गोंडा: खबर यूपी के गोंडा जिले से है जहां लगातार हो रही वर्षा और पिछले दिनों दो लाख पचास हजार क्यूसेक से अधिक छोड़े गए पानी के वजह से घाघरा नदी का जलस्तर बढ़ गया था...अब घाघरा खतरे के निशान से जैसे-जैसे नीचे जा रही है वैसे-वैसे कटान तेज हो गया है जिसके कारण अब घाघरा के किनारे सैकड़ो बीघा फसल जल की धारा में समाहित हो रहे है वही केवटाही सहित ऐली परसौली के आधे दर्जन से अधिक पूरवे नदी की धारा में विलीन हो गए है।
घाघरा के कटान के कारण आस-पास के ग्रामीण गांवों को खाली कर सुरक्षित स्थानों पर शरण ले रहे है...कुछ लोग बन्धो पर शरण ले लिए है वहीं एक बुजुर्ग महिला का आशियाना अब नदी में समा चुका है शिक्षक के कहने पर वह प्राथमिक विद्यालय ऐली परसौली माझा में प्रवास कर रही है लेकिन अब विद्यालय के किनारे नदी कटान करते-करते पहुच गयी है जिससे स्कूल के अस्तित्व को खतरा उतपन्न हो गया है|प्राथमिक विद्यालय ऐली मांझा और घाघरा नदी की कटान के बीच महज़ कुछ ही फ़ासला बचा है|
वर्ष 1998-99 में बना यह विद्यालय कभी भी अपना अस्तित्व खो सकता है इसकी सूचना भी उच्च अधिकारियों को दे दी गयी है आनन फानन में खण्ड शिक्षा अधिकारी आनंद प्रकाश सिंह और डीसी निर्माण विद्या भूषण मिश्रा मौके का मुआयना करने पहुचे तो वे भी हैरान रह गए, स्थिति अति गंभीर बनी हुई है यदि कटान नही रुकी तो निश्चित रूप से विद्यालय नदी में समा जायगा।
आपको बता दे पिछले वर्ष प्राथमिक विद्यालय केवटाही भी ऐसी ही परिस्थितियों में अपना अस्तित्व खो चुका है...हम आपको एक्सक्लुसिव तस्वीरें दिखा रहे हैं देखिये किस तरह घाघरा की कटान धीरे-धीरे विद्यालय की तरफ बढ़ रही है महज़ कुछ ही मीटर की दूरी बची है और कभी भी ये कटान इस विद्यालय तक पहुच सकती है अब देखने वाली बात ये है कि यह विद्यालय अपना अस्तित्व बचा सकता है कि घाघरा की आगोश में समा जाता है।
रिपोर्ट-अतुल कुमार यादव