नई दिल्ली: दिल्ली कूच कर रहे आंदोलनरत किसानों को पुलिस ने रास्ते में रोकने के पुख्ता इंतजाम किए हैं|रास्ते में किसानों पर कहीं लाठीचार्ज और आंसूगैस के गोले दागे गए हैं तो कहीं कंटीले तारों से उनके रास्तों की बैरिकेडिंग की गई है| हरियाणा पुलिस (Haryana Police) ने तो सड़क पर गड्ढे खोद दिए हैं| कई जगहों पर बैरिकेड्स हटाने के दौरान पुलिस और किसानों में झड़पें भी हुई हैं| किसान किसी भी कामत पर दिल्ली पहुंच कर नए कृषि कानूनों के प्रावधानों का विरोध करना चाहते हैं|
किसानों ने बताया, "पुलिस ने हमें पानी की बौछारें और आंसू गैस के गोलों से रोकने की बहुत कोशिश की लेकिन हमने इसकी परवाह नहीं की और हम दिल्ली की ओर आगे बढ़ रहे हैं।" एक किसान ने बताया, "हम किसी भी हालत में दिल्ली पहुंचेंगे। हम 6 महीने का राशन लेकर आए हैं।एक अन्य किसान ने बताया, "हमें प्रदर्शन करने का भी हक नहीं है, ऐसे बेरिकेड लगाए हैं जैसे कि हम पाकिस्तान या चीन से आए हैं। हम अपनी राजधानी में प्रदर्शन करने जा रहे हैं।"
कांग्रेस ने किसानों के विरोध प्रदर्शन को लेकर केंद्र और भाजपा पर निशाना साधा। किसानों के विरोध प्रदर्शन पर कांग्रेस नेता जयवीर शेरगिल ने कहा,''देश के किसान के साथ भाजपा ईस्ट इंडिया कंपनी और जनरल डायर जैसा व्यवहार कर रही है। जिस किसान का लाल गुलाब देकर स्वागत करना चाहिए, उसका लाल लहू भाजपा बेशर्मी से सड़कों पर बहा रही है|
जयवीर शेरगिल ने कहा,''भाजपा एक तरफ पाकिस्तान आतंकवाद समर्थित आईएसआई आर्मी का लाल कालीन बिछा कर पंजाब में स्वागत करती है, पर पंजाब के किसान को दिल्ली में आने की इजाज़त नहीं देती। क्या ये नया भारत है?
भाजपा देश के किसानों के साथ ईस्ट इंडिया कंपनी और जनरल डायर की तरह व्यवहार कर रही ;लाल गुलाब से इनका स्वागत करने की बजाय बीजेपी बेशर्मी से हमारे किसानों का लाल खून बहा रही है; भाजपा जिम्मेदार नहीं बल्कि ज़ालिम सरकार है ;ये किसानों की नहीं बेईमानों की सरकार है
कांग्रेस ने तीन नए कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली कूच करने की कोशिश कर रहे किसानों का समर्थन करते हुए शुक्रवार को कहा कि केंद्र में जिस दिन उसकी सरकार बनेगी उसी दिन इन ‘काले कानूनों’ को निरस्त कर दिया जाएगा। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने यह भी कहा कि उनकी पार्टी किसानों की मांगों को पूरा कराने के लिए उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है।उधर, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने कहा कि ‘एक देश, एक चुनाव’ की बात करने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को किसानों के संदर्भ में ‘एक देश, एक व्यवहार’ पर अमल करना चाहिए।