66.66डी आईटी एक्ट पंजीकृत किया गया।
पुलिस अधीक्षक ने प्रभारी निरीक्षक नवाबगंज व एसओजी की संयुक्त टीम को प्रकरण का अनावरण करते हुए संलिप्त अभियुक्तों की शीघ्र गिरफ्तारी करने के निर्देश दिये थे। जिसके क्रम में थाना नवाबगंज व एस0ओ0जी0 टीम द्वारा सरकारी कर्मचारियो की कूटरचित आईडी बनाकर जीपीएफ के नाम पर फर्जी तरीके से पैसा गबन करने वाले गिरोह के पाँच सदस्यो को गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार अभियुक्त अरुण वर्मा चकबन्दी विभाग गोरखपुर में एकाउन्टेण्ट के पद पर तैनात है जिसके द्वारा अपने साथी कर्मचारी पुनीत श्रीवास्तव के साथ मिलकर फर्जी सरकारी कर्मचारियों की लैपटाप व वेबसाइट के माध्यम से कई आई0डी0 बनाई गयी व फर्जी जीपीएफ बिल बनाकर विगत कई वर्षों में करोडो रुपयो जनपद गोण्डा गोरखपुर व देवरिया के कई खातो में अपने साथी लेखपाल राजेश पाठक व नानमून भीर्या (एसबीआई ग्राहक सेवा केन्द्र) के माध्यम से स्थानांतरित कर लिये। जिनमें से अबतक 45 खातो को चिन्हित किया जा चुका है। उक्त खातो में विगत तीन वर्षों में छ: करोड रुपयो से ज्यादा का स्थानांतरण इस गिरोह द्वारा किया जा चुका है। अभियुक्त अरुण वर्मा, राजेश पाठक व गिरोह के अन्य सदस्यों द्वारा विगत दस वर्षों में इस फर्जी वाडे से कई करोड रुपयों की सम्पत्ति अर्जित की गयी है जिनको चिन्हित कर सीज करने की कार्यवाही प्रचलित है। अभियुक्तगणों को वास्ते रिमांड माननीय न्यायालय रवाना किया जा रहा है।
गिरफ्तार लोगों की पहचान-अरुण वर्मा पुत्र स्व० मोहन लाल (निवासी ग्राम भरवलिया बुजुर्ग आजाद चौक थाना रामगढ ताल जनपद गोरखपुर ( एकाउन्टेन्ट चकबन्दी विभाग गोरखपुर),
2. राजेश पाठक पुत्र केदारनाथ पाठक निवासी ग्राम कोल्हमपुर विशेन पठकौली थाना नवाबगंज जनपद गोण्डा ( लेखपाल हरैया तहसील बस्ती)
3. नानमून मीयां पुत्र रामकेवल मीयां (निवासी गेड़सर मुरावन पुरवा थाना वजीरगंज जनपद गोण्डा हाल पता कोल्हमपुर थाना नवाबगंज जनपद गोण्डा (ग्राहक सेवा केन्द्र संचालक वजीरगंज)
4. अरुण श्रीवास्तव पुत्र रामलोचन श्रीवास्तव निवासी ग्राम इमलिया गुरदायाल थाना कोतवाली नगर जनपद गोण्डा (एजेन्ट एस0बी0आई0 लाईफ एशोरेन्स)
5. प्रदीप दुबे पुत्र दुर्गा प्रसाद दुबे निवासी पुरे परसदा पोखरा थाना तरबगंज जनपद (ग्राहक सेवा केन्द्र संचालक)
आरोपी की चिन्हित सम्पत्ति:
अरुण वर्मा:
1. एक मकान अनुमानित कीमत 2.5 करोड़ स्थित बुद्ध विहार कालोनी तारामण्डल गोरखपुर।
2. 04 एकड़ जमीन झंगहा गोरखपुर अनुमानित कीमत 2 करोड़।
3. एक ज्वैलरी शाप स्थित आजाद चौक में 60 लाख निवेश।
5. दो प्लाट नौसड़ गोरखपुर अनुमानित कीमत 50 लाख।
राजेश पाठकः
1. 30 कमरो का हास्टल अनुमानित कीमत 3 करोड़ जनपद अयोध्या।
2. देवकाली में एक मकान अनुमानित कीमत 50 लाख।
3. बूथ नं0-4 अयोध्या में प्लाट अनुमानित कीमत 20 लाख।
4. कोल्हमपुर जमीन अनुमानित कीमत 20 लाख।
5. शाहपुर में जमीन अनुमानित कीमत 12 लाख।
6.22 लाख का सामान बिजली की दुकान में बेचने के लिये।
रिपोर्ट-अतुल कुमार यादव