नई दिल्ली: रिपब्लिक टीवी के एडिटर इन चीफ अरनब गोस्वामी और टीवी रेटिंग एजेंसी BARC के पूर्व सीईओ पार्थो दासगुप्ता के बीच व्हाट्सऐप चैट सोशल मीडिया पर तैर रहे हैं। मोदी सरकार के कई फैसले रिपब्लिक टीवी के एडिटर इन चीफ अर्नब गोस्वामी को पहले से पता था। बालाकोट एयर स्ट्राइक के बारे में रिपब्लिक टीवी के एडिटर इन चीफ अर्नब गोस्वामी को पहले से पता था।
लीक हुई चैट बताती है कि पुलवामा में 40 जवानों की शहादत से अर्नब गोस्वामी खुश थे| उनका कहना था कि “This attack we have won like crazy”. बालाकोट स्ट्राइक की अर्नब गोस्वामी को पहले से जानकारी थी कि कुछ बड़ा होने वाला है, बालाकोट स्ट्राइक पर अर्नब कहते हैं, “it’s good for the big man he will win the elections”.
14 फरवरी 2019 को पुलवामा के करीब एक CRPF काफिले पर आतंकी हमला हुआ था| इसमें 40 जवान शहीद हो गए थे|उस दिन अर्नब कह रहे हैं, इस हमले में हमारे चैनल की बड़ी जीत है। अर्नब कहते हैं, साल के सबसे बड़े आतंकी हमले की कवरेज में हम 20 मिनट आगे थे। अकले चैनल जो सबसे पहले ग्राउंड पर मौजूद था।
सुप्रीम कोर्ट के वकील प्रशांत भूषण ने भी अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में कहा है कि जिस पुलवामा हमले में 40 जवान शहीद हुए, अर्नब ने उसका जश्न मनाया था। अर्नब को बालाकोट स्ट्राइक की जानकारी भी 3 दिन पहले मिल गई थी। अर्नब को कश्मीर में आर्टिकल 370 हटाए जाने के बारे में भी पहले से पता था।
वकील प्रशांत भूषण ने अंग्रजी में ट्वीट किया,''Arnab's Whatsapp chats reveal that he rejoiced at the Pulwama bombing which killed 40 jawans, saying "We won big"; and had advance info on the Balakote strikes. He says, "people will be elated" by strikes. In light of this, read:17 facts on Pulwama and Balakot
वकील प्रशांत भूषण ने एक और ट्वीट में लिखा,''Not surprised that Modi consulted the Prime Dalal of Dalali Street to plan "something big" on Pakistan which could spin the narrative for the election. National security could go to hell
पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, ‘अगर मीडिया के एक धड़े की रिपोर्टिंग सही है तो सवाल यह है कि बालाकोट स्ट्राइक और 2019 के आम चुनाव के बीच कोई संबंध है? क्या चुनाव में फायदे के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा को मुद्दा बनाया गया। इसकी संयुक्त संसदीय समिति (JPC) से जांच होनी चाहिए।’
वहीं, पूर्व गृहमंत्री पी चिदंबरम ने सोशल मीडिया पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को टैग कर पूछा कि इस बात की क्या गारंटी है कि अर्नब के सोर्सेस से ये जानकारी पाकिस्तान के पास नहीं पहुंची होगी?
पी चिदंबरम ने ट्वीट किया,''क्या असल स्ट्राइक से तीन दिन पहले एक पत्रकार (और उसके दोस्त) को बालाकोट शिविर में जवाबी हमले के बारे में पता था? यदि हाँ, तो इस बात की क्या गारंटी है कि उनके स्रोतों ने पाकिस्तान के साथ काम करने वाले जासूसों या मुखबिरों सहित अन्य लोगों के साथ भी जानकारी साझा नहीं की होगी? राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी गोपनीय निर्णय की जानकारी सरकार-समर्थक पत्रकार को कैसे मिली?
दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष अनिल चौधरी ने ट्वीट किया,'अर्नब गोस्वामी को बालाकोट के बारे में पहले कैसे पता था ? क्या पाकिस्तान ने इनको बताया ? घटना होने से पहले पता था तो इन्होने सरकार को क्यों नहीं बताया? हमारे 40 सैनिकों की शहादत के लिए जिम्मेदार कौन ? हमारे 40 जांबाज सैनिकों के शहादत के लिए जिम्मेदार कौन. किस किस को इस देश विरोधी साजिश की जानकारी थी? #AntiNationalBJPArnab
अरनब गोस्वामी की चैट