नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सभी को मुफ्त में वैक्सीन दिए जाने वाले फैसले पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि ,''सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को फटकार लगाई और लोगों ने भी कहा तब जाकर केंद्र सरकार ने सभी के लिए वैक्सीन मुफ्त करने का निर्णय लिया|
फैसले पर टीएमसी सांसद सौगत रॉय ने कहा कि,''PM को लगा उनकी वैक्सीन नीति नाकाम हो रही है। आगे यूपी चुनाव है। सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट को लेकर भी लोग नाराज थे। पांच राज्यों के चुनाव में असम छोड़कर BJP सब जगह हार गई। उन्होंने अपनी स्थिति को फिर से मजबूत करने के लिए सभी को वैक्सीन मुफ्त में देने का फैसला किया|
छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा,';प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के सभी लोगों के लिए अब वैक्सीन मुफ्त कर दी है। देर आए दुरुस्त आए, जो होना चाहिए था वह फिर से हो रहा है। वैक्सीन नीति में केंद्र सरकार को पहले कोई बदलाव नहीं करना चाहिए था|
वहीं, कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने दावा किया कि सरकार ने यह फैसला दबाव में लिया है। कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि,'जब राज्य की सरकारों ने केंद्र पर दबाव डालकर मुफ्त में वैक्सीन देने की बात कही और सुप्रीम कोर्ट ने दखल दिया उसके बाद ही प्रधानमंत्री को सभी लोगों के लिए वैक्सीन मुफ्त करने का फैसला करना पड़ा। इससे साफ होता है कि PM ने यह फैसला दबाव में लिया है|
NCP के नेता नवाब मलिक ने कहा कि,''प्रधानमंत्री ने सभी लोगों को मुफ्त में वैक्सीन लगाने का जो फैसला किया है वह उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के दबाव में आकर किया है। केंद्र सरकार ने कोरोना में अपनी विफलताओं को छुपाने के लिए यह निर्णय लिया है। सरकार डैमेज कंट्रोल करने में लगी है|
बता दें कि,''राष्ट्र के नाम संबोधन में PM नरेंद्र मोदी ने कहा कि केंद्र सरकार ने सभी देशवासियों को मुफ्त वैक्सीन लगाने का फैसला किया है।पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा,''आज ये निर्णय लिया गया है कि राज्यों के पास वैक्सीनेशन से जुड़ा जो 25% काम था उसकी जिम्मेदारी भी भारत सरकार उठाएगी| ये व्यवस्था आने वाले 2 सप्ताह में लागू की जाएगी।
मोदी ने कहा कि,''21 जून, सोमवार से देश के हर राज्य में, 18 वर्ष से ऊपर की उम्र के सभी नागरिकों के लिए, भारत सरकार राज्यों को मुफ्त वैक्सीन मुहैया कराएगी। वैक्सीन निर्माताओं से कुल वैक्सीन उत्पादन का 75 प्रतिशत हिस्सा भारत सरकार खुद ही खरीदकर राज्य सरकारों को मुफ्त देगी|देश में बन रही वैक्सीन में से 25 प्रतिशत, प्राइवेट सेक्टर के अस्पताल सीधे ले पाएं, ये व्यवस्था जारी रहेगी।
इंडियन यूथ कांग्रेस के नेशनल प्रेसीडेंट श्रीनिवास बीवी ने ट्वीट करते हुए लिखा, 'पीएम को 'दूरदर्शी' राहुल गांधी की सलाह मानने में एक महीने से ज्यादा समय लग गया।' उन्होंने राहुल गांधी का पुराना ट्वीट साझा करते हुए अपनी बात कही। 29 अप्रैल 2021 को किए गए इस ट्वीट में राहुल गांधी ने सभी को मुफ्त वैक्सीन देने की बात कही है। श्रीनिवास ने उनकी इस बात को हाईलाइट किया है।
कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने यह आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने देश में पहले के टीकाकरण के कार्यक्रमों के बारे में टिप्पणी करके अतीत की चुनी हुई सरकारों और वैज्ञानिकों का अपमान किया है।
उन्होंने कहा, ‘मनमोहन सिंह, सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने पिछले कई महीनों में बार बार यह मांग रखी कि 18 साल से अधिक उम्र के लोगों को मुफ्त टीका लगना चाहिए, लेकिन मोदी सरकार ने इससे इनकार कर दिया। फिर सुप्रीम कोर्ट ने मोदी जी और उनकी सरकार को कटघरे में खड़ा किया।’
कांग्रेस महासचिव रणदीप सुरजेवाला ने कहा, ‘फिलहाल खुशी है कि हर नागरिक को मुफ्त टीका मुहैया कराने की मांग सरकार ने आंशिक रूप से मान ली है। प्रधानमंत्री आज भी अपने मुंह मियां मिट्ठू बने। देर आए, लेकिन पूरी तरह दुरुस्त नहीं आए।’उन्होंने सवाल किया, ‘छह महीने में टीकाकरण की तीन बार नीतियां बदलकर लाखों लोगों के जीवन को खतरे में डालने के लिए मोदी जी को जिम्मेदार क्यों नहीं ठहराया जाए?
इंडियन यूथ कांग्रेस के नेशनल प्रेसीडेंट श्रीनिवास बीवी ने ट्वीट करते हुए लिखा, 'पीएम को 'दूरदर्शी' राहुल गांधी की सलाह मानने में एक महीने से ज्यादा समय लग गया।' उन्होंने राहुल गांधी का पुराना ट्वीट साझा करते हुए अपनी बात कही। 29 अप्रैल 2021 को किए गए इस ट्वीट में राहुल गांधी ने सभी को मुफ्त वैक्सीन देने की बात कही है। श्रीनिवास ने उनकी इस बात को हाईलाइट किया है।
पीएम नरेंद्र मोदी के '' सभी देशवासियों को मुफ्त वैक्सीन लगाने के ऐलान पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा ने कहा कि,''प्रधानमंत्री की 'सभी के लिए मुफ्त टीके' योजना की घोषणा सरकार की नीति में एक स्वागत योग्य बदलाव है। महीनों तक मुफ्त टीकाकरण के सुझावों को नकारने के बाद अंतत: सरकार को शायद अपनी दोषपूर्ण नीति का अहसास हो गया है|
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा ने कहा कि,''यह ईमानदारी से चिंतन का समय है। काश यह घोषणा जनवरी में की जाती। इस देरी के परिणामस्वरूप हजारों मौतें हुईं जिसकी पीड़ा पूरे देश के लिए असहनीय रही है व जिसने सब की आत्मा को व्यथित किया है। बर्बाद परिवारों व देशवासियों को हुई पीड़ा के लिए कोई भी मुआवजा पर्याप्त नहीं हो सकता है।
आनंद शर्मा ने कहा कि,''माननीय प्रधान मंत्री ने एक ऐसे गौरवान्वित भारत के नेता के रूप में पदभार ग्रहण किया था जिसे वर्षों पहले WHO ने दुनिया के सबसे बड़े वैक्सीन उत्पादक देश के रूप में मान्यता दी थी। यह एक सतत राष्ट्रीय प्रयास रहा है जिसमें कई दशक लगे थे।
पिछले 70 सालों में हमारे वैज्ञानिकों व प्रौद्योगिकीविदों के काम पर हमें गर्व है। सब ने मिलकर 1949 में स्थापित ICMR, 1952 में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी, सीरम इंस्टीट्यूट 1966, 1978 में IVCOL, BIBCOL 1978 और IGIB 1978 जैसे कई गौरवशाली संस्थान बनाएं।
आनंद शर्मा ने कहा कि,''प्रधानमंत्री पद की गरिमा और बढ़ती यदि मोदी जी ने भारत के प्रथम प्रधान मंत्री पंडित नेहरू के योगदान और दूर दृष्टि के साथ उनके गौरवशाली उत्तराधिकारियों-शास्त्री जी, इंदिरा जी, राजीव जी, वाजपेयी जी और डॉ मनमोहन सिंह जी के योगदान को स्वीकारा होता। आज केंद्र और राज्यों के बीच सहयोग का एक नया अध्याय शुरू करने का समय है ताकि इसे हमारे देशवासियों के जीवन को बचाने का सामूहिक राष्ट्रीय प्रयास बनाया जा सके।