नई दिल्ली: कांग्रेस ने आज शुक्रवार को कहा,''देश में पेपर लीक से पीड़ित छात्रों की आवाज कांग्रेस अध्यक्ष व राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सदन में उठाई लेकिन उनका 'Mic off' कर दिया गया। पेपर लीक के मामले पर ये सरकार खुद तो खामोश है ही, लेकिन अब वो पेपर लीक के विरोध में उठने वाली आवाजों को भी दबाना चाहती है।
कांग्रेस ने कहा,''जहां एक ओर नरेंद्र मोदी NEET पर कुछ नहीं बोल रहे, उस वक्त विपक्ष के नेता राहुल गांधी जी युवाओं की आवाज़ सदन में उठा रहे है. लेकिन... ऐसे गंभीर मुद्दे पर माइक बंद करने जैसी ओछी हरकत करके युवाओं की आवाज़ को दबाने की साजिश की जा रही है.
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा,'' 7 वर्षों में 70 पेपर लीक हुए हैं, करोड़ों युवाओं से मोदी सरकार ने विश्वासघात किया है।
खड़गे ने कहा,''हम NEET घोटाले पर 267 के नियम के तहत सदन में चर्चा कर के, इससे पीड़ित लाखों युवाओं की आवाज़ उठाना चाहते थे। इसलिए लोगों की समस्या पर ध्यान आकर्षित करने के लिए, हमने एक विशेष चर्चा के लिए कहा। हम किसी को परेशान नहीं करना चाहते थे। हम केवल छात्रों के मुद्दों को उठाना चाहते थे। लेकिन उन्होंने इसका मौका नहीं दिया, इस पर ध्यान ही नहीं दिया।
कांग्रेस अध्यक्षखड़गे ने कहा,'' राज्य सभा के सभापति जी से मैं ये कहूँगा कि विपक्ष के प्रति उनका आज का सौतेला व्यवहार "भारतीय संसद के इतिहास में दागी हो गया है" ! सभापति जी केवल सत्ता पक्ष की ओर देख रहे थे। मैंने उनका ध्यान आकर्षित करने के लिए 10 मिनट तक हाथ उठाया, खड़ा हुआ, संसदीय गरिमा और नियमों का पालन किया, फ़िर भी उन्होंने सदन में विपक्ष के नेता की ओर नहीं देखा। जब नेता विपक्ष नियमानुसार उनका ध्यान आकर्षित करता है, तो उन्हें उसकी ओर देखना चाहिए, लेकिन इसके बजाय, उन्होंने मुझे अपमानित करने के लिए जानबूझकर मुझे नजरअंदाज कर दिया, मुझे या तो अंदर जाना होगा या बहुत जोर से चिल्लाना होगा। इसलिए मैं निश्चित रूप से कहूंगा कि यह सभापति साहब की गलती है।
नेता विपक्ष राहुल गांधी ने कहा,''कल (गुरुवार को) सभी विपक्षी दल के फ्लोर लीडर्स की बैठक हुई और सभी के साथ यह सहमति बनी कि सदन में NEET के मुद्दे पर चर्चा हो। मैं प्रधानमंत्री जी से अनुरोध करता हूं कि यह युवाओं का मुद्दा है और इस पर उचित तरीके से चर्चा होनी चाहिए। आप भी चर्चा में शामिल हों, क्योंकि यह युवाओं का मामला है। संसद से यह संदेश जाना चाहिए कि हिंदुस्तान की सरकार और विपक्ष मिलकर छात्रों के बारे में बात कर रहे हैं।
दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा,' आज जो सदन में हुआ, वह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। नेता विपक्ष श्री Rahul Gandhi ने सदन में पूरी शालीनता के साथ NEET पेपर लीक का एक अति महत्वपूर्ण विषय उठाया। लेकिन सदन में उनके माइक को बंद कर दिया गया, जो कि अच्छी संसदीय परंपरा नहीं है। नेता विपक्ष को अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है। हम सरकार से मांग करते हैं कि इस मुद्दे पर तुरंत चर्चा हो।
अफसोस की बात यह है कि जब श्री Rahul Gandhi ने गुजारिश की कि सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों मिलकर युवाओं को संदेश दें कि NEET की इस मुश्किल घड़ी में हम उनके साथ हैं। उसी समय सत्ता पक्ष ने उनका माइक बंद कर, बच्चों की आवाज को दबाने की कोशिश की। हम NEET पर एक सकारात्मक चर्चा चाहते हैं, लेकिन जब सरकार ने मना किया तो हमने विरोध जताया। यह संसद सबका है, इसलिए NEET के विषय पर सरकार की जवाबदेही होनी चाहिए: गौरव गोगोई
आज NEET के मुद्दे पर लोकसभा में नेता विपक्ष श्री Rahul Gandhi अपनी बात रखना चाहते थे। हम लाखों छात्रों को संदेश देना चाहते थे कि सरकार और विपक्ष उनके साथ है, लेकिन राहुल गांधी जी का माइक बंद कर दिया गया। जैसे 17वीं लोकसभा में अडानी के मुद्दे पर किया गया, वैसे ही आज NEET का मुद्दा उठाने के दौरान माइक बंद कर दिया गया।