नई दिल्ली: कर्नाटक- महाराष्ट्र सीमा विवाद को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने महाराष्ट्र CM और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और कर्नाटक CM बसवराज बोम्मई और गृह मंत्री के साथ बैठक की| अमित शाह ने कहा,'' जब तक सुप्रीम कोर्ट का महाराष्ट्र- कर्नाटक सीमा विवाद पर फैसला नहीं आ जाता, कोई भी राज्य इस बारे में एक-दूसरे राज्य पर दावा नहीं करेगा।
कर्नाटक- महाराष्ट्र सीमा विवाद को लेकर बैठक के बाद अमित शाह ने कहा,'' कर्नाटक और महाराष्ट्र के बीच सीमा को लेकर विवाद उत्पन्न हुआ था। इसके समाधान के लिए मैंने महाराष्ट्र CM और उपमुख्यमंत्री और कर्नाटक CM, गृह मंत्री और वरिष्ठ साथियों को यहां बुलाया था। दोनों पक्षों के साथ बहुत अच्छे माहौल में बात हुए|
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा,'' जब तक सुप्रीम कोर्ट का इसपर फैसला नहीं आ जाता, कोई भी राज्य इस बारे में एक-दूसरे राज्य पर दावा नहीं करेगा। दोनों तरफ से 3-3 मंत्री बैठेंगे और इसपर चर्चा करेंगे। दोनों राज्यों के बीच और मुद्दे भी हैं, इनका निवारण भी ये मंत्री करेंगे|
महाराष्ट्र CM एकनाथ शिंदे ने कहा,''पहली बार केंद्र सरकार ने इसमें हस्तक्षेप किया है। सरकार ने इसकी गंभीरता को समझ लिया है। ये एक बड़ी पहल है और इससे दोनों राज्यों की जनता को तकलीफ नहीं होगी, शांति और अमन बना रहेगा। जब तक मामला सुप्रीम कोर्ट में है तब तक कोई भी राज्य कोई कदम नहीं उठाएगा|
कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने कहा कि,'' कर्नाटक और महाराष्ट्र के लोगों के बीच बहुत ही सौहार्दपूर्ण संबंध है, दोनों पक्षों की शांति को भंग करने के लिए कुछ भी नहीं किया जाना चाहिए। दोनों राज्यों से मंत्रियों की एक कमेटी बनाई गई है जो छोटे-छोटे मुद्दों को सुलझाने का काम करेगी|
आपको बता दें कि ,''कर्नाटक-महाराष्ट्र सीमा विवाद का मामला 06 दिसंबर, 2022 को हिंसक हो गया था| कर्नाटक रक्षण वैदिक संगठन ने बेलगावी में महाराष्ट्र-कर्नाटक सीमा विवाद को लेकर विरोध प्रदर्शन भी किया था। विरोध प्रदर्शन के दौरान महाराष्ट्र के नंबर वाले ट्रकों को रोका गया और उन पर काली स्याही लगा दी गई| ट्रक पर पथराव भी किया गया| ट्रक के शीशे को क्षतिग्रस्त कर दिया गया था|
महाराष्ट्र के ट्रकों पर हमले के बाद महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कर्नाटक CM से बात कर बेलगावी के पास हिरेबगवाड़ी में हुई घटनाओं पर नाराजगी व्यक्त की। CM बोम्मई ने कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी और फडणवीस को आश्वासन दिया कि महाराष्ट्र से आने वाले वाहनों की सुरक्षा होगी|