सोलन: बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) की राष्ट्रीय अध्यक्ष व उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने हिमाचल प्रदेश विधानसभा के लिए हो रहे आमचुनाव में अपनी पार्टी के उम्मीदवारों के समर्थन में चुनावी जनसभा को सम्बोधित करते हुए आज सोलन की जनसभा में कहा कि बीजेपी व कांग्रेस दोनों ही गरीब व मेहनतकश जनता का शोषण करने वाली पार्टियों हैं और यही कारण है कि इन दोनों पार्टियों की यहाँ रही सरकारों में हिमाचल प्रदेश की जनता का अब तक आपेक्षित व सुखद भला नहीं हो पाया है। दोनों ने हिमाचल की जनता को मायूस किया है।
हिमाचल प्रदेश के जिला सोलन की बद्दी तहसील के अन्तर्गत स्थित बरोटीवाला हरिपुर रोड पर खेल मैदान में आयोजित चुनावी जनसभा को सम्बोधित करते हुए मायावती ने कहा कि चुनावों के बाद इन पार्टियों की सरकार आती-जाती रहती हैं, किन्तु प्रदेश की भोलीभाली जनता अपनी खुशी, खशहाली एवं विकास को तरसती रह जाती है. यह अति-दःखद व दर्भाग्यपर्ण भी है, जिसके बेहतर निदान के लिए बी.एस.पी. के रूप में उन्हें नये विकल्प को इस बार जरूर आजमाना चाहिये।
हिमाचल प्रदेश के बहादर नौजवानों की, यूपी, पंजाब व हरियाणा आदि राज्यों की तरह ही बडे पैमाने पर सेना में भर्ती होने की गौरवशाली परम्परा का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि उनकी यह अच्छी व पुरानी परम्परा सेना की नई अस्थाई अग्निवीर भर्ती योजना के बावजूद भी देशहित में जरूर जारी रहनी चाहिए. हालाँकि लोगों की भावना के अनुरूप व सेना के अपने हित में भी केन्द्र सरकार को अपनी इस नई भर्ती योजना पर फिर से सोच-विचार जरूर करना चाहिये।
कश्मीर की तरह खासकर सेब की खेती पर हिमाचल प्रदेश के किसानों की निर्भरता का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि कुछ बड़े व्यापारी समूह द्वारा सेब की औने-पौने शोषणकारी खरीद और फिर उसे भारी मुनाफे पर बाजार में बेचने की खबर अगर वाकई में सही है तो सरकार को इसका जरूर संज्ञान लेकर तुरन्त आवश्यक कार्रवाई करना चाहिये ताकि किसानों का शोषण आगे रूक सके।
यूपी, मध्य प्रदेश, कर्नाटक, महाराष्ट्र, गुजरात व असम आदि राज्यों की तरह हिमाचल प्रदेश में भी भय व भ्रष्टाचार आधारित सरकार चलाने के लिए बीजेपी की तीखी आलोचना करते हुए मायावती ने कहा कि जबरदस्त महंगाई, गरीबी, बेरोजगारी, बदतर सड़कें व अस्पताल एवं शिक्षा व्यवस्था तथा मजबूरी के पलायन आदि जैसी देश की ज्वलन्त समस्याओं के खिलाफ आन्दोलन तो दूर की बात है इसके खिलाफ कुछ बोलने पर भी सरकार द्वारा जनता को चुप कराने का भरसक प्रयास किया जाता है जो देश में उपजी ऐसी नई घातक प्रवृति है जो लोगों की दुःख-तकलीफ को और बढ़ा रही है।
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अपनी पार्टी के सम्बंध में मायावती ने हिमाचल के लोगों को याद दिलाया कि बीएसपी गरीबों, मजलूमों, शोषितों व उपेक्षितों आदि के हितों की रक्षा व कल्याण को समर्पित "सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय' के सिद्धान्त पर चलने वाली सही पार्टी है और इस आधार पर उत्तर प्रदेश जैसे विशाल आबादी वाले राज्य में चार बार अपनी सरकार भी चलाई है, जो आज भी अपना मिसाल आप है।
इसके साथ ही, देश भर में परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर के अनुयाई व बी.एस.पी. से जुड़े लोग ज्यादातर मिशनरी भावना के तहत ही चुनाव में भाग लेते हैं और उन्हें एक शक्ति के रूप में एकजुट रखने के उद्देश्य से हिमाचल प्रदेश विधानसभा का आमचुनाव भी बी.एस.पी. लोगों के तन, मन, धन के सहयोग से अकेले अपने बूते पर ही लड़ रही है। हिमाचल प्रदेश के लोगों को अपने वास्तविक हित व कल्याण तथा भलाई के लिए बी.एस.पी. को इस बार जरूर आजमाना चाहिए, यही अपील।