नई दिल्ली: LPG सिलेंडर और पेट्रोल-डीजल के दामों में बढ़ोतरी को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर हमला बोला। सोमवार को कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत रसोई गैस के दाम में बढ़ोतरी के विरोध में सिलिंडर के साथ संवाददाता सम्मेलन में पहुंचीं और सरकार से बढ़ी हुई कीमतें तत्काल वापस लेने की मांग की। सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि,'नरेंद्र मोदी जी की निर्मम और अनैतिक सरकार ने किसानों के साथ तो अन्याय करने की ठान ही ली है। हर तरह का अन्याय और बर्बरता कर ही रहे हैं पर अब देश के हर चूल्हे-चौके, हर गृहिणी, आम-आदमी की भी कमर तोड़ने का फैसला कर लिया है|
कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि,पेट्रोल और डीजल के दाम जैसा कि आप सभी को पता है कि ₹100 के पार हो गए हैं। पेट्रोल का दाम एक नया कीर्तिमान स्थापित कर रहा है| मात्र 10 दिनों के अंदर रसोई गैस के सिलेंडर में ₹75 की कीमत का इजाफा हुआ है। 4 फरवरी को सिलेंडर की कीमत ₹25 बढ़ी थी और अब 15 तारीख़ से यह कीमत ₹50 और बढ़ा दी गई है|
सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि,''यही नहीं दिसंबर 2020 मतलब 2 महीने के अंतर्गत यह कीमत ₹175 प्रति सिलेंडर बढ़ चुकी है। क्योंकि आपको याद होगा कि दिसंबर 2020 में दो बार ₹50-₹50 की वृद्धि हुई थी| यही सिलेंडर जो दिसंबर में दिल्ली में ₹594 का बिकता था वह आज दिल्ली शहर में ₹769 का बिक रहा है|
इस सरकार के कारण:
- आज अर्थव्यवस्था पूरी तरह से ठप्प हो चुकी है
- बेरोजगारी मुंह बाए खड़ी है
- इन्हीं के कुप्रबंधन के चलते लोगों का वेतन घटता जा रहा है
- और अब आप लोगों पर कमरतोड़ महंगाई का वार कर रहे हैं|
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि,''वह प्रहार फिर चाहे पेट्रोल डीजल का दाम हो या रसोई गैस की कीमतें। इसका प्रभाव अमीर से अमीर और गरीब से गरीब आदमी पर पड़ता है लेकिन सरकार को इससे रत्ती भर भी फर्क नहीं पड़ता है| इस कमरतोड़ महंगाई के दौरान सरकारी ख़ज़ाने भरने में ज़रा सी भी चूक नहीं हुई है। जब कच्चे तेल की क़ीमत में ऐतिहासिक गिरावट हुई तो आम भारतीय को राहत देने के बजाय सरकार ने निरंतर एक्साइज ड्यूटी बढ़ा कर खूब पैसा कमाया|
मोदी सरकार ने अपने कार्यकाल के दौरान एक्साइज ड्यूटी को दर्जन बार बढ़ाकर लगभग 24 लाख करोड़ रुपए कमाए हैं जो कि आम जनता का हक़ था| यह इसी सरकार की ही दया है कि पेट्रोल और डीज़ल के दाम में एक नया कीर्तिमान स्थापित हो रहा है। मोदी सरकार ने अभी तक के अपने कार्यकाल में 8 गुना एक्साइज ड्यूटी डीजल के ऊपर बढ़ाई है और 2.5 गुना एक्साइज ड्यूटी पेट्रोल के ऊपर बढ़ी है|
हमारी सरकार में यही एक्साइज ड्यूटी डीज़ल पर ₹3.50/ लीटर थी जो अब ₹32/ लीटर है और जो पेट्रोल पर ₹ 9/ लीटर थी वो अब ₹33/लीटर है। इसी को वापस कर लेने मात्र से ही आम जन मानस को भारी राहत मिलेगी| एक्साइज ड्यूटी के ढांचे को बदलकर अब सरकार ने एक नया तरीक़ा निकाला है कि जो ₹2.5 और ₹4 प्रति लीटर पेट्रोल और डीज़ल पर सेस लगाया गया है उसका सीधा मतलब है कि यह राज्यों के साथ साँझा नहीं किया जाएगा। यह पैसा अकेले केंद्र सरकार रखेगी|
मोदी जी ने गृहिणी और आम आदमी के बजट में ऐसी सेंध लगा दी है जिससे वह जूझ पाने में असमर्थ है। अगर आम आदमी इन आसमान छूती हुई क़ीमतों के खिलाफ बोलेगा तो उसके ऊपर देश द्रोही होने का ठप्पा लग जाएगा| इस सरकार को अर्थव्यवस्था की कोई समझ नहीं है। महंगाई पहले से ही लगातार बढ़ रही है। गैस सिलेंडर और पेट्रोल-डीज़ल की क़ीमतों में जो आग लगी हुई है उससे महंगाई और बढ़ेगी |
महंगाई के बढ़ने का मतलब है RBI को इंटरेस्ट रेट बढ़ाने पड़ेंगे मतलब थोड़ी बहुत माँग पर कैसे पानी फेरा जाए यह कोई मोदी सरकार से सीख ले। यह सब तब हो रहा है जब आर्थिक मंदी अपनी चरम सीमा पर है|
हमारी माँग है कि:
- बढ़ी हुई क़ीमतों को तुरंत वापस लिया जाए
- एक्साइज ड्यूटी में बढ़ोतरी को वापस करके महंगाई और मंदी से जूझ रहे जनमानस को राहत दी जाए|
ने कहा कि,''यूपीए सरकार के समय एक सिलिंडर की कीमत 400 रुपये के करीब थी। उस समय कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल से ज्यादा थी, लेकिन पेट्रोल-डीजल की कीमतों को नियंत्रित रखा गया था। अब पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतें आसमान छू रही हैं। इस सरकार के कुप्रबंधन के कारण देश को महंगाई की मार झेलनी पड़ रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि यह सरकार डीजल पर उत्पाद शुल्क को आठ गुना और पेट्रोल पर ढाई गुना बढ़ा चुकी है। इस सरकार की कृपा है कि देश ने पेट्रोल की कीमत के मामले में शतक लगा दिया है और नया कीर्तिमान गढ़ दिया है। ऐसा लगता है कि इस सरकार को आम आदमी की रत्ती भर फिक्र नहीं है। सुप्रिया ने सवाल किया कि क्या सरकार का काम ‘मुनाफाखोरी’ करना है? क्या सरकार का काम मुनाफाखोरी करके आम जनता की कमर तोड़ने का है..?