शिमला: हिमाचल प्रदेश के पूर्व सीएम और पूर्व केंद्रीय मंत्री वीरभद्र सिंह का निधन हो गया है| हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता वीरभद्र सिंह का लंबी बीमारी से जूझने के बाद गुरुवार को तड़के निधन हो गया| वह 87 वर्ष के थे| शिमला के आईजीएमसी अस्पताल में सुबह करीब 3 बजकर 40 मिनट में उन्होंने अंतिम सांस ली|दोबारा कोरोना पॉजिटिव आने के बाद से वह शिमला के आईजीएमसी में उपचाराधीन थे।
बता दें, दोबारा कोरोना पॉजिटिव हो जाने के बाद उन्हें आईजीएमसी में भर्ती कराया गया था| लेकिन तमाम उपाये के बाद भी उन्हें नहीं बचाया जा सका| वरिष्ठ कांग्रेस नेता के निधन से प्रदेश में शोक की लहर दौड़ गई है।गौरतलब है कि वीरभद्र सिंह हिमाचल प्रदेश के छह बार मुख्यमंत्री रह चुके हैं| इसके अलावा उन्होंने केंद्रीय मंत्री पद भी संभाला है|
हिमाचल प्रदेश के पूर्व सीएम और कांग्रेस नेता वीरभद्र सिंह के पार्थिव शरीर को चिकित्सा प्रक्रिया के लिए मेडिकल कॉलेज ले जाया गया है। बाद में हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता वीरभद्र सिंह के पार्थिव शरीर को शिमला में उनके आवास पर लाया गया ।पूर्व सीएम और कांग्रेस नेता वीरभद्र सिंह के सम्मान में, हिमाचल प्रदेश सरकार ने 8 जुलाई से 10 जुलाई तक तीन दिनों का राजकीय शोक मनाने का फैसला किया है।
शिमला इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल चिकित्सा अधीक्षक डॉ जनक राज ने बताया,''वे हमारे संस्थान में 30 अप्रैल को भर्ती हुए थे, 2 दिन पहले उनकी तबीयत ज़्यादा खराब हुई और आज सुबह 4 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। वे कोविड से रिकवर कर गए थे, परन्तु पोस्ट कोविड कॉम्प्लिकेशन से जूझ रहे थे|
वीरभद्र सिंह छह बार हिमाचल के मुख्यमंत्री रहे। वीरभद्र सिंह कांग्रेस की यूपीए सरकार में केंद्रीय कैबिनेट मंत्री रहे थे।उनके पास केंद्रीय इस्पात मंत्रालय रहा। इसके अलावा सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग मंत्रालय भी रहा। वीरभद्र सिंह का जन्म 23 जून, 1934 को बुशहर रियासत के राजा पदम सिंह के घर में हुआ।
वीरभद्र सिंह 1983 से 1985 पहली बार, फिर 1985 से 1990 तक दूसरी बार, 1993 से 1998 में तीसरी बार, 1998 में कुछ दिन चौथी बार, फिर 2003 से 2007 पांचवीं बार और 2012 से 2017 छठी बार मुख्यमंत्री बने। लोकसभा के लिए वह पहली बार 1962 में चुने गए।
उन्होंने पहली बार महासू लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा था। लोकसभा के लिए वीरभद्र सिंह 1962, 1967, 1971, 1980 और 2009 में चुने गए।वर्तमान में वीरभद्र सिंह अर्की से विधायक थे। इंदिरा गांधी की सरकार में वीरभद्र सिंह दिसंबर 1976 से 1977 तक केंद्रीय पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन राज्यमंत्री रहे। दूसरी बार भी वह इंदिरा सरकार में ही वर्ष 1982 से 1983 तक केंद्रीय उद्योग राज्यमंत्री रहे।
इसके बाद उन्होंने हिमाचल प्रदेश में तत्कालीन मुख्यमंत्री ठाकुर राम लाल की जगह मुख्यमंत्री की कमान संभाली। उसके बाद से राज्य की राजनीति में सक्रिय हुए। फिर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के नेतृत्व की केंद्र की यूपीए सरकार में वीरभद्र सिंह 28 मई 2009 से लेकर 18 जनवरी 2011 तक कैबिनेट मंत्री रहे।