नई दिल्ली : कृषि विधेयक के खिलाफ शुक्रवार को किसान विरोध प्रदर्शन किया ग। कई किसान संगठनों ने आज राष्ट्रव्यापी भारत बंद बुलाया है। अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति, अखिल भारतीय किसान महासंघ और भारतीय किसान यूनियन द्वारा देशव्यापी भारत बंद का आह्वान किया गया है।
किसान संगठनों को कांग्रेस, राजद, समाजवादी पार्टी, अकाली दल, आप, टीएमसी समेत कई राजनीतिक दलों का समर्थन मिला है| पंजाब के किसान कल (गुरुवार, 24 सितंबर) से ही तीन दिनों के रेल रोको आंदोलन पर हैं| वहां किसान रेलवे ट्रैक पर डटे हुए हैं और बिल को वापस लेने की मांग कर रहे हैं|
Bharat Bandh Live Updates in Hindi:
कृषि विधेयकों के विरोध में किसानों ने उत्तराखंड के हरिद्वार तथा उधमसिंह नगर जिलों सहित अलग-अलग जगहों पर प्रदर्शन किए। हरिद्वार जिले के मंगलौर में किसानों ने हुंकार भरते हुए तीन घंटे तक गुड़ मंडी के बाहर राजमार्ग को जाम कर दिया। किसानों ने कहा कि यदि उन्हें उनकी फसलों का उचित मूल्य मिले तो उन्हें कर्ज की कोई आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकारें अपने मंत्रियों और अधिकारियों की जेबें भरने के लिए कर्ज आदि की योजनाएं लेकर आती हैं।
-शिरोमणि अकाली दल (SAD) ने किसानों के साथ एकजुटता व्यक्त करने के लिए पूरे पंजाब के अपने "चक्का जाम" कार्यक्रम के तहत विरोध प्रदर्शन किया। यहां तक कि सुखबीर सिंह बादल ने मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह से कृषि बिलों पर तत्काल कैबिनेट बैठक बुलाने के लिए कहा और पूरे राज्य को एक "मंडी" (प्रमुख बाजार यार्ड) घोषित करने के लिए अध्यादेश लाने का आह्वान किया। जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि राज्य में नए केंद्रीय कृषि बिल लागू नहीं हो सकते हैं।
-राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि 'ये फासीवादी सोच के लोग हैं, लोकतंत्र में इनका विश्वास नहीं है इसलिए तमाम वो काम कर रहे हैं जिससे जनता का ध्यान हटाया जा सके।' उन्होंने कहा कि ‘विधेयको में किए गए सारे प्रावधान किसान विरोधी हैं, मंडियां समाप्त हो जाएंगी और मुझे बहुत बड़ी बर्बादी के लक्षण दिख रहे हैं।’
-राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कृषि विधेयकों को लेकर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह विधेयक बड़े शर्मनाक तरीके से पास किए गए हैं। उन्होंने कहा कि ‘‘जो कानून बनाया गया उसमें न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) का प्रावधान क्यों नहीं किया गया, उससे आप समझ सकते हैं कि हालात बड़े गंभीर हैं और जिस रूप में ये तीनों विधेयक पास किए गए, वो भी बड़े शर्मनाक तरीके से किए गए हैं।’’
-पश्चिम बंगाल में वाम दलों से जुड़े किसान संगठनों के सदस्यों ने कृषि विधेयकों को वापस लेने की मांग लेकर शुक्रवार को राष्ट्रव्यापी बंद के दौरान विरोध प्रदर्शन किया। माकपा के किसान मोर्चे 'सारा भारत कृषक सभा' और भाकपा, फॉरवर्ड ब्लॉक तथा आरएसपी जैसे वाम साझेदारों से जुड़े किसान संगठनों ने कई जिलों में रैलियां निकालीं और कुछ देर के लिए सड़कें भी जाम कीं। कुछ जगहों पर प्रदर्शनकारियों ने सब्जियां तथा कृषि उत्पाद लेकर जुलूस निकाला और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के खिलाफ नारेबाजी की।
-तमिलनाडु सरकार ने दावा किया कि हाल ही में पारित किए गए तीन कृषि बिल किसानों को प्रभावित नहीं करेंगे। राज्य के मुख्यमंत्री के पलानीस्वामी ने कहा कि किसान के हितों के लिए किसी भी हानिकारक कानून को लागू नहीं होने देंगे। तमिलनाडु के कृषि मंत्री आर दोरीकन्नु ने कहा कि राज्य के किसान केंद्रीय कानून से प्रभावित नहीं होंगे।
-महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने कहा कि किसानों ने बिल का विरोध किया है क्योंकि उन्हें लगता है कि इस बिल से उन्हें कोई फायदा नहीं होगा। एनसीपी ने भी इसका विरोध किया है। सरकार को पास करने की इतनी भी क्या जल्दी थी? हम कोशिश कर रहे हैं कि ये बिल राज्य में लागू न हों। हमने इस पर एक बैठक आयोजित की है।
-बिहार के गया में आज विपक्षी दलों ने नए कृषि सुधार बिल को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। बिहार के गया में आज विपक्षी दलों ने नए कृषि सुधार बिल को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। विरोध प्रदर्शन पर आरजेडी जिला कार्यकर्ताओं ने कहा कि हम किसान विरोधी कानूनों का विरोध कर रहे हैं जिसे केंद्र सरकार द्वारा लाया गया है। उन्होंने कहा कि इससे केवल निगमों को फायदा होगा और सभी मंडियां बंद हो जाएगी। कार्यकर्ताओं ने कहा कि जल्द से जल्द इस बिल को निरस्त किया जाना चाहिए।
-महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष और मंत्री बालासाहेब थोराट ने कहा, 'हम संसद द्वारा पारित कृषि विधयकों का विरोध करते हैं। महाराष्ट्र विकास अघाड़ी भी इसके खिलाफ है। हम इसे राज्य में लागू नहीं करने का निर्णय लेंगे।'
-भाजपा कार्यकर्ताओं ने की जन अधिकार पार्टी के कार्यकर्ताओं की पिटाई: पटना में दो गुटों में झड़प हुई। इसके बाद भाजपा कार्यकर्ताओं ने पप्पू यादव की जन अधिकार पार्टी के कार्यकर्ताओं की पिटाई कर दी। यह घटना तब घटी जब जन अधिकार पार्टी के कार्यकर्ताओं ने भाजपा कार्यालय में घुसने की कोशिश की।
-कोलकाता: टीएमसी के किसान विंग ने हाल ही में पारित कृषि कानूनों के खिलाफ आज कोलकाता में विरोध प्रदर्शन किया। टीएमसी नेता ने कहा कि 'यह एक कठोर कानून है, जो बिना किसी प्रक्रिया के मोदी सरकार द्वारा बलपूर्वक पारित किया गया है। मोदी सरकार आम लोगों के लिए नहीं है।'
बिहार: कृषि विधेयकों के खिलाफ देश भर में किसान संगठन और विपक्षी दल शुक्रवार को विरोध प्रदर्शन के लिए सड़कों पर उतरे। जन अधिकार पार्टी प्रमुख पप्पू यादव ट्रैक्टर लेकर पटना की सड़कों पर उतरे।पप्पू यादव ने संसद से पास हुए तीन कृषि विधेयकों को किसान विरोधी बताया।
-यूनियन डेमोक्रेटिक अलायंस (यूडीए) के घटक दल भारतीय सबलोग पार्टी और जनता दल राष्ट्रवादी के नेताओं ने शुक्रवार को केंद्र सरकार के कृषि बिल के खिलाफ पटना के जे.पी.गोलंबर पर जुलूस निकाल कर प्रदर्शन किया।
-संसद द्वारा हाल ही में पारित किए गए 'किसान विरोधी कानून' के मद्देनजर पूरे महाराष्ट्र में शुक्रवार को हजारों की तादात में किसान सड़कों पर उतरे और उन्होंने विरोध प्रदर्शन किया।
-केंद्र सरकार द्वारा लाए गए कृषि विधेयकों के विरोध में किसानों द्वारा दिनभर के लिए किए जा रहे राज्यव्यापी चक्का जाम का असर पंजाब और हरियाणा में आम जनजीवन पर देखने को मिला है
उत्तर प्रदेश: जिला कांग्रेस कमेटी बस्ती के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओ के साथ किसान विरोधी बिल पास किए जाने के विरोध मे प्रदर्शन किया और भारत बंद का समर्थन किया।
उत्तर प्रदेश: अमरोहा में कृषि बिलों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली-लखनऊ नेशनल हाईवे 9 जाम किया।प्रदर्शनकारी कृषि बिलों को वापस लेने की मांग कर रहे हैं।
बिहार: कृषि बिलों के खिलाफ राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने गया ज़िले में पैदल मार्च निकाला और बिलों को वापस लेने की मांग की।
उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश में राजधानी लखनऊ से सटे बाराबंकी, सीतापुर तथा रायबरेली के अलावा पश्चिमी उत्तर प्रदेश में किसान विभिन्न दल के नेताओं के साथ सड़कों पर उतरे हैं। कई जगह पर पराली जलाई गई है।
-संसद में कृषि विधेयकों को पारित किए जाने के बाद किसानों द्वारा देश के कुछ हिस्से में तीन दिवसीय 'रेल रोको' आंदोलन का आह्वान किया है, जिसके चलते उत्तर रेलवे ने तीन ट्रेनों को पूरी तरह से रद्द कर दिया है और 20 विशेष ट्रेनें आशिंक रूप से रद्द की गई हैं।
-भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने कृषि विधेयक का विरोध करते हुए कहा कि यह मंडियां तोड़ने और एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) समाप्त करने की कोशिश है। भाकियू समेत कई किसान संगठनों की ओर से भारत बंद के आह्वान पर जगह-जगह किसान सड़कों पर उतरे हैं
-कृषि बिल के विरोध में शुक्रवार को किसानों ने 'भारत बंद' बुलाया है। वहीं किसानो को कांग्रेस पार्टी के नेता भी समर्थन दे रहें हैं। दिल्ली-नोएडा बॉर्डर पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया हैं वहीं पैरा मिलिट्री फोर्सेज भी तैनात हैं।
-कृषि बिलों के खिलाफ किसान संगठनों ने शुक्रवार को भारत बंद का ऐलान किया है। इधर, भारतीय किसान यूनियन (अंबावता) का कहना है कि वो 2 अक्टूबर को दिल्ली में लाल बहादुर शास्त्री की समाधि की ओर कूच करेंगे और आगे की रणनीति तय करेंगे।
कृषि विधेयक ईस्ट इंडिया कम्पनी राज की याद दिलाता है : कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि किसानों से एमएसपी छीन ली जाएगी। उन्हें कांट्रेक्ट फार्मिंग के जरिए खरबपतियों का गुलाम बनने पर मजबूर किया जाएगा। न दाम मिलेगा, न सम्मान। किसान अपने ही खेत पर मजदूर बन जाएगा। भाजपा का कृषि बिल ईस्ट इंडिया कम्पनी राज की याद दिलाता है। हम ये अन्याय नहीं होने देंगे।
दिल्ली सरकार के मंत्री और AAP नेता गोपाल राय ने किसानों के 'भारत बंद' का समर्थन किया है. कुछ देर पहले उन्होंने ट्वीट किया, 'पूंजीपतियों की सरकार भाजपा का किसान विरोधी चेहरा एक बार फिर देश के सामने आ गया है. केंद्र सरकार ने किसान विरोधी बिल गलत तरीके से बिना वोटिंग के ही पारित किए. #भाजपा_हटाओ_किसान_बचाओ.'
-पंजाब: अमृतसर में किसान संगठनों ने कृषि बिलों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।
-बिहार: कृषि बिलों के विरोध में राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव ने पटना में ट्रैक्टर चलाकर बिलों के खिलाफ अपना विरोध जताया।
-अखिल भारतीय किसान सभा के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया गया, 'अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति (AIKSCC) के तहत आज 350 से अधिक किसान संगठनों द्वारा इन किसान विरोधी बिलों के खिलाफ देशव्यापी किसान विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है. भारतीय किसान एकजुट होकर इन कानूनों का विरोध करेंगे! कहें #NoToFarmBills.'
-उत्तर प्रदेश: केंद्र सरकार की ओर से संसद में पारित कृषि विधेयकों के खिलाफ शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के किसान सड़क पर उतरकर चक्का जाम कर रहे हैं। विशेष तौर पर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में विधेयकों के विरोध को लेकर सक्रियता तेज है।
-बिहार: कृषि बिल के खिलाफ पटना की सड़कों पर ट्रैक्टर लेकर उतरे तेजस्वी यादव, राजद ने कृषि बिल को किसान विरोधी बताते हुए शुक्रवार को राज्य के सभी जिला मुख्यालयों में प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है।
-सरकार ने अपने फंडदाताओं के जरिए अन्नदाताओं को कठपुतली बनाने का काम किया है, ये पूरी तरह किसान विरोधी बिल हैं। इस सरकार ने ऐसा कोई भी सेक्टर छोड़ने का काम नहीं किया जिसका इन्होंने निजीकरण न किया हो। MSP का कहीं भी विधेयक में जिक्र नहीं है: तेजस्वी यादव, राष्ट्रीय जनता दल, बिहार
-कांग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने भी किसानों द्वारा बुलाए गए 'भारत बंद' का समर्थन किया है. उन्होंने एक तस्वीर ट्वीट करते हुए लिखा, 'मैं भी किसान.'
-पंजाब-हरियाणा दोनों राज्यों के अधिकांश प्रमुख शहरों के दुकानदारों ने किसानों के साथ एकजुटता व्यक्त करते हुए अपनी दुकानें बंद रखी हैं। पहली बार इतने बड़े पैमाने पर एकजुटता का उदाहरण देते हुए पंजाब के 31 किसान संगठनों ने संयुक्त विरोध की घोषणा की।
-कांग्रेस सहित विपक्ष के लोगों ने आज़ादी के बाद किसानों को ठगने का काम किया और PM जो कृषि विधेयक लाए हैं ये किसानों के हित में हैं। कांग्रेस ने घोषणा पत्र में ऐलान किया था कि APMC एक्ट को हटाएंगे और जब हम हटा रहे हैं तो उसका बेवजह विरोध कर रहे हैं:प्रेम कुमार,बिहार के कृषि मंत्री
-किसानों द्वारा बिल के खिलाफ तीन दिवसीय 'रेल रोको' अभियान शुरू करने के बाद कई ट्रेनों को निलंबित किया गया। रेलवे के अधिकारी ने कि फिरोजपुर रेलवे डिवीजन ने यात्रियों की सुरक्षा के मद्देनजर 26 सितंबर तक विशेष ट्रेनों के परिचालन को निलंबित करने का फैसला किया है
-तीन कृषि विधेयकों को लेकर किसान संगठनों ने शुक्रवार को भारत बंद का एलान किया है। उत्तर प्रदेश, पंजाब और हरियाणा समेत देशभर के किसान कृषि से जुड़े इन विधेयकों ??े विरोध में लामबंद हो रहे हैं। सबसे ज्यादा विरोध पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हो रहा है।
-दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को किसान संगठनों द्वारा बुलाए गए भारत बंद के मद्देनजर सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा कड़ी कर दी है। यूपी-हरियाणा की सीमा से लगे क्षेत्रों में बैरिकेड्स लगा दिए गए हैं और दिल्ली में प्रवेश करने वाले वाहनों की जांच की जा रही है।
-संसद के दोनों सदनों में पारित फार्म विधेयकों के खिलाफ शुक्रवार सुबह से पंजाब और हरियाणा में किसानों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए दोनों राज्यों में भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है।
-पंजाब: अमृतसर में कृषि बिलों के खिलाफ किसान मज़दूर संघर्ष कमेटी का रेल रोको आंदोलन चल रहा है। सरकार के हमसे बातचीत न करने, इस आंदोलन को महत्व न देने से लगता है कि आंदोलन लंबा चलेगा: किसान मज़दूर संघर्ष कमेटी के महासचिव
-पंजाब CM कैप्टन अमरिंदर सिंह ने किसानों से अपील की है कि वे #AgricultureBills के खिलाफ कल के बंद के दौरान सभी कोविड सुरक्षा प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन करें। उन्होंने कहा कि विरोध प्रदर्शन के दौरान धारा 144 के उल्लंघन के लिए कोई FIR दर्ज नहीं की जाएगी : राज्य सरकार