नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी अभी कांग्रेस पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष बनी रहेंगी| अगले 6 महीने के भीतर नए प्रमुख चुने जाने हैं।कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की बैठक 7 घंटे के बाद संपन्न हुई| कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की बैठक संपन्न होने के बाद पार्टी प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की| रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि 'CWC (कांग्रेस वर्किंग कमेटी) ने एकमत से सोनिया गांधी से निवेदन किया है कि कोरोना काल में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के अगले अधिवेशन के बुलाए जाने तक वे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की अध्यक्षा के गरिमामय पद पर नेतृत्व करें|
प्रेस कॉन्फ्रेंस में रणदीप सुरजेवाला सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल रहे| कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि,''कांग्रेस कार्यसमिति ने कांग्रेस अध्यक्षा श्रीमती सोनिया गांधी जी द्वारा संगठन महासचिव को लिखे गए पत्र एवं कुछ कांग्रेस नेताओं द्वारा कांग्रेस अध्यक्षा को लिखे गए पत्र का संज्ञान लिया|कांग्रेस कार्यसमिति ने इन पत्रों पर गहन विचार-विमर्श किया और विस्तृत चर्चा के बाद निम्नलिखित निष्कर्ष निकाले|
पहला: पिछले छः महीनों में देश पर आई विपत्तियां में (1) कोरोना महामारी है, जो हजारों जिंदगी ले चुकी है; (2) तेजी से गिरती अर्थव्यवस्था; (3) करोड़ों रोजगारों का नुकसान एवं बढ़ती गरीबी तथा (4) चीन द्वारा भारतीय सीमा में घुसपैठ व कब्जे के दुस्साहस का संकट है|
दूसरा: इस चुनौतीपूर्ण समय में सरकार की हर मुद्दे पर संपूर्ण विफलता को उजागर करने व विभाजनकारी राजनीति एवं भ्रामक प्रचार-प्रसार का पर्दाफाश करने वाली सबसे ताकतवार आवाज श्रीमती सोनिया गांधी और श्री राहुल गांधी की है |प्रवासी मजदूरों की समस्याओं पर श्रीमती सोनिया गांधी के सटीक सवालों ने भाजपा सरकार की जवाबदेही सुनिश्चित की। उन्होंने सुनिश्चित किया कि कांग्रेस-शासित राज्यों में कोरोना महामारी को प्रभावशाली तरीके से सम्हाला जाए तथा हर वर्ग को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकें|
श्रीमती सोनिया गाँधी जी के नेतृत्व ने उच्च पदों पर बैठे लोगों को झकझोरा भी और सच्चाई का आईना भी दिखाया|श्री राहुल गांधी ने भाजपा सरकार के खिलाफ जनता की लड़ाई का दृढ़ता से नेतृत्व किया। कांग्रेस के हर कार्यकर्ता की व्यापक राय व इच्छा के मद्देनजर CWC श्रीमती सोनिया गांधी एवं श्री राहुल गांधी के हाथों व प्रयासों को हर संभव तरीके से मजबूत करने का संकल्प लेती है|
सीडब्लूसी की राय है कि पार्टी एवं इसके नेतृत्व को कमजोर करने की अनुमति किसी को नहीं दी जा सकती है। हर कांग्रेसी कार्यकर्ता एवं नेता की जिम्मेदारी है कि वह भारत के लोकतंत्र, बहुलतावाद व विविधता पर मोदी सरकार द्वारा किए जा रहे कुत्सित हमलों का डटकर मुकाबला क|
तीसरा: हमारे इन दोनों नेताओं की बुलंद आवाज ने, कांग्रेस के अंदर व बाहर, भारतीयों को देशवासियों के साथ खड़े हो भाजपा सरकार से जवाबदेही मांगने व सवाल पूछने के लिए प्रेरित किया है, जबकि सरकार जनता को अपने खोखले व स्वनिर्मित मुद्दों में उलझाकर रखना चाहती है|इन दोनों नेताओं के नेतृत्व में करोड़ों कांग्रेसी कार्यकर्ता व समर्थक बाहर निकल पड़े, ताकि मौजूदा भाजपा सरकार के अधीन शासन की भारी कमियों की भरपाई हो, जिनकी वजह से गरीब व मध्यम परिवार के लोगों को अपने अधिकारों व आजीविका से वंचित होना पड़ा|
चौथा: सीडब्लूसी ने संज्ञान लिया कि पार्टी के अंदरूनी मामलों पर विचार विमर्श मीडिया या सार्वजनिक पटल पर नहीं किया जा सकता। सीडब्लूसी ने सबको राय दी कि पार्टी से संबंधित मुद्दे पार्टी के मंच पर ही रखे जाएं, ताकि उपयुक्त अनुशासन भी रहे और संगठन की गरिमा भी|
पाँचवां: सीडब्लूसी कांग्रेस अध्यक्षा को अधिकृत करती है कि उपरोक्त चुनौतियों के समाधान हेतु जरूरी संगठनात्मक बदलाव के कदम उठाएं|उपरोक्त विचार विमर्श एवं निष्कर्ष के प्रकाश में सीडब्लूसी एकमत से श्रीमती सोनिया गांधी से निवेदन करती है कि कोरोना काल में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के अगले अधिवेशन के बुलाए जाने तक वह भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की अध्यक्षा के गरिमामय पद पर नेतृत्व करें|
वहीं,''कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने कहा कि,''जिन लोगों ने पत्र लिखा है वे निश्चित रूप से भाजपा के विरोधी हैं जैसा कि मैं हूं या श्री राहुल गांधी हैं। हमेशा असंतोष होता है, वास्तव में, यह कुछ असंतोष है जो बदलाव लाता है। जब तक असंतोष नहीं होगा, परिवर्तन नहीं होगा|
कांग्रेस वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने कहा कि,मैं कभी नहीं कहता कि सब ठीक है। क्या समुद्र की लहरें कभी खामोश हो जाती हैं, समुद्र में हमेशा लहरें होती रहेंगी। हमेशा कुछ असंतोष रहेगा। आज हमने कुछ मुद्दों को संबोधित किया है। मुझे लगता है कि आगे जाकर पार्टी मजबूत और अधिक सक्रिय हो जाएगी| राहुल गांधी की कथित टिप्पणी कि ''पार्टी नेतृत्व में सुधार के लिए सोनिया गांधी को पत्र लिखना "भाजपा की मिलीभगत से हुआ था" पर पी चिदंबरम ने कहा कि,''यह स्पष्ट किया गया है, किसी ने भी यह बयान नहीं दिया है। किसी ने यह आरोप नहीं लगाया कि भाजपा के साथ कोई भी सांठगांठ कर रहा था|