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24 अगस्त 2026

‘भारत जोड़ो यात्रा’ का आज 89वां दिन, राहुल गांधी ने राजस्था के झालावाड़ से शुरू की पदयात्रा

नई दिल्ली: कांग्रेस की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ (Bharat Jodo Yatra) का आज सोमवार को (05 दिसंबर, 2022 को) 89वां दिन है। “भारत जोड़ो यात्रा” 88वें दिन रविवार रात (04 दिसंबर, 2022 को) मध्य प्रदेश से कांग्रेस…

‘भारत जोड़ो यात्रा’ का आज 89वां दिन, राहुल गांधी ने राजस्था के झालावाड़ से शुरू की पदयात्रा
‘भारत जोड़ो यात्रा’ का आज 89वां दिन, राहुल गांधी ने राजस्था के झालावाड़ से शुरू की पदयात्रा | फ़ोटो: TVL News

नई दिल्ली: कांग्रेस की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ (Bharat Jodo Yatra) का आज सोमवार को (05 दिसंबर, 2022 को) 89वां दिन है। “भारत जोड़ो यात्रा” 88वें दिन रविवार रात (04 दिसंबर, 2022 को) मध्य प्रदेश से कांग्रेस शासित प्रदेश राजस्थान में प्रवेश कर गई है| राजस्थान में यात्रा 18 दिन रहेगी और 520 किलोमीटर का सफर तय करेगी। राजस्थान में ‘भारत जोड़ो यात्रा’ का आज सोमवार को पहला दिन है। यह अगले 17 दिनों में राज्य के 7 जिलों से होकर गुजरेगी। 18 विधानसभा सीटों को कवर करेगी।



कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने भारत जोड़ो यात्रा की आज की शुरुआत झालावाड़ के काली तलाई गांव से की। इस दौरान राहुल गांधी के साथ , सीएम अशोक गहलोत, सचिन पायलट, प्रताप सिंह खाचरियावास समेत कई नेता साथ चल रहे है|  यात्रा आज सुबह 6 बजे काली तलाई गांव से शुरू हुई है|  यह यात्रा 10 बजे बाली बोरडा चौराहा पर रुकेगी|दोपहर 3:30 बजे नाहरडी से पुनः शुरु होगी जो शाम 6:30 बजे झालरापाटन के सूरज पोल नाका पहुंचेगी। आज छह दिसंबर को यात्रा का रात्रि विश्राम खेल संकुल रहेगा|




इससे पहले, कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में रविवार रात (04 दिसंबर, 2022 को) भारत जोड़ो यात्रा कांग्रेस शासित प्रदेश राजस्थान के झालावाड़ में प्रवेश कर गई थी। झालावाड़ के चवली चौक पर राहुल गांधी समेत भारत यात्रियों का पारंपरिक राजस्थानी संस्कृति मे भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान मध्य प्रदेश के कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष गोविंद डोटासरा को तिरंगा सौंपा| इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया| 


88वें दिन राजस्थान में दाखिल हुई “भारत जोड़ो यात्रा” 


राहुल गांधी और भारत जोड़ो यात्रा के स्वागत के लिए सीएम अशोक गहलोत, सचिन पायलट सहित कांग्रेस के अन्य नेता शाम को ही मध्य प्रदेश की सीमा पर पहुंच गए थे। राहुल गांधी के राजस्थान सीमा में प्रवेश करते ही मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, सचिन पायलट और प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा सहित सरकार के कई मंत्री और बड़े नेताओं ने भारत जोड़ो यात्रा का स्वागत कर राहुल गांधी की अगवानी की। सभा में सहरिया नृत्य के साथ राहुल गांधी का स्वागत किया गया। इसे दौरान मंच पर आदिवासी लोक नृत्य सहरिया स्वांग पर राहुल गांधी ने अशोक गहलोत, कमल नाथ और सचिन पायलट के साथ थिरके। 



राहुल गांधी का मध्य प्रदेश के लोगों के नाम संदेश, समर्थन के लिए जनता का जताया आभार

मध्यप्रदेश में राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा का 12 दिन का सफर खत्म हो गया है। यात्रा ने 23 नवंबर को बुरहानपुर जिले से एमपी में एंट्री ली थी, रविवार 4 दिसंबर को ये यात्रा आगर जिले से राजस्थान में प्रवेश कर कर गई है। राहुल गांधी ने आगर-मालवा जिले के डोंगरगांव से मध्यप्रदेश की जनता के नाम संदेश जारी किया है। जिसमें उन्होंने यात्रा के दौरान मध्यप्रदेश जनता के समर्थन के लिए धन्यवाद और आभार जताया।

 

राहुल गांधी  ने लिखा कि,''भारत जोड़ो यात्रा 12 दिनों तक मध्य प्रदेश की धरा पर चली है। राज्य में बुरहानपुर ज़िले से प्रवेश कर हम आगर मालवा प्रस्थान कर रहे हैं। इस दौरान हमने सतपुड़ा और विंध्य के पहाड़ों को, ताप्ती और नर्मदा नदियों को पार किया। खेतों, गाँवों और शहरों से होकर गुजरे। और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यात्रा के हर कदम पर हमें मध्य प्रदेश के लोगों का ज़बरदस्त समर्थन मिला।



उन्होंने कहा कि,''समाज के हर तबके के लाखों लोग नौजवान, महिलाएँ, किसान, मजदूर- सुबह की ठंड और गड्ढों से भरी सड़कों की परवाह किए बिना हमारे साथ कदम से कदम मिला कर चले । बुरहानपुर और इंदौर की सड़कों पर हौसला अफजाई करता हुआ जनसैलाब तथा उज्जैन की जनसभा में शामिल होने आए लाखों लोग हमेशा हमारी स्मृतियों में रहेंगे। हम मध्य प्रदेश की जनता के स्नेह और यात्रा में उनकी उत्साहपूर्ण भागीदारी के लिए आभारी हैं।



राहुल गांधी ने आगे लिखा कि,''मध्य प्रदेश में यात्रा के दौरान हमने उन संस्कृतियों का भी अनुभव किया जो इस राज्य को भारत की समृद्ध विविधता का प्रतिबिंब बनाती हैं। हमने श्री ओंकारेश्वर और श्री महाकालेश्वर के ज्योतिर्लिंगों के साथ-साथ श्री महावीर तपोभूमि में आशीर्वाद प्राप्त किया। टंट्या भील जी और बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर जी के योगदान को विनम्र श्रद्धांजली अर्पित की। हम मध्य प्रदेश की पारंपरिक कथाओं एवं मालवी कबीर भजनों को सुनते हुए चले।


राहुल गांधी ने कहा,'' मध्य प्रदेश के लोगों के सामने कई गंभीर चुनौतियां हैं। अन्य राज्यों की तरह यहां के किसान को भी बढ़ती लागत, घटती आमद, अनिश्चित कीमतों, बिजली की समस्या और सरकार की असंवेदनशील नीतियों के कारण अपना गुज़ारा करने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। मध्य प्रदेश के युवा कड़ी मेहनत और त्याग के बावजूद अपने बेहतर भविष्य की उम्मीद खोते जा रहे हैं। शिक्षित बेरोज़गार युवा प्रदर्शन कर रहे हैं, मेडिकल छात्र हड़ताल पर हैं, सरकारी भर्तियां रुकी हुई हैं और इनमें भ्रष्टाचार चरम पर है। विरोध करने वाले युवाओं की आवाज़ दबा दी जाती है। छोटे व्यवसायी जो हमारे देश की समृद्धि की रीढ़ हैं, मूर्खतापूर्ण तरीके से बनाए और लागू किए GST, कोरोना कुप्रबंधन और नोटबंदी की मार से अभी तक उबर नहीं पाए हैं। आदिवासी, जो हमारे देश के मूल निवासी हैं, अपने अधिकारों की गारंटी देने वाले कानूनों के लगातार कमज़ोर किए जाने के कारण संघर्ष कर रहे हैं।


उन्होंने कहा कि,'मध्य प्रदेश की जनता ने इन चुनौतियों को हल करने के लिए कांग्रेस पर जो विश्वास जताया था उसके साथ विश्वासघात किया गया। ठीक वैसे ही जैसे कि देश भर में संविधानिक मूल्यों पर हमला किया जा रहा है। 26 नवंबर को बाबासाहेब डॉ. अंबेडकर की जन्मस्थली महू में हमने संविधान की रक्षा करने का संकल्प लिया है। मैं मध्य प्रदेश की जनता के सामने प्रतिज्ञा को दोहराता हूं और वादा करता हूं कि जल्द ही वो दिन आएगा जब हम आपके हर उस भरोसे पर खरा उतरेंगे जो आपने कांग्रेस में जताया था। धन्यवाद



पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष और सांसद राहुल गांधी ने रविवार शाम को मध्य प्रदेश के आगर जिले के सोयतकलां में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा था,''370 किलोमीटर हम मध्य प्रदेश में चले। उससे पहले तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, महाराष्ट्र से ये यात्रा निकली और अब राजस्थान, हरियाणा और दिल्ली जाएगी और फिर श्रीनगर में हम ये जो तिरंगा है, इसको फहराएंगे।



राहुल गांधी ने कहा था,''जब हमने ये यात्रा शुरु की, काफी लोगों ने हमें, बातचीत हो रही थी कांग्रेस पार्टी में, तो काफी लोगों ने कहा कि देखिए इस यात्रा को गाड़ी में करना चाहिए। दिग्विजय जी हैं यहाँ पर, उनको याद होगा, जब दिग्विजय जी और बाकी लोगों ने कहा कि इस यात्रा को गाड़ी में करना चाहिए, तो मैंने कहा अगर आप यात्रा को गाड़ी में करवाना चाहते हैं, तो मैं आपका आदमी नहीं हूँ, फिर आपको किसी और से करवानी पड़ेगी। अगर यात्रा पैदल करनी है, तो फिर मैं यात्रा करने के लिए तैयार हूँ और इसके पीछे मेरी सोच थी। सोच ये थी कि 21वीं सदी के हिंदुस्तान में जो हमारे राजनेता हैं, और मैं सिर्फ किसी एक पार्टी की बात नहीं कर रहा हूँ, मैं सब पार्टियों की बात कर रहा हूँ, कांग्रेस, बीजेपी, बीएसपी, सब पार्टियों की बात कर रहा हूँ, जो हमारे राजनेता है, उनके बीच में और जनता के बीच में बहुत दूरी हो गई है।


उन्होंने कहा कि,'राजनेता कभी हवाई जहाज में उड़ते हैं, हमारे तरीके से उड़न खटोला बोल दो उसको । उड़न खटोले में आते हैं, कभी गाड़ी में आते हैं और मैंने सोचा कि 21वीं सदी में अगर हिंदुस्तान को समझना है, हिंदुस्तान के किसानों से बात करनी है, उनकी इज्जत करनी है, युवाओं की इज्जत करनी है, मजदूरों की इज्जत करनी है, तो पैदल चलने की जरुरत है। जैसे-जैसे हिंदुस्तान की आम जनता सड़कों पर चलती है, वैसे ही हमें करना चाहिए। काफी लोगों ने उस समय कहा कि नहीं, बहुत लंबा है, 3,700 किलोमीटर है, मुश्किल हो जाएगी, कैसे चला जाएगा? हमने कहा, नहीं, हम रिस्क ले लेते हैं, देखते हैं; चला जाए तो चला जाए, नहीं चला जाए तो रुक जाएंगे।



उन्होंने कहा कि,'हम सब यात्रियों के साथ कन्याकुमारी से निकले, और आमतौर से क्या होता है, अगर लंबा सफर होता है, तो शुरुआत में थकान नहीं होती, और जैसे आगे बढ़ते जाते हैं, थकान बढ़ती जाती है। आप लोगों ने सफर किए होंगे, आपको ये मालूम है, मगर इस सफर में बड़ी अजीब बात हुई, जो शुरुआत में थकान थी, वो कम होती गई, कम होती गई, कम होती गई, कम होती गई और ऐसा समय आया मैं दिवाली के लिए घर गया, वहाँ पर मैं अपने घर में पलंग पर लेटा हुआ था और सुबह उठा और मैंने सोचा कि भाई मैं तो वापस अपने कंटेनर में जाना चाहता हूँ, यहाँ मुझे ठीक नहीं लग रहा औऱ आप यात्रियों से पूछेंगे, तो 8 दिन में हमारी एक ब्रेक होती है, आप उनसे पूछिए, उस दिन कहते हैं, भईया, आज मजा नहीं आ रहा, हमें चलना है और अगर आप देखें, तो वहाँ पर, जहाँ हमारा कंपाउंड होता है, वहाँ आगे-पीछे चलते रहते हैं। ये क्यों हो रहा है, क्योंकि हम अपनी शक्ति का प्रयोग नहीं कर रहे हैं। हम जो आपका प्यार है, आपकी मोहब्बत है, उसका प्रयोग कर रहे हैं और आपने अपनी मोहब्बत देकर अपना सपोर्ट देकर हमारे काम को बहुत आसान कर दिया है। पता ही नहीं लग रहा, मैं आपको बता रहा हूँ।



आज कमलनाथ जी, मैं बता देता हूँ, आज इनको बुखार है, दवाई खाई है । आज इन्होंने मुझे सुबह बोला कि मुझे 101 बुखार है, मैंने कहा, रेस्ट ले लो। कहते हैं, नहीं, आखिरी दिन मैं भी चलना चाहता हूँ, मैं रेस्ट नहीं लूँगा, मैंने दवा खा ली है और देखिए, अब मुस्कुरा रहे हैं और ये सिर्फ कमलनाथ जी की बात नहीं है, ये सारे के सारे हमारे नेता हैं, 370 किलोमीटर हमारे सब नेताओं ने चला है, और आपसे बहुत सीखने को मिला है। किसानों से बात हुई, किसानों ने हमें पूरा समझाया। कपास के किसानों ने, सोया के किसानों ने, लहसुन के किसानों ने, सबने । उनकी जो मुश्किलें हैं, उनका जो दर्द है, गहराई में, घंटो हमने सुना है। गहराई में, बारीकी से उन्होंने हमें समझाया है।


राहुल गांधी ने कहा,'बीमा का पैसा डालते हैं, प्राईवेट कंपनी को पैसा दिया जाता है, तूफान आता है, बारिश हो जाती है, खेत बर्बाद हो जाता है, बीमा कंपनी का कोई नहीं मिलता। ये देखो, इनका बीमा नहीं मिला ( जनता में से एक व्यक्ति ने कहा कि मुझे बीमा का पैसा नहीं मिला ), ऐसे। आपका नाम क्या है? (व्यक्ति ने कहा- पाटीदार) । पाटीदार जैसे हजारों लोग इन सड़कों पर हमसे मिले, इन्होंने ये कहा ।


मैं आपसे पूछता हूँ, जो यहाँ पर किसान खड़े हैं, आपको सोयाबीन के लिए सही दाम मिलता है? फर्टिलाइजर के दाम, खाद यूरिया आपको आसानी से मिलता है, नहीं। यूरिया के दाम बढ़ गए, हाँ। तो ये सब आपने हमें बारीकी से समझाया है।


उन्होंने कहा कि,'युवाओं से बात हुई। युवा कहते हैं, हमने इंजीनियरिंग की, कोई कहता है, मैंने सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग सीखी, मैंने ये प्रोग्रामिंग सीखी, मैंने वो प्रोग्रामिंग सीखी, कम्प्यूटर को चलाना सीखा। अच्छा, अब क्या करते हो- अब मैं मजदूरी करता हूँ। कम्प्यूटर इंजीनियर, मैकेनिकल इंजीनियर, सिविल इंजीनियर, ये सारे के सारे आज के हिंदुस्तान में मजदूरी करने पर मजबूर हैं।


तो ये हालत है, सिर्फ मध्य प्रदेश के ही नहीं, हिंदुस्तान की और जो बीजेपी की पॉलिसीज हैं, वो डर पैदा करती हैं, समाज में डर पैदा करती हैं, चाहे वो नोटबंदी हो, चाहे वो गलत जीएसटी हो, चाहे वो कोविड के समय की पॉलिसीज हों। इनका लक्ष्य समाज में, किसानों के दिल में, छोटे व्यापारियों के दिल में, स्मॉल और मीडियम बिजनेस चलाने वालों के दिल में, युवाओं के दिल में डर भरने का है, क्योंकि वो उस डर को नफरत में बदलते हैं। जिसके दिल में डर नहीं है, उसके दिल में नफरत पैदा हो ही नहीं सकती, आप देख लो। जिसके दिल में डर नहीं होता और हमारी यहाँ माताएं बहनें हैं, इसको बहुत अच्छी तरह समझेंगी, देखिए, आप मुस्कुरा रही हैं, जिसके दिल में डर नहीं होता, उसके दिल में नफरत पैदा नहीं हो सकती । तो नफरत के लिए इनको डर की जरुरत होती है और इनकी सारी की सारी पॉलिसीज इस डर को पैदा करने के लिए की जाती हैं।



क्यों करते हैं, मैं बता देता हूँ, क्योंकि ये जो आपका धन है, किसानों का धन है, जो आपकी शिक्षा में जाना चाहिए, स्कूलों में जाना चाहिए, अस्पतालों में जाना चाहिए, वो आपसे छीनकर इनके सबसे बड़े उद्योगपति मित्रों को देना चाहते हैं। मार्केटिंग वो लोग करते हैं। ये जो हमारे प्रेस के मित्र हैं, आज दिख नहीं रहे मुझे, कहाँ गए वो? ये देखिए, यहाँ बैठे हैं, आज इनसे मिला, मजाक हो रहा था। मैंने इनसे कहा देखिए, आप ये मत समझिए कि मैं आपकी बुराई कर रहा हूँ। मैं मीटिंग में कभी- कभी कहता हूँ, जैसे शुरुआत में मैंने कहा, प्रेस के हमारे मित्रों, फिर मैं कहता हूँ, प्रेस के मित्र हैं, पर हमारी बात तो कभी दिखाते नहीं, तो कैसे मित्र हैं? टीवी पर हमारी बात नहीं आती, हम मनरेगा की बात करते हैं, वो नहीं दिखाते। हम नोटबंदी के बारे में बोलते हैं, वो नहीं दिखाते। गलत जीएसटी के बारे में बोलते हैं, वो नहीं दिखाते।



राहुल गांधी ने कहा,'''मैंने इनसे कहा, देखिए, आपकी गलती नहीं है। मैं जानता हूँ कि आपके पीछे लगाम लगी हुई है। जैसे ये आपको पकड़ रखा है, ये आपको छूट नहीं देते हैं, जो आपके दिल में है, जो आप बोलना चाहते हो, आपको अलाऊ नहीं करते। तो मैं आपकी बुराई नहीं कर रहा हूँ, मैं जिन लोगों ने आपके पीछे लगाम लगा रखी है, उन पर सवाल उठा रहा हूँ।



उन्होंने कहा कि,'हम पार्लियामेंट में बात उठाने की कोशिश करते हैं, माइक ऑफ कर देते हैं। बोलते जाओ जितना बोलना है, कुछ नहीं। देखो, मैं दिखाता हूँ, आपको । पार्लियामेंट में क्या होता है, मैं दिखाता हूँ, आपको। (माइक ऑफ करके बोलकर समझाते हुए) तो अब पार्लियामेंट का रास्ता बंद कर दिया। भईया, जो भी बोलो, जो भी बोलना है, जितना भी बोलो, मजे ले लो, देखो, (एक बार फिर माइक बंद करके बोलकर समझाते हुए)। आवाज ही नहीं आती।


मीडिया का रास्ता बंद, पार्लियामेंट में, विधानसभा में माइक बंद। तो हमने कहा, चलो, सड़क को तो बंद नहीं कर सकते। तो इसलिए हम 3,700 किलोमीटर सड़क पर चले, आपको बताने कि ये जो नफरत फैलाई जा रही है, इससे देश को नुकसान हो रहा है, ये जो लोगों को डराया जा रहा है, किसानों को, मजदूरों को, छोटे व्यापारियों को डराया जा रहा है, इससे देश का नुकसान हो रहा है। जो महंगाई बढ़ रही है, इससे देश का नुकसान हो रहा है, जो बेरोजगारी बढ़ रही है, इससे देश का नुकसान हो रहा है और जब हमने ये बात उठाई, आपने ये बात बहुत अच्छी तरह समझी और आप इस यात्रा में सब के सब शामिल हुए, तो मैं आपका दिल से धन्यवाद करना चाहता हूँ ।



राहुल गांधी ने कहा,'अब हम यहाँ से, मध्य प्रदेश से निकल रहे हैं, राजस्थान जा रहे हैं। आपने पूरा प्यार दिया, मदद की हमारी, ये मैं जिंदगीभर नहीं भूलूँगा। कांग्रेस वाले कोई नहीं भूलेंगे और आखिर में, मैं आप, हमारे जो पुलिस वाले हैं, जिन्होंने इस यात्रा की मदद की, आप हमारे साथ चले, आपको भी कष्ट हुआ, आपको भी धक्के लगे, आपका भी मैं दिल से धन्यवाद करना चाहता हूँ। सबका बहुत-बहुत धन्यवाद । नमस्कार। जय हिंद।



बता दे कि,'' यात्रा 7 सितंबर को कन्याकुमारी से शुरू हुई, 12 राज्यों से होकर गुज़रेगी और जम्मू-कश्मीर में समाप्त होगी। यात्रा 150 दिनों के विस्तार में लगभग 3,500 किलोमीटर की दूरी तय करेगी। इस यात्रा का उद्देश्य भारत को एकजुट करना है, साथ मिलकर देश को मज़बूत करना है। यात्रा को समाज के हर वर्ग का अभूतपूर्व प्यार और समर्थन मिल रहा है। आज हमारे देश को विभाजित करने वाले आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों के खिलाफ आवाज़ उठाने के लिए कांग्रेस नेताओं के साथ लाखों लोग आंदोलन में शामिल हुए हैं। यह यात्रा बड़े पैमाने पर बेरोज़गारी, महंगाई, नफ़रत, विभाजन की राजनीति और हमारी राजनीतिक व्यवस्था के अति-केंद्रीकरण के ख़िलाफ जन-जागरण का काम कर रही है।




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TVL News (TheViralLines) के संवाददाता। यह रिपोर्ट स्थानीय स्रोतों और उपलब्ध आधिकारिक जानकारी की पुष्टि के बाद प्रकाशित की गई है। किसी तथ्य में सुधार के लिए संपर्क करें या +91 99996 56869 पर WhatsApp करें।

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यह रिपोर्ट 5 दिसंबर 2022 को TVL News पर प्रकाशित हुई और 9 मई 2025 को अपडेट की गई। नई जानकारी मिलने पर खबर को अपडेट किया जाता है।

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