नई दिल्ली: सरकार ने नारियल विकास बोर्ड अधिनियम, 1979 में संशोधन करने का फैसला किया| इसके तहत क्षेत्र में उत्पादन एवं उत्पादकता को बढ़ाना देने की सरकार की कोशिशों के अंतर्गत बोर्ड के अध्यक्ष के पद को गैर कार्यकारी बनाना है| केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने नारियल विकास बोर्ड के अध्यक्ष पद को गैर-कार्यकारी अध्यक्ष बनाने के लिए नारियल विकास बोर्ड अधिनियम, 1979 में संशोधन को मंजूरी दी|
कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि ,''केंद्रीय मंत्रिमंडल ने कृषि, सहकारिता तथा किसान कल्याण विभाग के नारियल विकास बोर्ड के अध्यक्ष पद को गैर-कार्यकारी बनाने के प्रस्ताव को अपनी स्वीकृति दे दी है। इससे बड़े पैमाने पर नारियल उत्पादकों को लाभ होगा।
तोमर ने कहा कि,''हमारे देश में एक बड़े क्षेत्र में नारियल की खेती होती है। इसका उत्पादन बढ़े और किसानों को सहूलियत दिया जा सके इसके लिए 1981 में नारियल बोर्ड एक्ट लाया गया था इसमें हम संशोधन करने जा रहे हैं। बोर्ड का अध्यक्ष गैर शासकीय व्यक्ति होगा|
कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि अध्यक्ष का पद गैर कार्यकारी होगा और कार्यकारी शक्तियों के लिए एक सीईओ होगा| कृषि मंत्री ने बताया कि क्षेत्र में काम का अनुभव रखने वाले व्यक्ति को बोर्ड का गैर कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया जाएगा|
उन्होंने बताया कि इसके अलावा भी कई बदलाव किए जाएंगे| केंद्र सरकार चार राज्यों से चार सदस्यों को नामित करने के मौजूदा चलन से इतर बोर्ड में छह सदस्यों को नामित करेगी| तोमर ने कहा कि आंध्र प्रदेश और गुजरात से दो सदस्यों को बोर्ड में नियुक्त किया जाएगा|मंत्री ने कहा कि बोर्ड देश के बाहर भी गतिविधियों में शामिल हो सकता है|
तोमर ने कहा कि,''बजट में कहा गया था कि मंडियां समाप्त नहीं होगी बल्कि मंडियों को और मज़बूत किया जाएगा। मंडियों को और संसाधन मिले इस दृष्टि से प्रयास किया जाएगा। कृषि अवसंरचना फंड को आत्मनिर्भर भारत के तहत 1 लाख करोड़ रुपये प्रवर्धित किया गया है उस फंड का उपयोग APMC कर सकेगी|