नई दिल्ली: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में न्यायमूर्ति डी.वाई.चंद्रचूड़ को भारत के 50वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में पद की शपथ दिलाई। राष्ट्रपति भवन के दरबार हॉल में आज (नवंबर 9, 2022) 10:00 बजे आयोजित एक समारोह में, न्यायमूर्ति डॉ धनंजय यशवंत चंद्रचूड़ ने भारत के सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ग्रहण किया। उन्होंने राष्ट्रपति के समक्ष पद की शपथ ली।
न्यायमूर्ति डी.वाई.चंद्रचूड़ ने सीजेआई यूयू ललित की जगह ली है, जो आज सेवानिवृत्त हो रहे हैं। इससे पहले छह नवंबर को सीजेआई यूयू ललित को औपचारिक सेरेमोनियल बेंच गठित कर विदाई दी गई थी। शपथ ग्रहण के बाद सीजेआई चंद्रचूड़ ने कहा, देश की सेवा करना मेरी प्राथमिकता है। हम भारत के सभी नागरिकों के हितों की रक्षा करेंगे। चाहे वह तकनीक हो, रजिस्ट्री सुधार हो या न्यायिक सुधारों के मामले में हों।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ लेने पर डॉ. न्यायमूर्ति डी.वाई. चंद्रचूड़ को बधाई दी।
जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ के पिता यशवंत विष्णु चंद्रचूड़ वाईवी चंद्रचूड़ देश के 16वें चीफ जस्टिस थे। वाईवी चंद्रचूड़ का कार्यकाल 22 फरवरी 1978 से 11 जुलाई 1985 तक करीब सात साल रहा। यह किसी सीजेआई का अब तक का सबसे लंबा कार्यकाल है। पिता के रिटायर होने के 37 साल बाद उनके बेटे जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ सीजेआई बने हैं।