गोंडा: आज दिनांक 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ ईकाई गोण्डा द्वारा मुख्यमंत्री उ.प्र.सरकार को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी गोंडा के माध्यम से अतिरिक्त मजिस्टेट को सौंपा गया जिसका नेतृत्व जिला अध्यक्ष अवधेश मणि मिश्रा ने किया, इसमें मुख्य अतिथि के रुप में प्रदेश अध्यक्ष शिव कुमार शुक्ला रहे|
ज्ञापन में उप मुख्यमंत्री द्वारा गठित कमेटी की रिपोर्ट सार्वजनिक करके शिक्षामित्रों का भविष्य सुरक्षित करने के संबंध में सौंपा गया| जिसमें मुख्यमंत्री जी से शिक्षामित्रों ने मांग की| प्रदेश के लाखों शिक्षामित्रों की ओर से आप एवं प्रदेश की आपकी लोकप्रिय सरकार को पावन शिक्षक दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं बधाई एवं अभिनंदन महोदय..
त्तर प्रदेश में शिक्षामित्रों की नियुक्ति तत्कालीन सरकार की मजबूरी थी या उसकी नियत यह तो हम नहीं जानते|लेकिन तत समय जारी नियम निर्देश शासनादेश में यह लिखा गया था कि प्रदेश में शिक्षामित्रों की नियुक्ति शिक्षकों की कमी को पूरा करने के लिए किया गया था और शिक्षामित्रों के अल्प मानदेय असुरक्षित सेवा सरतो उसी की कमी को बखूबी पूरा भी किया और प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों में छात्रों के नामांकन एवं ठहराव में अभूतपूर्व परिवर्तन भी अपनाएं जिसका परिणाम रहा की शिक्षा मित्रों को वह सारे प्रशिक्षण जो समयानुसार शिक्षा सुधार के लिए आवश्यक एवं क्रांतिकारी थे|
वर्तमान के लिए संस्थाओं एवं सरकार द्वारा निर्धारित किए गए, शिक्षकों के साथ शिक्षक मानकर ही शिक्षामित्रों को भी दिए गए इसी के साथ साथ शिक्षामित्र जहां विद्यालयों में शिक्षा सुधार में तत्परता के साथ संलग्न था| कहीं अपनी सेवा में सुधार एवं सुरक्षा के लिए भी संघर्षरत था जिसमें आप महोदय का भी समय-समय पर आशीर्वाद एवं समर्थन प्राप्त होता रहा था| महोदय शिक्षामित्रों के परिश्रम एवं संघर्ष का परिणाम यह रहा कि तत्कालीन सरकार ने स्नातक शिक्षामित्रों को 2 वर्षीय दूरस्थ बीटीसी प्रशिक्षण कराने के पश्चात शिक्षक बनाने का निर्णय लिया और इस क्रम तक पहुंचाने में शिक्षामित्रों के 15 16 वर्ष व्यतीत हो गए|
उदार मना संत हृदय श्री महाराज जी शिक्षामित्रों को जहां इस अवध में आपका समर्थन एवं आशीर्वाद प्राप्त होता रहा है वहीं प्रदेश में 15, 16 वर्षों तक शिक्षामित्रों से किसी को कोई परेशानी नहीं थी और ना ही हमारे द्वारा गुणवत्ता ही खराब हुई थी| कुछ समय तक प्राथमिक शिक्षा की रीढ़ कहे जाने और इस अवध में सारे प्रशिक्षण और जिम्मेदारियां शिक्षामित्रों को ही दी गई| जो गुणवत्ता के लिए समय-समय पर सम्मानित सरकारों द्वारा अध्यारोपित कराई गई |परंतु जैसे ही 2014 में प्रदेश के शिक्षामित्रों को कार्यअनुसार शिक्षक पद पर नियुक्ति प्रदान करने की प्रक्रिया शुरू हुई.. तुरंत प्रदेश में एक हलचल पैदा हो गई और संवैधानिक दिक्कत है आने लगी और शिक्षा मित्रों को इंटर पास जैसे शब्दों से विभूषित किया जाने लगा|
महोदय न्यायिक यात्रा की गहराइयों में जाने की अत्यधिक क्षमता हम शिक्षामित्रों में अब नहीं बची है| जीवन के शेष दिनों में हम सभी आप के आशीर्वाद से सुरक्षित होकर प्राथमिक शिक्षा की सेवा में व्यतीत करना चाहते हैं| यह सभी शिक्षामित्र बहुत ही भयभीत हैं जिसका प्रमुख कारण हमारे 4000 से अधिक साथियों को छोड़कर चले जाना भी है|
महोदय आप तब भी प्रदेश कि इन युवाओं के साथ ही थे और जब माननीय न्यायालय इलाहाबाद हाईकोर्ट ने समायोजन रद्द किया तब हमारे इस दर्द में आपका आशीर्वाद प्राप्त हुआ और तत्कालीन सरकार को आपने संदेश दिया की कोर्ट में मजबूत पैरवी कर शिक्षामित्रों की सेवा की सुरक्षा करना चाहिए और हमें साथ खड़े रहने का भरोसा दिलाया महोदय आप के आशीर्वाद से हम माननीय सुप्रीम कोर्ट पहुंचे और शायद आपके संदेश से सरकार भीहमारे संघर्ष का दौर माननीय न्यायालय में चल ही रहा था की देव कृपा एवं आपके अपने एकात्म संघर्ष ने उत्तर प्रदेश की सत्ता की चाभी आपके कर कमलों में आ गई|
हम इससे प्रसन्न एवं अपने को सुरक्षित महसूस कर करने लगे थे कि माननीय सुप्रीम कोर्ट इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले पर मा सर्बोच्च न्यायालय अपनी सहमत की मुहर ही लगा दी| जिसकी अनुपालन में शिक्षामित्रों को उनके मूल पद पर भेज दिया गया| तब भी आप महोदय हमारे साथ ही थे और 35 00 पाने वाले शिक्षामित्रों को ₹10000 मानदेय बढ़ोतरी के साथ वापस किया.. आपके इस उदारता ने निश्चित कि हम शिक्षामित्रों के आंसुओं को पोंछने का जो प्रयास किया.. उसके पर हमारा संगठन आपका कृतज्ञ है और हम सभी अच्छादित होकर विभिन्न माध्यमों से अपनी आवाज आप तक पहुंचाने के लिए संघर्ष करने लगे|
इसी बीच संगठन के प्रतिनिधि मंडल के साथ हुए वार्ता में आपका आश्वासन मिला और आप महोदय ने माननीय उपमुख्यमंत्री श्री दिनेश शर्मा जी के नेतृत्व में एक कमेटी का गठन कर दिया और अतिशीघ्र ऐसी रिपोर्ट बनाने को कहा ताकि सेवाकाल बेहतर बनाया जा सके और तबभी आप हमारे साथ थे और हमारी पीड़ा के प्रति संवेदनशील भी परंतु लंबे समय तक गठित कमेटी का प्रकाश में ना आना संशय का विषय रहा जिसके लिए शिक्षामित्रों का संघठन कई बार आदरणीय मुख्यमंत्री जी से मिला और आपके साथ पत्राचार भी किया परंतु प्रकाशन नहीं हुआ|
महोदय इस पूरे घटना चक्र में हम सभी को दो अवसरों पर प्रतीत हुआ की श्रीमान जी आशीर्वाद पूर्वत प्राप्त नहीं हो रहा है| प्रथम बार सुप्रीम कोर्ट के आदेश के उपरांत जब शिक्षामित्रों ने पुनर्विचार याचिका में जाने के लिए सरकार से अनुरोध किया परंतु ऐसा नहीं हुआ और दूसरा आप महोदय के निर्देशानुसार गठित कमेटी का सार्वजनिक ना होने की दशा ने भी एहसास कराया कि कहीं ना कहीं हम सभी श्री महाराज जी के आशीर्वाद से वंचित हो रहे हैं यह भी विविध रूप शिक्षामित्रों की मौत को प्राप्त करने का एक कारण है ।।
भारत सरकार द्वारा नई शिक्षा नीति लागू करने का फरमान जारी हो गया है जिसके सम्बन्ध में कमेटी का गठन माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा कर दिया गया है नई शिक्षा नीति के अंतर्गत संवैधानिक रूप से नियमो में संशोधन करते हुए शिक्षामित्रों का जीवन सुरक्षित किया जाए।।
अतः आप महोदय से सादर प्रार्थना है कि हम शिक्षामित्रों को पूर्व की तरह अपना आशीर्वाद प्रदान करते हुए कमेटी द्वारा प्राप्त कराई गई रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाए एवं शिक्षामित्रों की सेवा को आर्थिक व सामाजिक रूप से सुरक्षित करने हेतु निर्णय लेने की कृपा करें| इस मौके पर वरिष्ठ उपाध्यक्ष सत्यब्रत सिंह जिलामंत्री अभिमन्यु प्रसाद मिश्रा राम लाल साहू राजेंद्र प्रसाद वर्मा तेजेन्द्र शुक्ला फिरोज अहमद भुनेश शर्मा शिव शंकर राम कुमार शुक्ला राजकुमार इन्दु पाण्डे,किरन श्री. राधेश्याम सुरेन्द्रर बहादुर रामभाल तिवारी कन्हैया बक्स सिह,अवधेश कुमार मि सहित समस्त ब्लॉक अध्यक्ष व शिक्षामित्र उपस्थित रहे|