दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने शराब पीने की न्यूनतम आयु सीमा 25 से घटाकर 21 वर्ष कर दी है|| दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने सोमवार को नई आबकारी नीति के तहत यह ऐलान किया| दिल्ली में शराब पीने की उम्र घटाने पर कांग्रेस नेता अलका लांबा ने केजरीवाल सरकार पर हमला बोला|
कांग्रेस नेता अलका लांबा ने कहा कि मुख्यमंत्री केजरीवाल ने युवाओं में शराब पीने की उम्र को 25 से घटाकर 21 वर्ष कर दी है| बेरोजगारी की बढ़ती दर के बीच शराब की लत को बढावा देने के क्या परिणाम हो सकते हैं| AAP सोच भी नहीं सकते|
अलका लांबा ने ट्वीट किया राजीव गांधी जी ने युवाओं को चुनाव लड़ने का अधिकार देते हुए चुनाव लड़ने की उम्र को 25 से 21 किया था| दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल ने युवाओं में शराब पीने की उम्र को 25 से 21 किया.बेरोजगारी की बढ़ती दर...शराब की लत को बढावा देने के क्या परिणाम हो सकते हैं, AAP सोच भी नहीं सकते|
अलका लांबा ने एक अन्य ट्वीट में लिखा,''दिल्ली की शराब नीति को भी क्या महिलाओं को केंद्र में रख कर बनाया गया है? महँगाई के दौर पर माता पिता पर एक और बोझ, 21 साल के अपने बेरोज़गार बच्चों को अब देने होंगे शराब पीने के लिए पैसे......अलका लांबा ने कहा कि,''शायद इसीलिए AAP के मुख्यमंत्री केजरीवाल ने दिल्ली में सरकारी ठेकों की जगह अब निज़ी शराब के ठेकों को बढावा देना का फ़ैसला किया है. लगे रहो केजरीवाल...
बता दें कि,''मनीष सिसोदिया ने कहा कि,''दिल्ली में शराब का समान वितरण होगा लेकिन कोई नई दुकान नहीं खुलेगी। दिल्ली में अब सरकारी शराब की दुकान नहीं होगी। दिल्ली में शराब की क्वालिटी चेक करने के लिए सरकार क्वालिटी चेक का अपना एक इंटरनेशनल सिस्टम बनाएगी| सिसोदिया ने कहा कि,''दिल्ली में शराब पीने की कानूनी उम्र अब 21 साल होगी, इससे कम उम्र के व्यक्ति को ऐसी जगह में प्रवेश करने की अनुमति नहीं होगी जहां शराब परोसी जाती है|