बोरगांव: Bharat Jodo Yatra Day 81 : कांग्रेस की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ (Bharat Jodo Yatra) का आज 81वां दिन है। यात्रा इन दिनों मध्य प्रदेश में है। MP में यात्रा का आज पांचवां दिन है। शनिवार को इस यात्रा में बड़ी भावुक करने वाली तस्वीर सामने आई है| दरअसल, भोपाल के एक भाई-बहन अपनी गुल्लक लेकर राहुल गांधी से मिलने खंडवा पहुंचे थे। खंडवा के सनावद में उन दोनों की राहुल गांधी से मुलाकात हुई। जब उन्होंने अपनी गुल्लक राहुल को सौंपी तो जिसने भी यह नजारा देख वो भावुक हुए बिना नहीं रह सके। इस मौके पर बच्चों की भावना देखकर राहुल गांधी समेत अन्य नेता भावुक हो गए।
भोपाल के यश परमार (10) और जिया परमार (15) भाई-बहन है। दोनों भाई-बहन 78 दिन से अपने गुल्लक में पैसा इकट्ठा कर रहे थे। गुल्लक का यह पैसा भारत जोड़ो यात्रा कर रहे राहुल गांधी को सौपने दोनों बच्चे शुक्रवार को खंडवा जिले के सनावद पहुंचे। जिया के हाथ में स्व इंदिरा गांधी के साथ राहुल गांधी के बचपन की एक फोटो भी थी। बच्चों का प्यार देखकर राहुल गांधी भावुक हो गए।
यश परमार ने बताया कि, वे चाहते हैं कि इन रुपयों को यात्रा के दौरान जरूरत पड़ने पर उपयोग किया जाए। ये दोनों भारत जोड़ो यात्रा शुरू होने के साथ ही गुल्लक में पैसे जमा कर रहे थे। अब इसे वो राहुल गांधी को देने आए हैं।
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने वीडियो साझा करते हुए लिखा कि, "त्याग और स्वार्थहीनता बचपन में मिले संस्कारों से आते हैं। ये गुल्लक मेरे लिए अनमोल है, बेशुमार प्यार का ख़ज़ाना है।
त्याग और स्वार्थहीनता बचपन में मिले संस्कारों से आते हैं।
ये गुल्लक मेरे लिए अनमोल है, बेशुमार प्यार का ख़ज़ाना है।:कांग्रेस सांसद राहुल गांधी
कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने इस वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करते हुए लिखा कि, " इस छोटे से गुल्लक में दुनिया की सबसे बेशकीमती दौलत है। जिन नन्हें हाथों ने इन्हें सौंपा है, उनमें भारत का भविष्य है। इन छोटे महाशय का कहना है कि "राहुल गांधी को यात्रा में पैसों की जरूरत पड़ेगी, इसीलिए मैं अपना गुल्लक लाया हूं। उन्हें पैसों की कमी नहीं होनी चाहिए।"
इनका नाम है यशव परमार। उम्र महज 10 साल है लेकिन भारत जोड़ने की मुहिम में सबसे आगे हैं। वे अपनी पॉकेट मनी बचाकर गुल्लक में रखते हैं। जब उन्हें यात्रा के बारे में मालूम हुआ तो वे अपना गुल्लक लेकर आ गए और राहुल गांधी जी को भेंट किया। यह कितना सुंदर है कि हमारे छोटे-छोटे बच्चों को भी प्रेम और एकजुटता की ताकत पर भरोसा है। इस महायात्रा का यही तो मकसद है!