लखनऊ: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने JEE की परीक्षा में बंगाल में 25% व अन्य राज्यों में 50% परीक्षार्थियों के हिस्सा लेने की खबर को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और भाजपा पर निशाना साधा है|गुरुवार को उन्होंने कहा कि, भाजपा सरकार अवसर की समानता के सांविधानिक अधिकार का हनन कर रही है.
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ट्वीट किया कि,आज JEE की परीक्षा में बंगाल में केवल 25% व अन्य राज्यों में 50% परीक्षार्थियों के ही भाग ले पाने की ख़बर दुर्भाग्यपूर्ण है. भाजपा सरकार अवसर की समानता के सांविधानिक अधिकार का हनन कर रही है
इससे पहले गुरुवार को उन्होंने कहा था,''देश में 83,883 पार का बना ‘विश्व कीर्तिमान’ फिर भी लाखों बच्चे मजबूर हैं देने को इम्तिहान..अखिलेश यादव ने कहा था,'इधर देश में कोरोना के प्रतिदिन-बढ़ोतरी के मामले अपने शिखर को छू रहे हैं तो उधर चीन हमारी सबसे बड़ी चोटियों पर सामरिक व्यूह रच रहा है. सरकार दोनों ही मामलों में ग़ैर ज़िम्मेदाराना लापरवाही बरत रही है. और इन सबके बीच देश की अर्थव्यवस्था नीचे गिरने के रिकार्ड बना रही है. निंदनीय!
वही, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को दावा किया था कि मंगलवार को हुई जेईई की परीक्षा में कोरोना वायरस महामारी की वजह से राज्य के 75 प्रतिशत अभ्यर्थी भाग नहीं ले सके और अन्य राज्यों में भी सिर्फ आधे विद्यार्थी ही अपने केन्द्रों पर पहुंचे। इसके लिए मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार के 'अहंकार को जिम्मेदार ठहराया।
उन्होंने कहा था कि उनकी सरकार ने छात्रों के लिए सभी इंतजाम किए थे लेकिन मंगलवार को सिर्फ 1,167 बच्चों ने परीक्षा दी जबकि कुल 4,652 अभ्यर्थियों को इस परीक्षा में शामिल होना था। उन्होंने कहा कि इसका मतलब है कि पश्चिम बंगाल में सिर्फ 25 प्रतिशत छात्र ही परीक्षा दे पाए जबकि 75 फीसदी इम्तिहान नहीं दे सके। हमने (केंद्र सरकार के निर्देश के) मुताबिक इंतजाम किए थे।