नई दिल्ली: पीएम नरेंद्र मोदी के '' सभी देशवासियों को मुफ्त वैक्सीन लगाने के ऐलान पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा ने कहा कि,''प्रधानमंत्री की 'सभी के लिए मुफ्त टीके' योजना की घोषणा सरकार की नीति में एक स्वागत योग्य बदलाव है। महीनों तक मुफ्त टीकाकरण के सुझावों को नकारने के बाद अंतत: सरकार को शायद अपनी दोषपूर्ण नीति का अहसास हो गया है|
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा ने कहा कि,''यह ईमानदारी से चिंतन का समय है। काश यह घोषणा जनवरी में की जाती। इस देरी के परिणामस्वरूप हजारों मौतें हुईं जिसकी पीड़ा पूरे देश के लिए असहनीय रही है व जिसने सब की आत्मा को व्यथित किया है। बर्बाद परिवारों व देशवासियों को हुई पीड़ा के लिए कोई भी मुआवजा पर्याप्त नहीं हो सकता है।
आनंद शर्मा ने कहा कि,''माननीय प्रधान मंत्री ने एक ऐसे गौरवान्वित भारत के नेता के रूप में पदभार ग्रहण किया था जिसे वर्षों पहले WHO ने दुनिया के सबसे बड़े वैक्सीन उत्पादक देश के रूप में मान्यता दी थी। यह एक सतत राष्ट्रीय प्रयास रहा है जिसमें कई दशक लगे थे।
पिछले 70 सालों में हमारे वैज्ञानिकों व प्रौद्योगिकीविदों के काम पर हमें गर्व है। सब ने मिलकर 1949 में स्थापित ICMR, 1952 में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी, सीरम इंस्टीट्यूट 1966, 1978 में IVCOL, BIBCOL 1978 और IGIB 1978 जैसे कई गौरवशाली संस्थान बनाएं।
आनंद शर्मा ने कहा कि,''प्रधानमंत्री पद की गरिमा और बढ़ती यदि मोदी जी ने भारत के प्रथम प्रधान मंत्री पंडित नेहरू के योगदान और दूर दृष्टि के साथ उनके गौरवशाली उत्तराधिकारियों-शास्त्री जी, इंदिरा जी, राजीव जी, वाजपेयी जी और डॉ मनमोहन सिंह जी के योगदान को स्वीकारा होता। आज केंद्र और राज्यों के बीच सहयोग का एक नया अध्याय शुरू करने का समय है ताकि इसे हमारे देशवासियों के जीवन को बचाने का सामूहिक राष्ट्रीय प्रयास बनाया जा सके।
राष्ट्र के नाम संबोधन में PM नरेंद्र मोदी ने कहा कि केंद्र सरकार ने सभी देशवासियों को मुफ्त वैक्सीन लगाने का फैसला किया है।पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा,''आज ये निर्णय लिया गया है कि राज्यों के पास वैक्सीनेशन से जुड़ा जो 25% काम था उसकी जिम्मेदारी भी भारत सरकार उठाएगी| ये व्यवस्था आने वाले 2 सप्ताह में लागू की जाएगी।
PM मोदी ने कहा कि,''21 जून, सोमवार से देश के हर राज्य में, 18 वर्ष से ऊपर की उम्र के सभी नागरिकों के लिए, भारत सरकार राज्यों को मुफ्त वैक्सीन मुहैया कराएगी। वैक्सीन निर्माताओं से कुल वैक्सीन उत्पादन का 75 प्रतिशत हिस्सा भारत सरकार खुद ही खरीदकर राज्य सरकारों को मुफ्त देगी|देश में बन रही वैक्सीन में से 25 प्रतिशत, प्राइवेट सेक्टर के अस्पताल सीधे ले पाएं, ये व्यवस्था जारी रहेगी।