नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने पीएफआई (पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया) और उसके सहयोगियों या सहयोगी संगठनों या मोर्चों को तत्काल प्रभाव से पांच साल की अवधि के लिए एक ''गैरकानूनी संघ'' के रूप में घोषित किया। केंद्र सरकार द्वारा PFI पर 5 साल का प्रतिबंध लगाने पर भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह ने कहा,''राजस्थान में भी जिस प्रकार कई ज़िलों में दंगा हुआ, उसी समय हम कह रहे थे कि PFI का इसमें हाथ था। यहां पर भी जब सिद्धारमैया कि सरकार था उस समय भी 23 से अधिक लोगों की हत्या हुई थी। देश को अखंड रखने के लिए इस पर(PFI) बैन जरूरी था|
केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री अजय भट्ट ने कहा,'देश के हित में जो उचित है वही किया गया है। देश की सुरक्षा का मामला है। देश में सभी लोगों की मांग है कि अराजक तत्व कोई भी हो उनसे देश को बचाया जाए। जो भी कार्रवाई की गई है वो जनहित में की गई है। वो स्वागत योग्य है|
PFI पर बैन को लेकर केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी ने कहा,'' NIA के द्वारा जांच की जा रही थी, उसी के अनुरूप ये कार्रवाई की गई है। आने वाले समय में भी जैसे सूचनाएं मिलेंगी उसी के अनुसार कार्रवाई की गई|
PFI बैन पर कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने कहा,'इस संगठन पर प्रतिबंध लगाने का समय आ गया था। भारत सरकार ने सही फैसला लिया है। यह सभी राष्ट्र विरोधी समूहों के लिए एक संदेश है। मैं लोगों से ऐसे संगठनों से नहीं जुड़ने का आग्रह करता हूं|
PFI बैन पर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा,'मैं भारत सरकार द्वारा PFI पर प्रतिबंध लगाने के फैसले का स्वागत करता हूं। सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए दृढ़ है कि भारत के खिलाफ विभाजनकारी या विघटनकारी डिजाइन से सख्ती से निपटा जाएगा| असम सरकार ने पहले ही अनुवर्ती कार्रवाई शुरू कर दी है। हमने कामरूप, बक्सा और करीमगंज में PFI और CFI कार्यालयों को सील कर दिया है। PFI के और सदस्यों को गिरफ्तार किया जाएगा। राज्य अधिसूचना जारी कर दी गई है|
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा,''PFI के लोग पाकिस्तान ज़िंदाबाद के नारे लगाते हैं, उनको इस देश में ऐसे नारे लगाने का अधिकार नहीं है। केंद्र सरकार ने ये अच्छा फैसला किया है। ये देश भक्तों का देश है और यहां देशद्रोही बयान कोई किसी पर नहीं कर सकता|
हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज ने कहा,'देश के बाहर बैठे दुश्मनों से देश के अंदर बैठे दुश्मन ज्यादा खतरनाक हैं। PM मोदी ने PFI पर प्रतिबंध लगाकर देश को सुरक्षित रखने का काम किया है। PM द्वारा जो देश का शुद्धीकरण अभियान चलाया जा रहा है, हर भारतवासी उनके साथ है|
केंद्र सरकार द्वारा PFI पर 5 साल का प्रतिबंध लगाने पर त्रिपुरा के सीएम माणिक साहा ने कहा,''देश की अखंडता के लिए ये होना बहुत जरूरी है। इस घोषणा से मैं बहुत खुश हूं|
PFI पर 5 साल के बैन पर हिमाचल प्रदेश CM जयराम ठाकुर ने कहा,''मैं केंद्र सरकार के इस फैसले का स्वागत करता हूं। भारत में इनकी गतिविधियां संदिग्ध थीं। एक बार नहीं कई बार इसके प्रमाण सामने आए थे और कार्रवाई करने की दिशा में कुछ कदम उठाने की जरूरत थी।इनकी गतिविधियां देश और समाज हित में नहीं है|
उत्तर प्रदेश के बरेली में ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शाहबुद्दीन रज़वी ने कहा,''सरकार ने कट्टरपंथी संगठन PFI पर प्रतिबंध लगाकर अच्छा कदम उठाया है।भारत की सरज़मीं कट्टरपंथी विचारधारा की सरज़मीं नहीं है और न यहां ऐसी कट्टरपंथी विचारधारा पनप सकती जिससे मुल्क़ की एकता-अखंडता को खतरा हो:
PFI बैन पर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने कहा,''PFI की असामाजिक गैरकानूनी गतिविधियां लगातार जारी थी। विभिन्न जांच एजेंसियां जांच कर रही थी। जो तथ्य प्रकाश में आए हैं उन्हें देखते हुए गृह मंत्रालय ने जो निर्णय लिया है उसकी पूरे देश ने सराहना की है:
केंद्र ने 5 साल के लिए PFI को किया बैन
PFI पर 5 साल का प्रतिबंध लगाने पर उत्तर प्रदेश के मंत्री दयाशंकर सिंह देश की सुरक्षा के लिए ये बहुत बड़ा कदम उठाया गया है मैं इसके लिए केंद्रीय गृह मंत्री और उत्तर प्रदेश की सरकार को धन्यवाद करता हूं|
PFI बैन पर राजस्थान के मंत्री प्रताप खचरियावास ने कहा,''आतंकवादी गतिविधियों को रोकने के लिए सरकार कोई कदम उठाएगी तो हम सरकार का विरोध नहीं करेंगे लेकिन उस कदम में सच्चाई और ईमानदारी नजर आनी चाहिए। ये बैन आप पहले कर देते। इसकी डिमांड तो मैं पहले उठा चुका हूं। तो आप इतने दिन क्या कर रहे थे|
PFI पर बैन को लेकर मप्र के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता कमलनाथ ने कहा,''जनता को सुरक्षा चाहिए। अगर इतने दिन से ये हो रहा था तो आप क्या कर रहे थे? ये साल भर में तो पैदा नहीं हुई। क्या सबूत अभी मिले हैं? अगर ये आतंकवादी संस्थाओं से पहले से जुड़ी थी तो आप इतने साल क्या कर रहे थे|