गोंडा: सरकार के सख्त निर्देश के बावजूद शासन प्रशासन चाहे जितनी मुस्तैदी दिखा ले परंतु जालसाज अपनी प्रवृत्ति बदलते हुए नहीं दिखाई पड़ रहे हैं| ताजा मामला मनकापुर तहसील के गौरा चौकी बाजार के बीचो बीच का है जहां एक भोला-भाला आदमी एक शातिर आदमी पवन गुप्ता के चक्रव्यूह में फंस कर अपने कीमती जमीन गवां बैठा। जब जब उन्हें मौका मिलता है तब तब वे सीधे साधे लोगों को अपने जाल में फंसा कर उनके साथ धोखाधड़ी कर लेते हैं और जब वो सीधा आदमी उनके बनाये हुए जाल में फंस कर अपना सब कुछ गंवा बैठता है तब तक बहुत देर हो चुकी होती है।
जी हां यह ताजा मामला गोंडा जनपद के मनकापुर तहसील के गौरा चौकी बाजार का है जहां पर एक गरीब ब्राह्मण परिवार एक चालाक व्यक्ति की चालाकी का शिकार हो गया| आपको बताते चलें गौरा चौकी बाजार के मध्य गौरा चौकी बभनान मार्ग के बगल स्थित एक पुरानी आबादी की जमीन पर एक पंडित जी का पुराना मकान बना हुआ था| मकान जर्जर हो गया उनकी माली हालत ठीक नहीं थी,' तब उन्होंने अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए उसे बेजने का मन बनाया| तब उसे पवन गुप्ता जो उसी बाजार का था मिला, 'उसने 28 लाख रुपए में खरीदने की बात कही |
तय सौदे के तहत उस ब्राह्मण परिवार को 1 लाख नगद तथा जो वर्मा मध्यस्थता कर रहा था उसके नाम से दो लाख का चेक काट दिया गया| परंतु पीड़ितों के मुताबिक जिस खाते का चेक दिया गया उस खाते में पैसा ही नहीं है| साथ ही साथ उसे गुमराह किया गया कि जो मकान बना हुआ है इसको लिखाई ज्यादा लगेगा,' यह हमें ही लिखवाना है तो उसको गिरा लेने दीजिए स्टाम्प कम लगेगा और हम आपको पैसा देकर जमीन लिखवा लेंगे|
पंडित जी ने विश्वास करके अपने मकान को गिरने दिया जब समय बीतता गया| उन्होंने कहा कि लिखवा लीजिए तब आगे का काम करिए लेकिन उस दबंग गुप्ता परिवार ने पंडित जी की एक ना सुनी और जबरदस्ती उस जमीन पर निर्माण कार्य शुरू करवा दिया| पंडित जी ने उसको रोका तो उसने दबंगई दिखाई और आज भी बिना पैसा दिए पंडित जी के जमीन पर कब्जा करके मकान बनवा रहा है|
उसके बगल में ही और पीड़ित(अब्दुल अजीज) कैमरे के सामने आए| उन्होंने( अब्दुल अजीज) बताया यह गुप्ता परिवार हमारा भी जमीन हड़प रहा है.. हमने तहसीलदार महोदय को प्रार्थना पत्र दिया था.. उन्होंने बाकायदा आदेश किया था कि जब तक पैमाइश ना हो जाए तब तक यथास्थिति बनाए रखा जाए| लेकिन तहसीलदार साहब के आर्डर का कोई मतलब नहीं रहा... बेखौफ़ जालसाज अपना काम कर रहे हैं..
पंडित जी के बेटे ने बताया कि हमारा परिवार इस धोखाधड़ी से बहुत सदमे में है| परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत खराब है अगर हमारी समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आत्महत्या करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है| अब आगे देखना होगा कि अधिकारी निष्पक्ष भूमिका में आते हैं या मौन होकर न्याय की हत्या होते देखते..
रिपोर्ट-अतुल कुमार यादव