पटना: लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से चिराग पासवान को हटाया गया है| सूरजभान सिंह को पार्टी का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। पार्टी ने उन्हें पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष की नियुक्ति के लिए चुनाव कराने का प्रभार भी दिया है
लोक जनशक्ति पार्टी से बगावत करने वाले चिराग पासवान के चाचा और सांसद पशुपति कुमार पारस के नेतृत्व में हुई बैठक में चिराग पासवान को राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से मुक्त कर दिया गया। उनकी जगह सूरजभान सिंह को राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया।
लोजपा में चिराग से बगावत करने वाले गुट ने पांच दिनों के अंदर नए राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव कराने का एलान भी किया है। पार्टी में बगावत के बाद इससे पहले चिराग ने अपनी मां और दिवंगत नेता राम विलास पासवान की पत्नी रीना पासवान को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने का प्रस्ताव दिया था। लेकिन बगावत करने वाले गुट ने इंकार कर दिया था|
ये खबर सामने आने के बाद चिराग के समर्थकों ने पटना में एलजेपी के दफ्तर में बवाल काटा| चिराग पासवान के समर्थकों ने पटना में पार्टी कार्यालय के बाहर पशुपति कुमार पारस सहित लोजपा के 5 सांसदों के पोस्टरों पर काली स्याही पोत दी| पुलिस ने मौके पर पहुंचकर माहौल को शांत कराने की कोशिश की|
चिराग पासवान के चाचा पशुपति पारस को एलजेपी संसदीय दल का नया नेता चुना गया था| लोकसभा में लोक जनशक्ति पार्टी के नेता बनने के साथ उन्होंने पार्टी में अपनी पकड़ मजबूत करने के संकेत दिए थे|स्पीकर ओम बिरला ने उन्हें संसदीय दल के नेता के तौर पर मान्यता भी दे दी है|एलजेपी के पांच सांसदों ने महबूब अली कैसर को उपनेता चुना है| चंदन सिंह को पार्टी का मुख्य सचेतक बनाया गया है|
लोक जनशक्ति पार्टी में सांसद चिराग पासवान के खिलाफ बागी तेवर दिखाने वाले सांसदों में पशुपति पारस के अलावा चंदन सिंह, प्रिंस राज, वीणा देवी और महबूब अली कैसर शामिल हैं| माना जा रहा है कि पशुपति पारस या एलजेपी के किसी और नेता को मोदी सरकार के संभावित कैबिनेट विस्तार में भी जगह मिल सकती है|