डिब्रूगढ़:असम के डिब्रूगढ़ में छात्रों से बातचीत के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा,'मैं यहां आपसे बातचीत करने आया हूं। जो आपके दिल में वो सुनने आया हूँ और थोडा बहुत जो मेरे दिल में है, वह आपको बताने आया हूं| आपने मुझसे सवाल पूछा और जवाब देने से पहले मैंने आपसे सवाल पूछा और आपने बहुत बेहतरीन तरीके से जवाब भी दिया। अब आप मुझे बताइए कि क्या आपने असम के मुख्यमंत्री को ऐसे छात्रों के बीच में सवाल पूछते और जवाब देते हुए देखा है?
छात्रों से बातचीत के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा,'मेरा विचार है कि ज्यादा से ज्यादा युवाओं को राजनीति में आना चाहिए। सक्रिय रूप से राजनीति में योगदान देना चाहिए। जहां भी आपको लगता है कि असम से चोरी की जा रही है। फिर आपको असम के लिए प्यार से लड़ना चाहिए| राहुल गांधी ने कहा,''असम में आपको बांटा जा रहा है। एक धर्म को दूसरे धर्म से लड़ाकर। एक व्यक्ति को दूसरे व्यक्ति से लड़ाकर और उसके बाद जो आपका है चाहे एयरपोर्ट हो, टी गार्डन हो उन सबको बेचकर अपने मित्रों को दिया जा रहा है|
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा,'अगर किसी भी राजनेता को छात्रों के बीच में आकर यहाँ खड़ा होना है तो उसके लिए हिम्मत की जरूरत होती है। अगर देश का भविष्य देश के प्रधानमंत्री से दिल खोल कर बात नहीं कर सकता तो कोई ना कोई कमी तो कहीं है|
राहुल गांधी ने कहा,''भारत क्या है? भारत में अलग-अलग भाषाएं हैं। आपकी अपनी भी एक भाषा है, वैसे तमिलनाडु में तमिल, बंगाल में बंगाली है। इन भाषाओं, धर्मों और लोगों के बीच में जो खुली बातचीत होती है, उसको हम हिंदुस्तान कहते हैं| नागपुर में बैठी एक शक्ति पूरे हिंदुस्तान को कंट्रोल करने की कोशिश कर रही है। क्यों कर रही है? यह कोई प्यार नहीं है बल्कि वह केवल हिंदुस्तान की संपत्ति चाहते हैं
राहुल गांधी ने कहा,''अगर आप अडानी जी को एयरपोर्ट पकड़ाना चाहते थे तो आपने असम की जनता की जेब से ₹2000 करोड़ क्यों निकाले? जो एयरपोर्ट के मामलों में हो रहा है, वही चाय के बागानों में भी हो रहा है। जब हमारी सरकार थी तो हमने असम को सुरक्षा दी थी। हजारों-करोड़ रूपए के स्पेशल पैकेज, इन्वेस्टमेंट पॉलिसी, जिनसे हम सब्सिडीज देते थे। उसको कैंसिल कर दिया गया|
राहुल गांधी ने कहा,''आप कॉलेज जाते हो, पढ़ते हो, क्यों जाते हो? आइडिया क्या है आपका? यही कि आप रोजगार चाहते हो। आप 15 -20 साल लगातार पढाई करते हो और सरकार कहती है, रोजगार नहीं देंगे। असम के युवा अपना सपना पूरा नहीं कर पाते हैं| आपको बांटा जा रहा है, एक धर्म को दूसरे धर्म से लड़ा कर, एक व्यक्ति को दूसरे व्यक्ति से लड़ा कर और फिर जो आपका है, वह आपसे छीनकर अपने उद्योगपति मित्रों को दिया जा रहा है|
लोकतंत्र का अर्थ है जो असम की आवाज है उसका असम पर कंट्रोल हो। जो तमिलनाडु की आवाज है, उसका तमिलनाडु पर कंट्रोल हो और सब मिलकर हिंदुस्तान को कंट्रोल करें। अगर हम छात्रों को लोकतंत्र में शामिल नहीं करेंगे तो लोकतंत्र हो ही नहीं सकता है| ज्यादा से ज्यादा युवाओं को राजनीति में आना चाहिए, एक्टिवली पार्टिसिपेट करना चाहिए और जहां भी आपको लगता है कि असम से चोरी की जा रही है तो आपको असम के लिए लड़ना चाहिए। पत्थर, लाठी या बंदूक से नहीं बल्कि प्यार से|
ये सरकार और उसके लोग आपके आत्मविश्वास से डरते हैं, वो कहते हैं कि अगर यह आत्मविश्वास फ़ैल गया तो उसको हम कंट्रोल नहीं कर पाएंगे। इसलिए जेल में डालो| नफरत और बेरोजगारी में एक डायरेक्ट कनेक्शन है। अगर नफरत बढ़ेगी तो बेरोजगारी बढ़ेगी। अगर बेरोजगारी बढ़ेगी तो नफरत बढ़ेगी। अगर नफरत कम होगी तो बेरोजगारी कम हो जाएगी| कांग्रेस नफरत मिटाती है, भाजपा नफरत फैलाती है|
राहुल गांधी ने कहा,'''भाजपा-आरएसएस धर्म का प्रयोग नहीं, नफरत का प्रयोग करती है। क्योंकि किसी भी धर्म में ऐसा कुछ नहीं लिखा, जो भाजपा-आरएसएस के लोग करते हैं। हिन्दू धर्म में कहीं नहीं लिखा कि किसी को मारो|