नई दिल्ली: केंद्र ने सार्वजनिक नीति थिंक टैंक, सेंटर फॉर पॉलिसी रिसर्च (CPR) के विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (FCRA) लाइसेंस को निलंबित कर दिया है| गृह मंत्रालय ने CPR के विदेशी फंडिंग लाइसेंस को कानून का उल्लंघन करने पर निलंबित कर दिया है| अब ये एनजीओ विदेशों से फंड प्राप्त नहीं कर सकता|पिछले साल सितंबर में आयकर विभाग (IT) ने सेंटर फॉर प़ॉलिसी रिसर्च के दफ्तर में व्यापक सर्वेक्षण किया था और ऑक्सफैम इंडिया (Oxfam India) के दफ्तर पर भी छापे मारे थे|
सीपीआर एक गैर-लाभकारी संगठन है, जिसे भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICSSR) से भी अनुदान प्राप्त होता है| यह विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग की एक मान्यता प्राप्त संस्था है| सीपीआर की वेबसाइट के अनुसार यह सन् 1973 से भारत की अग्रणी सार्वजनिक नीति थिंक-टैंक में से एक है|
सीपीआर एक गैर-पक्षपातपूर्ण और स्वतंत्र संस्थान है जो अनुसंधान करने के लिए समर्पित है| जो प्रोत्साहन छात्रवृत्ति, बेहतर नीतियों और भारत में जीवन को प्रभावित करने वाले मुद्दों के बारे में अधिक योगदान देता है|
यह भारत के सर्वश्रेष्ठ विचारकों और चिकित्सकों को एक साथ लाता है, जो अनेक विषयों और नीतिगत क्षेत्र में अनुसंधान को प्रोत्साहित करता है| इसके अलावा सीपीआर भारत की 21वीं सदी की चुनौतियों पर ध्यान देने के साथ प्रासंगिक मुद्दों की एक विस्तृत श्रृंखला पर उन्नत और गहन शोध करता है|