नई दिल्ली: पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान की मौत पर बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी की पार्टी ने सवाल उठाया है|हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) ने PM नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर LJP नेता राम विलास पासवान की मौत की जांच की मांग की। "राम विलास पासवान के निधन से जुड़े कई ऐसे सवाल हैं जो अपने आप में चिराग पासवान को कटघरे में खड़ा करते हैं।"
HAM द्वारा राम विलास पासवान की मौत की जांच की मांग को लेकर लिखे गए पत्र पर LJP प्रमुख चिराग पासवान ने कहा कि ,''शर्म आनी चाहिए उन्हें। जब मेरे पिता जी अस्पताल में थे तब मेरी बात मांझी जी से हुई थी और उस वक्त मैंने बता दिया था कि उनकी तबीयत बहुत खराब हैं।"
चिराग पासवान ने कहा कि ,जब पिता जी जीवित थे और अस्पताल में थे उस वक्त क्या किया मांझी जी ने और आज इस तरह से बातें कर रहे हैं। इतनी चिंता उस वक्त क्यों नहीं थी। मुझे अब ये समझ नहीं आ रहा कि जो व्यक्ति आज इस दुनिया में नहीं है उस पर अब सब राजनीति करने को क्यों तैयार हैं|
पासवान ने कहा कि ,जो लोग एक बेटे के बारे में ऐसी बातें कर रहे हैं उन्हें खुद पर शर्म आनी चाहिए। मैंने मांझी जी को फोन पर अपने पिता की गं??ीर स्थिति के बारे में बताया है, फिर भी वह कभी मेरे बीमार पिता को देखने नहीं आए| मांझी जी जिस तरह से अब मेरे पिता के बारे में बात कर रहे हैं, जब उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था, तब उन्होंने उनके बारे में इतनी चिंता क्यों नहीं दिखाई? हर कोई अब एक मृत व्यक्ति के ऊपर राजनीति खेल रहा है, जब वे जीवित थे तो किसी ने उसे जाने की जहमत क्यों नहीं उठाई?
गौरतलब है कि ,'HAM प्रवक्ता डॉ दानिश रिजवान ने इस मामले में LJP अध्यक्ष चिराग पासवान पर सवाल उठाया है| दानिश रिजवान ने कहा है कि देश जानना चाहता है कि आखिर चिराग पासवान रामविलास पासवान से जुड़े कौन से राज को छुपा रहे हैं, ये देश जानना चाहता है|
HAM के प्रवक्ता दानिश रिजवान ने पीएम को लिखे पत्र में रामविलास की मौत को लेकर कई तरह के सवाल उठाए हैं|उन्होंने कहा है कि रामविलास पासवान के निधन से जुड़े कई सवाल हैं जो चिराग पासवान को कठघरे में खड़ा करते हैं|
दानिश रिजवान ने कहा कि किसी केंद्रीय मंत्री के अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान आखिर किसके कहने पर अस्पताल प्रशासन ने रामविलास पासवान का मेडिकल बुलेटिन जारी नहीं किया|आखिर किसके कहने पर अस्पताल प्रशासन ने राम विलास पासवान से सिर्फ तीन लोगों को ही मिलने की इजाजत दी गई थी|
HAM का कहना है कि ऐसे कई सवाल हैं जिनका जवाब रामविलास पासवान के परिजनों के साथ-साथ उनके प्रशंसक जानना चाहते हैं, इसलिए इन बातों को ध्यान रखते हुए रामविलास पासवान के निधन की न्यायिक जांच की जाए|